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अगस्त, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नगर निगम लखनऊ ने आज़म खान की बहन को नोटिस भेजा

  रामपुर : सपा सांसद आजम खान की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती नजर आ रही है अब आजम खान के साथ-साथ उनकी बहन की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं जी हां आजम खान की बड़ी बहन के नाम लखनऊ के पॉश एरिया में आवंटित बंगले को नगर निगम ने एक नोटिस जारी किया है एक नोटिस उनके लखनऊ के बंगले पर चस्पा किया है और दूसरा नोटिस रामपुर में उनकी बहन को भेजा गया है   वहीं मुख्य शिकायतकर्ता मुस्तफा हुसैन ने बताया रामपुर के पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान ने समाजवादी पार्टी की सरकार में सत्ता का दुरुपयोग करते हुए वर्ष 2004 में अपनी सगी बहन जो कि रामपुर के जूनियर क़मरलका स्कूल में बच्चों को पढ़ाती थी और रामपुर जौहर विश्वविद्यालय ट्रस्ट की सदस्य और कोषाध्यक्ष भी थी उनके नाम पर के वे लखनऊ में निवास करती हैं लखनऊ नगर निगम से रिवर बैंक कॉलोनी में एक कोठी वर्ष 2004 में आवंटित कराई बाद में 2007 में एक बड़ी कोठी आवंटित कराई जबकि नियमानुसार उनको वह कोठी एलाट नहीं हो सकती थी शिकायतकर्ता मुस्तफा हुसैन ने कहा हमने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी और मुख्यमंत्री ने इसको जांच नगर निगम को सोपी थी इस शिकायत की पुष्टि नगर निगम ने भी क

कर्जमाफी के बजाय राजस्थान सरकार किसानों की बिजली मुफ्त करके मुनाफे मे रह सकती थी।

जयपुर।               राजस्थान सरकार किसानों की कर्जमाफी करने के बजाय कृषि क्षेत्र की बिजली हरियाणा व पंजाब सरकार की तरह मुफ्त कर देती तो आज सरकार काफी फायदे मे रह सकती थी।                 किसानों को बिजली चोर साबित करने के लिये विधुत विभाग का लम्बा चोड़ा लवाजमा रात दिन वीसीआर भरने मे लगा होने के बावजूद विधुत विभाग घाटे से उभर नही पा रहा है। यानि विभाग का खर्चा अधिक व आमदनी कम होने का परिणाम साफ नजर आ रहा है।             विधुत विशेषज्ञ अनुसार अगर राजस्थान सरकार किसानों को कृषि के लिये बिजली मुफ्त देती है तो पांच साल का सरकार पर अधिकतम साढे पांच हजार करोड़ रुपयो का भार आता है। जबकि राजस्थान सरकार ने किसानों का साढे गयारह हजार करोड़ से अधिक का कर्ज पिछले पांच साल मे माफ कर चुकी है। फिर भी कर्ज माफी की मांग निरंतर जारी है कि विभिन्न राष्ट्रीय कृत बैंको से लिया गया कर्ज भी माफ करे।           राजस्थान सरकार को कृषि के लिये खर्च होने वाली बिजली का कुल आंकलन करने के साथ साथ रकम कलेक्शन करने मे आने वाले खर्च मे कर्जमाफी की राशि को मिलाकर तुलनात्मक आंकलन करके किसानों का कर्ज माफ करने की बजाय उन्हे

राजस्थान कांग्रेस के वर्तमान हालात के अनुसार शांति व एकजुटता कायम होना मुश्किल नजर आ रहा है। - प्रदेश मध्यवर्ती चुनाव होने की तरफ बढता नजर आ रहा है।

जयपुर।               राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का राजनीतिक नेचर रहा बताते है कि वो अपने मुकाबले पार्टी के अंदर उभरते प्रत्येक मजबूत नेतृत्व को अवसर मिलते ही उसे कुचलकर मात्र अपने आपको सर्वेसर्वा बनाये रखने की हर मुमकिन कोशिश किसी भी हद तक जाकर हमेशा से करते आ रहे है।             कांग्रेस विधायक दल मे गहलोत व पायलट के नाम पर दो फाड़ होने का मात्र माहौल बनाकर अवसर पाते ही पायलट को भाजपा से मिलीभगत करने के नाम पर सदिग्ध करते हुये मुख्यमंत्री गहलोत ने मनोनीत प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट व सेवादल अध्यक्ष राकेश पारीक को पद से हटवाने का अवसर मिलते ही उन्हें हटवा कर उनकी जगह अपने खास लोगो को नये अध्यक्ष मनोनीत करवा लिये। लेकिन गहलोत ने हद तो तब कर दी जब लोकतांत्रिक तरीकें से चुनाव से मतदान होकर चुनकर आये युवक कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाकर व एनएनयूआई अध्यक्ष अमित पूनीया को भी हटवा कर उनकी जगह नये अध्यक्ष बनवा कर लोकतंत्र मूल्यों की ही एक तरह से हत्या करवा डाली।               कांग्रेस हाईकमान की पहल पर सचिन पायलट व उनके समर्थक विधायको से प्रियंका गांधी व राहुल गांधी सहित कुछ अन्य नेताओ ने वार

वसुंधरा राजे के कारण भाजपा छोड़ कांग्रेस मे जा चुके नेताओं की भाजपा मे वापसी की कोशिशें जारी।

जयपुर।              राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के चलते भाजपा छोड़कर कांग्रेस मे जाने वाले अनेक नेताओं को कांग्रेस मे अहमियत नही मिलने एवं गहलोत-वसुंधरा राजे की नजदीकियों के चलते गहलोत द्वारा भी उन्हें अछूत की तरह अलग थलग रखने के चलते दिग्गज ब्राह्मण नेता घनश्याम तिवाड़ी व भाजपा के एक समय के दिग्गज नेता रहे पूर्व केन्द्रीय विदेश मंत्री जसवंत सिंह जसोल के पूत्र पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह सहित एक दर्जन से अधिक नेताओं को हाईकमान भाजपा जोईन करवाने लगा है। राजस्थान कांग्रेस सरकार मे बढते आपसी टकराव व तनाव के चलते भाजपा प्रदेश मे किसी भी समय पर चुनाव होना मानकर तैयारी करने लगी है।               राजस्थान विधानसभा चुनाव के पहले व बाद मे भाजपा के अनेक नेताओं की वसुंधराराजे से अनबन होने के कारण भाजपा छोड़कर उनकी कांग्रेस मे जाना मजबूरी हो गई थी। उन नेताओं मे से अधिकांश नेताओं ने चुनाव भी लड़ा पर उनमे से एक दो को छोड़कर चुनाव जीत नही पाये। हार के बावजूद उनको उम्मीद थी कि उन्हें सरकार मे राजनीतिक नियुक्तियों व संगठन मे उनके राजनीतिक कद के अनुसार एडजस्ट किया जायेगा। लेकिन गहलोत सरकार को द

मदरसा बोर्ड को संवैधानिक दर्जा देने का प्रस्ताव पास करना समस्याओं का हल नही माना जायेगा। - मदरसो व मदरसा पैराटीचर्स की स्थिति मे बदलाव लाना सरकार की नीयत पर निर्भर करेगा।

जयपुर।               तत्तकालीन मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा वक्फबोर्ड के मार्फत मदरसो को आधुनिक तालीम से जोड़ने के लिये मदरसो के स्टुडेंट्स को निशुल्क पाठ्यपुस्तक व आदी दर पर नोटबुक उपलब्ध करवाने के साथ साथ तत्तकालीन वक्फबोर्ड चैयरमैन शोकत अंसारी की कोशिशो से मदरसो मे पैरा टीचर्स लगाने की शुरुआत करने के बाद राजस्थान के अधिकांश मदरसे जदीद तालीम से तत्तकालीन समय मे जुड़ने लगे थे। उस समय मदरसो की मेनेजमेंट कमेटी सरकारी दखल से अपने आपको काफी दूर रखने पर अड़ी हुई थी। लेकिन उसी समय वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल कय्यूम अख्तर ने राजस्थान मदरसा बोर्ड संस्थान नामक एक सहकारी संस्था का गठन करके उसको बाकायदा रजिस्टर कराके तत्तकालीन वक्फ बोर्ड चेयरमैन शोकत अंसारी के साथ मिलकर दोनो ने अनेक धार्मिक व सामाजिक लीडर्स को साथ लेकर प्रदेश के प्रत्येक मदरसो का दौरा करके उनकी प्रबंध समितियो से वार्ता करके उनको सरकारी मदद से टीचर्स लेने के अलावा सरकारी पाठयक्रम निशुल्क लेकर मदरसो मे आधुनिक तालीम पढाने के लिये तैयार किया था।                       तत्तकालीन मुख्यमंत्री भैरोसि

उत्तर प्रदेश विधानसभा में 27 विधेयक लाना, बिना चर्चा के स्वीकृत कराना, लोकतंत्र के लिए काला दिन और संविधान की हत्या हैः अजय कुमार लल्लू

लखनऊ, :: उ0प्र0 कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष एवं तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्री अजय कुमार लल्लू जी ने योगी सरकार द्वारा विधानसभा में 27 विधेयक लाने और बिना चर्चा के ही स्वीकृत कराने को लोकतंत्र के लिए काला दिन और संविधान की हत्या करार दिया है। उन्होने कहा कि उ0प्र0 की तीन दिवसीय विधानसभा सत्र के दौरान योगी सरकार ने दो दिन तो कण्डोलेन्स और एक दिन में 2 घण्टे में ही सदन को समाप्त कर दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पूरा प्रदेश कोरोना महामारी के संकट को झेल रहा है। दो-दो मंत्रियों की इस गंभीर बीमारी से मृत्यु हो गयी। बाढ़ की विभीषिका को पूरा प्रदेश झेल रहा है। बंधों की सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। व्यापक जन-धन की हानि हो रही है। कानून व्यवस्था प्रदेश सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। महिलाओं की अस्मत सुरक्षित नहीं है। फिरौती, हत्या और बलात्कार योगी सरकार में इस प्रदेश की पहचान बन गया है। श्री अजय कुमार लल्लू ने कहा कि जिस तरह यह सरकार राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते विपक्षी दलों की आलोचना कर रही है। तमाम पत्रकारों को, डाॅ0 कफील खान जैसे समाजसेवी तथा तमाम राजनीतिक लेाग

भारत ने एक दिन में 10 लाख से अधिक नमूनों की जांच का अभूतपूर्व स्तर पार किया

नयी दिल्ली, :: प्रतिदिन कोविड-19 जांच बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को कायम रखते हुए भारत ने एक दिन में 10 लाख से अधिक नमूनों की जांच के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर लिया है और अब तक देश में कुल 3.4 करोड़ से अधिक नमूनों की जांच की जा चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जांच में व्यापक बढ़ोतरी हुई है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘अधिक संख्या में जांच से जहां संक्रमण के मामलों की दर भी शुरू में बढ़ेगी, लेकिन तत्काल पृथक-वास, प्रभावी तरीके से रोगियों पर नजर रखने और समय पर प्रभावी एवं क्लीनिकल प्रबंधन जैसे अन्य उपायों से अंतत: यह कम होगी।’’ केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘प्रतिदिन कोविड-19 जांच में तेजी से वृद्धि की अपनी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए, भारत ने एक दिन में 10 लाख से अधिक नमूनों की जांच कर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर लिया है।” उन्होंने बताया कि शुक्रवार को कुल 10,23,836 नमूनों की जांच की गयी और भारत ने प्रतिदिन 10 लाख नमूनों की जांच करने के अपने संकल्प को हासिल किया। वैज्ञानिक और

राजस्थान कांग्रेस विवाद को लेकर बनी तीन सदस्यीय हाईपावर कमेटी के जयपुर आने को लेकर गहलोत भारी पड़ रहे है।

जयपुर।                ढेड महीने पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व तत्तकालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट मे मध्य खींची राजनीतिक तलवारों के बाद चले घटनाक्रमों के अंतिम पड़ाव पर सचिन पायलट की कांग्रेस मे वापसी होने के समय तय शर्तों मे से एक शर्त के अनुसार तीन सदस्यीय हाईपावर कमेटी के गठन होने के बाद जयपुर आकर मुद्दों की सुनवाई करने व कमेटी के जयपुर ना आकर दिल्ली मे ही सुनवाई करने को लेकर की जारी पायलट व गहलोत खेमे की कोशिश मे मुख्यमंत्री गहलोत खेमा भारी पड़ता नजर आ रहा है।                   हालांकि पायलट की वापसी के समय बनी सहमति को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजस्थान की कांग्रेस राजनीति मे घटे घटनाक्रमों व सरकार के कामकाज को लेकर अपने राजनीतिक सलाहकार व कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अहमद पटेल,  संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल व प्रभारी महामंत्री अजय माकन को मिलाकर तीन सदस्यीय हाईपावर कमेटी का गठन किया है। उक्त कमेटी के गठन होने के बाद सचिन पायलट की कोशिश के अनुसार उक्त कमेटी का जयपुर आकर आंकलन करने की भनक ज्योहीं मुख्यमंत्री गहलोत को लगी तो उन्होंने कमेटी का जयपुर आकर आ

राजस्थान मे बिजली बिलो मे भारी बढोतरी से प्रदेश जी जनता त्राहि त्राहि करने लगी है

सीकर।           राजस्थान मे बिजली बिलो मे भारी बढोतरी से प्रदेश जी जनता त्राहि त्राहि करने लगी है।       उक्त सरकारी जुल्म के खिलाफ राजनेताओ व अन्य लोगो ने तो कुम्भकर्णी नींदें धारण कर रखी है। लेकिन इसी अंधकार मय काल मे उजाले की एक किरण दिखाती संघर्ष करती सीकर जिले के बढाढर गावं की महिलाओं को सलाम।  

राजस्थान मे गहलोत-पायलट खेमे मे बंटी कांग्रेस मे शह व मात का खेल गति पकड़ने लगा।

जयपुर।              राजस्थान मे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व सचिन पायलट खेमे मे कांग्रेस विधायको के बंटने पर करीब एक महीने तक चली विधायको की बाड़ेबंदी के बाद हाईकमान की पहल पर पायलट खेमे की कांग्रेस मे ससम्मान वापसी के बाद जब सचिन पायलट व उनके समर्थक विधायको के बाड़ेबंदी से आजाद होकर अपने अपने निर्वाचन क्षेत्र मे जाने पर भारी भीड़ का जमावड़ा हो रहा है वही गहलोत समर्थक विधायक अपने क्षेत्र मे चुपके से जाकर आ रहे है। गहलोत समर्थक कुछेक विधायको के पहले से कहकर अपने क्षेत्र मे जाने पर उनके कार्यक्रमों से भीड़ व कांग्रेस नेताओं ने दूरी बनाकर रखना ही उचित समझा। भीड़ व नेताओं की दूरी से उनके कार्यक्रम काफी फीके साबित हो रहे है।               मुख्यमंत्री गहलोत खेमे के विधायक चुपचाप अपने क्षेत्र मे जा रहे है। गहलोत खेमे के शिक्षा मंत्री व नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा बाकायदा प्रैस रिलीज जारी करके अध्यक्ष बनने के बाद पहली दफा अपने ग्रह क्षेत्र सीकर गये तो उनके अलावा कांग्रेस के अन्य छ विधायको मे से पांच विधायको के अतिरिक्त लोकसभा उम्मीदवार ने उनके उक्त कार्यक्रम से पूरी तरह दूरी बना कर कां

राजस्थान मे भाजपा व कांग्रेस मे वर्तमान समय मे सबकुछ ठीक नही चलता नजर आ रहा है।

  जयपुर।                   राजस्थान कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व सचिन पायलट खेमे मे बंटने के बाद पार्टी की होती किरकिरी पर हाईकमान द्वारा समझदारी दिखाते हुये उचित ऐक्शन लेकर मसले को कुछ हद तक ऊपरी तोर सुलझा कर एक तरह उभाल शांत कर लेने का संकेत दिया है। लेकिन राजस्थान भाजपा के नेताओं मे आपसी टकराव धीरे धीरे उफान खाने से लगता है कि भाजपा जैसी अनुशासित पार्टी मे सर्वेसर्वा बनने के चक्कर मे सबकुछ ठीक नही चलता नजर आ रहा है।              इसी 14-अगस्त को विधानसभा मे कांग्रेस सरकार द्वारा लाये गये विश्वास प्रस्ताव के पास होने के ऐनवक्त के पहले भाजपा के गोपीचंद मीणा, कैलाश मीणा, हरेंद्र नीमामा व गौतम मीणा नामक चार विधायको का अचानक सदन से गायब हो जाना एवं पूर्व मुख्यमंत्री राजे द्वारा भाजपा के पूर्व विधायक व सांसदो सहित नेताओं को फोन करके या करवा कर उनसे जयपुर उनके निवास पर मिलने आना को कहने से लगता है कि कांग्रेस मे गहलोत की तरह वसुंधरा राजे भी मुखीया बनने का मोह किसी किमत पर अभी भी छोड़ना नही चाहती है। जबकि भाजपा मे राजे के मुकाबले प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनीया व संघ समर्थक नेताओं का अलग

राजस्थान के मुस्लिम समुदाय मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों (IAS) के अन्य प्रदेशो से राजस्थान केडर मे आने से बदलाव देखा जा रहा है।

जयपुर।                राजस्थान के मुस्लिम समुदाय से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) मे सीधे तौर पर चयनित चंद अधिकारियों मे से किसी एक को भी अभी तक राजस्थान केडर एलाट नही हो पाया है। लेकिन 1976 मे गाजीपुर यूपी के नवाब खानदान से तालूक रखने वाले सलाऊद्दीन अहमद खान IAS सीधे तौर पर चयनित होकर राजस्थान केडर मे पदस्थापित होने के सालो साल बाद जम्मू काशमीर के कमरुल जमन चोधरी, फिर जम्मू काश्मीर के ही अतर आमिर व फिर केरल के मोहम्मद जुनेद राजस्थान केडर मे बतोर आईऐएस पदस्थापित होने के बाद राजस्थान मे शेक्षणिक व आर्थिक तौर पर पीछड़े मुस्लिम समुदाय मे भी भारतीय सिविल सेवा की परीक्षा देने का चलन जौर पकड़ने लगा है। चाहे अभ्यार्थी आईऐएस कभी कभार ही बन पा रहे हो लेकिन उक्त अधिकारियों की मोजूदगी मात्र से प्रभावित होकर जो युवक-युवती उक्त परिक्षाऐ दे रहे वो एलाईड सेवा मे जरूर स्थान पा रहे है।                कल चोदाह आईऐएस की जारी सुची मे केरला के मलापुरम के रहने वाले मोहम्मद जुनेद को झालावाड़ उपखण्ड अधिकारी पद पर पदस्थापित होने के आदेश मिले है। जबकि इससे पहले इसी महीने जारी अन्य तबादला सूची मे अतर आमिर व कमर चोधर

कांग्रेस ने मार्क जुकरबर्ग को पत्र लिखा, भारत में फेसबुक प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की

नयी दिल्ली, ::  कांग्रेस ने फेसबुक से जुड़े विवाद की पृष्ठभूमि में मंगलवार को इस सोशल नेटवर्किंग कंपनी के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर आग्रह किया कि इस पूरे मामले की फेसबुक मुख्यालय की तरफ से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक उसके भारतीय शाखा के संचालन की जिम्मेदारी नयी टीम को सौपीं जाए ताकि तफ्तीश की प्रक्रिया प्रभावित नहीं हो। पार्टी की ओर से वह पत्र जारी किया गया जो कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जुकरबर्ग को ईमेल के माध्यम से भेजा गया है। गौरतलब है कि पूरा विवाद अमेरिकी अखबार ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ की ओर से शुक्रवार को प्रकाशित रिपोर्ट के बाद आरंभ हुआ। इस रिपोर्ट में फेसबुक के अनाम सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि फेसबुक के वरिष्ठ भारतीय नीति अधिकारी ने कथित तौर पर सांप्रदायिक आरोपों वाली पोस्ट डालने के मामले में तेलंगाना के एक भाजपा विधायक पर स्थायी पाबंदी को रोकने संबंधी आंतरिक पत्र में दखलंदाजी की थी। उधर, फेसबुक ने इस तरह के आरोपों के बीच सोमवार को सफाई देते हुए कहा कि उसके मंच पर ऐसे भाषणों और सामग्री पर अंकुश लगाया

नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के पहली दफा सीकर आने पर उनका इस्तकबाल कार्यक्रम फीका रहा।

जयपुर।                 राजस्थान कांग्रेस मे गहलोत-पायलट खेमे मे पहले विभक्त कांग्रेस विधायक दल के घटनाटक्रम मे सचिन पायलट को हटाकर गोविंद सिंह डोटासरा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद डोटासरा पहली दफा अपने ग्रह क्षेत्र सीकर आने पर उनके हुये इस्तकबाल कार्यक्रम मे अधिकांश कांग्रेस विधायकों व नेताओं ने दूरी बनाने की चर्चा राजनीतिक गलियारों मे तेजी के साथ चक्कर काट रही है। निर्दलीय विधायक महादेव सिंह खण्डेला व बगावत करके कांग्रेस के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ने पर कांग्रेस से बाहर किये गये नीमकाथाना के पूर्व विधायक रमेश खण्डेलवाल ने जिले की सीमा सरगोठ मे डोटासरा का स्वागत किया। रमेश खण्डेलवाल तो सरगोठ से ही निकल लिये पर महादेव सिंह सरगोठ से डोटासरा के साथ साथ उनके सीकर निवास तक साथ आये एवं फतेहपुर विधायक हाकम अली बाद मे डोटासरा के निवास पर सीधे पहुचे।               हालांकि प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के अध्यक्ष बनने के बाद आज सीकर पहली दफा आने पर जिले की सीमा सरगोठ मे कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत करने के बाद उनके सीकर शहर स्थित अपने निवास स्थान तक आने पर काफी जगह खासतौर पर सेवादल व युवाओं

राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री अविनाश पाण्डे व प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा हटाये जायेगे !

जयपुर।                राजस्थान की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व तत्तकालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के अलग अलग खेमो मे विधायको के बंट कर अलग अलग जगह बाड़ेबंदी मे एक महिने से अधिक समय तक रहने के घटित होने वाले घटनाटक्रम के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के सामुहिक पहल व सूझबूझ एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की सहमति के बाद सचिन पायलट व उनके समर्थक विधायको की मुख्यमंत्री गहलोत की मंशा के विपरीत ससम्मान वापसी होने के बाद जिसको मुख्यमंत्री गहलोत ने नकारा-निकम्मा तक कहा था उसी पायलट का मुख्यमंत्री स्वयं को विधायक दल की मीटिंग मे उत्साह के साथ केन्द्रीय प्रतिनिधि केसी वेणुगोपाल की उपस्थित मे इस्तकबाल करना पड़ा। उस इस्तकबाल के समय वहां मोजूद प्रभारी महामंत्री अविनाश पाण्डे व नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा बगले झांकते नजर आये।               प्रभारी महामंत्री से केन्द्रीय नेतृत्व हमेशा उम्मीद रखता है कि जहां जहां उनकी सरकारे है वहा वहा वो पार्टी व सरकार के मध्य निष्पक्षता के साथ हर मुमकिन सामंजस्य बनाये रखे। लेकिन राजस्थान मे सरकार गठित होने से लेकर घटे राजनीति

नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा के अध्यक्ष के रुप मे पहली दफा सीकर आने पर राजनेताओं की नजरे टिकी।

सीकर।                हालांकि सीकर जिले की लक्ष्मनगढ विधानसभा से तीन दफा विधायक बनकर वर्तमान गहलोत मंत्रीमण्डल मे शिक्षा राज्यमंत्री का पद पाने वाले गोविंद सिंह डोटासरा के अचानक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद वो पहली दफा कल अपने ग्रह जिला सीकर आ रहे है। जहां उनके होने वाले स्वागत समारोह मे एवं उनकी अगुवानी करने के लिए जिले के कांग्रेस विधायको व नेताओं के जाने को लेकर लोगो की नजरे टीकी हुई है।            प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में जानकारी दी गई है कि डोटासरा कल 11:45 बजे अपने सरकारी आवास से रवाना होकर विद्याधर नगर  चोमू  गोविंदगढ़ रींगस पलसाना होते हुए दोपहर 3:30 बजे सीकर निवास पहुंचेंगे। प्रदेशाध्यक्ष 2 दिन के प्रवास पर सीकर आ रहे हैं।                     डोटासरा जो कि शिक्षा राज्य मंत्री भी है जो 18 अगस्त को सर्किट हाउस सीकर में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी लेंगे। बाद में वह अपने निर्वाचन क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ जाएंगे जहां ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक करने के अलावा क्षेत्र का दौरा करेंगे।            सीकर जिले मे डोटासरा को मिलाकर सात क

शेखावाटी का मुस्लिम युवा नशे का आदी होने लगा है। - धार्मिक व समाजी लीडरशिप ने मोन धारण कर रखा है।

सीकर।             राजस्थान के सीकर-चूरु-झूंझुनू जिलो के साथ नागोर की डीडवाना तहसील को मिलाकर कहलाने वाले शेखावाटी जनपद के अधिकांश मुस्लिम युवा विभिन्न तरह के नशे के आदी व विभिन्न तरह के क्राईम के प्रति आकर्षित होने लगे है। जिसके कारण समुदाय की समाजिक व आर्थिक स्थिति को ग्रहण लगने के स्पस्ट संकेत मिलने लगे है। अगर यही हालात निरंतर जारी रहे तो अगले दस साल मे समुदाय के एक छोटे हिस्से को छोड़कर अधिकांश लोगो का जीवन दुखदाई नजर आने लगेगा। इन सब हालातो पर समुदाय के समाजी व धार्मिक लीडरशिप मोन धारण किये हुये है। तो राजनीतिक लीडरशिप से कैसी उम्मीद की जा सकती है। क्योंकि राजनीतिक लीडरशिप के चुनावी खर्चे का बडा हिस्सा भी नशे का सामान उपलब्ध कराने मे होता बताते है।            पहले शराब की दुकानें मुस्लिम बस्तियों से काफी दूर हुवा करती थी। लेकिन अब शराब दुकान संचालक ऐसी जगह का चयन करते है जो मुस्लिम बस्ती मे ना सही पर बस्ती से लगती हो, जहां पर मुस्लिम युवो का आना आसान रहे। ओर अब तो युवाओं की शर्म व शंकाओ का ताला भी खुल चुका है कि वो सरेराह मदहोश होने से परहेज़ नही करते है। शराब ही नही इसके अतिरिक्त अ

जयपुर व जैसलमेर की होटल्स की बाड़ेबंदी मे बंद रहे विधायको द्वारा संजोए सपने अब उन्हें सताने लगेगे।

जयपुर।                  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा हमेशा की तरह उनके मुकाबिल खड़े होने वाले सम्भावित कांग्रेस नेताओं को एक एक करके राजनीतिक तौर पर किनारे लगाने मे अब तक उनको मिलती रही सफलता को याद करते हुये जयपुर व जैसलमेर की होटलो मे जनता के धन की बदौलत बाड़ेबंदी मे बंद अनेक कांग्रेस व समर्थक विधायको ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को कांग्रेस से बाहर का रास्ता मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा दिखाना मानकर स्वयं के मंत्रीमण्डल मे जगह मिलने के साथ साथ मलाईदार विभाग पाने के जो सपने संजोए थे वो सो सूनार की ओर एक लुहार की चोट की तरह सचिन पायलट के वापस कांग्रेस मे आने के बाद अब उन्हें सताने लगगे।                 पत्रकार से कांग्रेस विधायक बनने के बाद पीछली दफा टिकट नही मिलने पर कांग्रेस उम्मीदवार के सामने आकर निर्दलीय तौर पर चुनाव लड़कर विधायक बने एक निर्दलीय विधायक बाड़ेबंदी मे रहकर इस तरह उछलकूद मचा रहे थे मानो उनको मंत्री बनने के अलावा मलाईदार विभाग मिलने का ऊपर से सर का इशारा मिल चुका है। बताते है कि उक्त निर्दलीय विधायक के अलावा कांग्रेस सरकार मे एक के राजस्थान सरकार मे व दुसरे के केंद्र की

बरसात ने तोड़ा रिकॉर्ड- जयपुर में 1959 के बाद सबसे भारी बारिश

    61 साल में दूसरी भारी बारिश 1959 में 16 अगस्त को 188.4 एमएम बारिश हुई थी आज हुई 7.2 इंच बरसात जयपुर :: राजधानी जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में हुई बरसात से आज 60 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। राजधानी जयपुर में छह घंटे में 7.2 इंच (184) मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई। इससे पहले राजधानी में 1959 में 7.41 इंच यानी (188.4) मिमी बरसात दर्ज हुई थी, वहीं 22 अगस्त 2012 को 6.69 इंच (170.1) मिमी और 9 अगस्त 2014 को 3.87 इंच यानी (98.4) मिमी बरसात राजधानी में हुई थी। लेकिन इतनी बरसात 24 घंटों में रिकॉर्ड की गई थी। वहीं आज राजधानी में जो बरसात रिकॉर्ड की गई है वह मात्र छह घंटे में हुई है। जयपुर एयरपोर्ट पर 102.6 एमएम पानी आपको बता दें कि बरसात की शुरुआत गुरुवार रात से हुई थी फिर आज सुबह एक बार फिर पानी बरसना शुरू हो गया। सुबह तकरीबन 9 बजे मूसलाधार बरसात शुरू हो गई। न केवल राजधानी जयपुर बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी मूसलाधार बरसात रिकॉर्ड की गई है। जयपुर एयरपोर्ट पर दोपहर ढाई बजे तक 102.6 एमएम बरसात हुई जबकि कलेक्ट्रेट पर 184 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

लखऊ : NSUI के पदाधिकारियों ने स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों को किया याद

.लखनऊ : : आजादी मेरा अभिमान" कार्यक्रम के तहत आज  आदित्य चौधरी के नेतृत्व में NSUI द्वारा ज़िला लखनऊ में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों की फोटो प्रदर्शनी लगाकर आजादी की लड़ाई में उनके संघर्ष और योगदान को छात्रों व युवाओं द्वारा याद किया गया। इस मौके पर प्रमुख रूप से  आनंद राय, आनंद बहादुर सिंह, धीरज राजपूत, कपिल राजभर आदि लोग शामिल रहे।

मुख्यमंत्री गहलोत व सचिन पायलट के मध्य छिड़े विवाद की जड़ राजद्रोह की धारा 124-A लगाना बताया जा रहा है!

जयपुर।                राजस्थान की कांग्रेस सरकार मे कमोबेश सबकुछ ठीक ठाक चलते रहने के बावजूद जुलाई माह के मध्य मे राजस्थान की आला मुकाम रखने वाली इनवेस्टीगेशन ऐजेंसी SOG व ACB मे दो अलग अलग रिपोर्ट कांग्रेस नेताओं सहित अन्य नेताओं व कुछ अन्य लोगो के खिलाफ दर्ज होती है या मानो कि करवाई जाती है। जिन रिपोर्ट मे से जो SOG मे रिपोर्ट दर्ज हुई उसमे अन्य धाराओ के साथ राजद्रोह की धारा 124-A भी लगाई गई थी। जिसके धारा के भय के कारण सचिन पायलट व कुछ नेताओं को राजस्थान से करीब एक माह बाहर रहकर एक तरह से अण्डरग्राउण्ड होना पड़ा था। यहां तक कि एसओजी की टीम आवाज का नमूना लेने व जांच करने के नाम पर आरोपियों के छिपने के सम्भावित ठिकाने हरियाणा के मानेसर तक जाकर हरियाणा पुलिस तक एक तरह से भीड़ गई थी। उसके बाद न्यायालय मे मामला जाने पर राजद्रोह की धारा 124-A हटानी ही नही पड़ी बल्कि एसओजी ने तो उस रिपोर्ट पर एफआर भी लगा दी है।           हालांकि एसओजी ने कांग्रेस मेन महेश जोशी की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज करके अपने स्तर पर जांच करके पाया होगा कि जो रिपोर्ट उनके यहां लिखवाई गई थी या दर्ज की गई वो पुरी तरह सत्य से

जैसलमेर मे मुख्यमंत्री गहलोत ने मीडिया से बात करते हुये सवालों के जवाब दिये।

जैसलमेर। राजस्थान।         मुख्यमंत्री गहलोत ने राजस्थान मे पीछले एक महिने मे घटे राजनीतिक घटनाटक्रम व मची उथल फूथल को भूलकर आगे बढने की कहते हुये मीडिया के सवालो के जवाब दिये।            सवाल- सर इस पूरे प्रकरण को कैसे देखें इसको, शाह की मात के तौर पर या लोटस को फेल करने के तौर पर? जवाब- फॉरेगेट एंड फॉरगिव, आपस में भूलो और माफ करो और आगे बढ़ो, देश के हित में, प्रदेश के हित में, प्रदेशवासियों के हित में और लोकतंत्र के हित में। डेमोक्रेसी खतरे में है। ये लड़ाई डेमोक्रेसी को बचाने की है, उसमें जो हमारे विधायकों ने इतना साथ दिया, 100 से अधिक विधायक एकसाथ रहना इतने लंबे समय तक, अपने आप में बहुत बड़ी बात है जो हिंदुस्तान के इतिहास में कभी नहीं हुआ होगा। तो ये डेमोक्रेसी को बचाने की लड़ाई है, आगे भी जारी रहेगी ये हमारी लड़ाई और बाकि जो एपिसोड हुआ है, एक प्रकार से भूलो और माफ करो की स्थिति में रहें, सब मिलकर चलें क्योंकि प्रदेशवासियों ने विश्वास करके सरकार बनाई थी हमारी। हमारी सबकी जिम्मेदारी बनती है कि उस विश्वास को बनाए रखें हम लोग और प्रदेश की सेवा करें, सुशासन दें और कोरोना का मुकाबला करे

राजस्थान पुलिस अधिकारियों के ऐसीबी के जाल मे फंसने का सिलसिला लगातार जारी।

जयपुर।               राजस्थान राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मे जब से भारतीय पुलिस सेवा के सीनियर अधिकारी दिनेश एमएन की तैनाती हुई है तब से राज्य के भ्रष्ट कार्मिक व उनके दलालो के ऐसीबी की गिरफ्त मे आने का सिलसिला जोर पकड़ने से आम जनता मे विभाग की उजली तसवीर सामने आने लगी है।             भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मे दिनेश एमएन जैसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की तैनाती के बाद भ्रष्ट कार्मिक व उनके दलालो को गिरफ्त मे लेने के परवान चढते सिलसीले के साथ साथ भ्रष्ट पुलिस कर्मि व अधिकारियों को भी अपनी गिरफ्त मे लेने के होते सार्थक प्रयास के नतीजे सामने आने लगे है। नागोर जिले के खींवसर थाने से हाल ही मे हटा कर लाईन हाजिर किये गये थानेदार केशर सिंह नरुका SI को देर रात ऐसीबी टीम ने अजमेर अपनी निजी कार से जाते हुये आकस्मिक जांच मे 11-लाख से अधिक नकदी व शराब के कार्टूनो के साथ गिरफ्तार करके पुलिस विभाग मे खलबली मजा दी है।          पुलिस अधिकारी केशरसिंह नरुका की ही तरह पीछले हफ्ते श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृतलाल जीनगर को ऐसीबी ऐडीजी दिनेश एमएन के निर्देशानुसार सीकर ऐसीब

रूस ने किया कोविड-19 टीके का पंजीकरण, पुतिन की बेटी को लगाया गया टीका

मॉस्को, ::  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि देश में विकसित कोविड-19 टीके का पंजीकरण कर लिया गया है और एक टीका उनकी बेटी को पहले ही लगाया जा चुका है। पुतिन ने मंगलवार को एक सरकारी बैठक में कहा कि टीका परीक्षण में खरा उतरा है और कोरोना वायरस के खिलाफ मानव की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सफल रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि टीका परीक्षण के आवश्यक चरणों से गुजरा है। उनकी दो बेटियों में से एक को यह टीका दिया गया है और वह अच्छा महसूस कर रही है। रूस के अधिकारियों ने कहा है कि टीका सबसे पहले चिकित्साकर्मियों, शिक्षकों और जोखिम की जद वाले समूहों से जुड़े लोगों को लगाया जाएगा। रूस कोविड-19 टीके का पंजीकरण करने वाला पहला देश है। दुनियाभर में अनेक वैज्ञानिक इस कदम को संदेह की दृष्टि से देख रहे हैं और तीसरे चरण के परीक्षण से पहले टीके का पंजीकरण करने के निर्णय पर सवाल उठा रहे हैं। किसी भी टीके का तीसरे चरण का परीक्षण आम तौर पर हजारों लोगों पर महीनों तक चलता है।

सचिन पायलट का गुजर होना भी उनका कांग्रेस मे वापसी का बडा कारण बना।

जयपुर।               हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रभारी महामंत्री अविनाश पाण्डे को साथ लेकर आखिर तक सचिन पायलट की कांग्रेस मे वापसी के विरोध करते रहने के बावजूद दिल्ली मे मोजूद दिग्गज कांग्रेस नेताओं की पहल पर सचिन पायलट की गांधी परिवार के पूत्र-पूत्री की उपस्थिति मे ससम्मान वापसी मे उनका गूजर नेता होना भी एक अहम कारण माना जा रहा है।             कांग्रेस का एक समय था जब पार्टी मे अवतार सिंह भडाना, रामवीर सिंह विधुड़ी व राजेश पायलट सहित कुछ अन्य गुजर राजनीतिक नेता समय समय पर हुवा करते थे। दिल्ली, यूपी, हरियाणा, राजस्थान व जम्मू काशमीर मे खासतौर पर गुजर मतदाताओं की एक बडी तादाद मोजूद है। जिनको साधने के लिये गुजर बिरादरी मे सामाजिक नेता तो ओर भी हो सकते है लेकिन बिरादरी मे वर्तमान समय मे कांग्रेस के पास सचिन पायलट ही लोकप्रिय गुजर राजनीतिक नेता है। जिसके नाम पर गुजर मतदाताओं को लुभाया जा सकता है। इसके विपरीत अशोक गहलोत मैनेजर अच्छे हो सकते है लेकिन उनके नाम पर उनकी बिरादरी के मत राजस्थान मे ही कांग्रेस को अच्छी तादाद मे कभी नही नही मिल पाये है। वही गहलोत के नाम से राजस्थान व उससे बा

मुशायरा लूट लेते थे राहत इंदौरी : गुलज़ार

नयी दिल्ली ,  ::  ‘‘उर्दू शायरी में बुलंदियों को छूने वाले राहत इंदौरी का चला जाना बहुत बड़ा ही नहीं बल्कि पूरे का पूरा नुकसान है क्योंकि ज़नाब मुशायरे की जान थे और मुशायरा ही लूट लेते थे।’’ लोगों के ख़यालों और जज़्बातों को शब्दों में बांध कर शायरी के जरिये पेश करने वाले, उर्दू शायरी के अज़ीमोशान फ़नकार राहत इंदौरी के निधन पर उन्हें याद करते हुए यह पंक्तियां प्रख्यात गीतकार और रचनाकार गुलज़ार ने कहीं। राहत इंदौरी का आज मंगलवार को कोविड-19 महामारी के कारण निधन हो गया। इंदौरी के इस दुनिया से चले जाने की खबर पर गुलज़ार ने कहा ‘‘यह केवल बड़ा नुकसान नहीं है बल्कि उससे कहीं ज्यादा है। मुझे नहीं पता कि कितना बड़ा....।’’ गुलज़ार ने कहा ‘‘कोई अभी अभी वह जगह खाली कर गया जो केवल मुशायरे की थी। उर्दू शायरी आज के मुशायरे में राहत इंदौरी के बगैर पूरी नहीं है। एक वही थे जो इतनी बेहतरीन शायरी कहते थे।’’ उन्होंने कहा ‘‘अक्सर मुशायरों में आपको बहुत कुछ सहना पड़ता है लेकिन राहत को सुनने के लिए इंतज़ार करना पड़ता था। वह लाजवाब थे। ऐसा नहीं है कि मुशायरों में रोमांटिक शेर मिलते हों, वह जो कहते थे वह स

9 अगस्त क्रांति दिवस को स्वतंत्रा दिवस के रुप में मनाने को लेकर राजनाथ शर्मा ने की मांग की

बाराबंकी । मंगलवार को समाजवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट द्वारा स्व. डा. राम मनोहर लोहिया के विचार जो उन्होने 2 अगस्त 1967 को जी.जी. पारिख के पत्र के जवाब में कहा था कि 9 अगस्त को जन क्रांति दिवस है वही स्वतत्रंता दिवस के रुप में मनाने का प्रयास होना चाहिये और देश में जब कोई अच्छी सरकार आयेगी तो इस खण्डित आजादी जो लार्ड माउन ब्रिटेन वाइस राय एवं तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल की मित्रता का स्वतंत्रता दिवस है उसको नकार देगी। जिस प्रकार से अमेरिका और फ्रांस में 4 और 14 जुलाई को ही अपना स्वतंत्रता दिवस मनाया था। यह पत्र डा. लोहिया ने जी.जी. पारिख के पत्र के उत्तर में श्री नाथ को भी भेजा था। उस दृष्टि से वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं भारत के राष्ट्रपति को 9 अगस्त क्रांति दिवस को स्वतंत्रा दिवस के रुप में मनाने को लेकर मांग की है कि वह इस मांग पर विचार करें। जो भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन के शहीदों के सम्मान का भी विषय है क्योंकि 15 अगस्त खण्डित भारत की आजादी का दिन है। इसलिये राजनाथ शर्मा ने आज सप्ताह के तीसरे दि

लखनऊ : कांग्रेस के पदाधिकारियों ने ‘स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का किया सम्मान समारोह

लखनऊ :: आजादी मेरा अभियान कार्यक्रम के तहत  ‘‘स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान समारोह’’ आज उ0प्र0 युवा कांग्रेस के जनपद लखनऊ के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आवास पहुंचकर उनके परिजनों को अंग वस्त्र, फूल माला एवं डायरी देकर सम्मानित किया गया। उ0प्र0 युवा कांग्रेस पूर्वी के लखनऊ प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि 1857 स्वतंत्रता संग्राम में लखनऊ के सिकन्दराबाद में 36 अंग्रेजों को मौत देने वाली शहीद वीरांगना ऊदा देवी जी के वंशज राय साहब स्व0 राम सहाय चौधरी (पूर्व एमएलसी) के पोते  राकेश सिंह व  मुकेश सिंह (पुत्रगण स्व0 कुंवर राम सिंह) को उनके पुश्तैनी आवास 71 शिवाजी मार्ग, हीवेट रोड पहुंचकर अंग वस्त्र, फूल माला एवं डायरी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व0 अब्दुल शमी पूर्व विधायक के परिजन हाजी जमाल अहमद खान के आवास चिनहट स्थित गुलजार कालोनी में जाकर अंग वस्त्र, फूल माला एवं डायरी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व0 अब्दुल हसीब खान चैधरी के परिजनों को सम्मानित किया गया। लखनऊ प्रभार

विधानसभा मे मत विभाजन के समय माकपा के दोनो विधायक गहलोत खेमे के साथ रह सकते है!

जयपुर।              मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार द्वारा चोदाह अगस्त से आहूत विधानसभा सत्र मे मत-विभाजन के समय माकपा के दो विधायक बलराम पूनीया व गिरधारी महिया गहलोत खेमे के समर्थन मे मतदान कर सकते है। माकपा राज्य कमेटी की तरफ से अभी तक इस तरह के स्पष्ट संकेत तो नही दिये गये है। लेकिन पूनीया तो इस तरह के संकेत अपने स्तर पर पहले ही दे चुके है। दूसरी तरफ गहलोत खेमे ने सत्ता के लाभ के चलते महिया की बिरादरी के व बीकानेर के एक दिग्गज कांग्रेस नेता के अलावा कुछ अधिकारियों के सहयोग से विधायक को साद लिया बताते।            हालांकि विधायक गिरधारी महिया ने निजी स्तर पर व उनकी पार्टी ने उक्त मामले मे किसी तरह के संकेत अभी तक नही दिये है। पर पीछले कुछ दिनो से महिया के विधानसभा क्षेत्र डूंगरगढ के प्रशासनिक ढांचे मे अमूलचूल परिवर्तन होने मे विधायक की खास पसंद का ख्याल रखने की खबरे आने के साथ साथ अनेक तरह की अटकी स्वीकृतियां जारे होने से संकेत ऐसे ही मिल रहे है कि किसी ना किसी स्तर पर मेलमिलाप हुवा जरुर है।            कुल मिलाकर यह है कि माकपा के एक विधायक बलराम पूनीया मुख्यमंत्री ग

गफ्फार के साथ मारपीट व धार्मिक नारे लगवाने की कोशिश मामले मे भोपाल विधायक ने मुख्यमंत्री गहलोत को कड़ा पत्र लिखा।

जयपुर।                सीकर के ओटो चालक बूजुर्ग गफ्फार अहमद कछावा के साथ अमानवीय घटना सात अगस्त को सुबह घटित होने के मामले की गूंज अब राजस्थान से बाहर जाकर भारत भर मे गूंजने के साथ साथ विभिन्न मीडिया द्वारा उक्त मामले का कवरेज करने के बाद मध्यप्रदेश के सीनियर कांग्रेस नेता व विधायक आरीफ मसूद ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर उक्त मामले की एनएसए के तहत कार्यवाही कराने की मांग करने से कांग्रेस की अंदरूनी सियासत के अलावा देश भर मे मामला गरमाने लगा है।              हालांकि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल मे भरतपुर के गोपालगढ़ कस्बे मे पुलिस द्वारा मस्जिद मे मोजूद नमाजियों पर गोली चलाकर मौत के घाट उतारने व सवाईमाधोपुर के सुरवाल मे पुलिस डयूटी निभा रहे थानेदार फूल मोहम्मद को जिन्दा जलाकर शहीद करने सहित अनेक घटित घटनाओं मे कार्यवाही के नाम पर मात्र खानापूर्ति होने को लेकर राजस्थान का मुस्लिम समुदाय गफ्फार कछावा के मामले मे किसी तरह की कड़ी कार्यवाही करने की उम्मीद गहलोत से कतई नही रख रहा है। लेकिन कांग्रेस के वर्तमान नो मुस्लिम विधायको द्वारा उक्त घटना के बाद अभी तक एक शब्द

अनस रहमान बने एनएसयूआई उत्तर प्रदेश मध्य जोन के प्रदेश अध्यक्ष

लखनऊ :: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव उत्तर प्रदेश के प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा, NSUI राष्ट्रीय प्रभारी रुचि गुप्ता, NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन यूपी कांग्रेस  अजय कुमार लल्लू की संस्तुति पर अनस रहमान को एनएसयूआई उत्तर प्रदेश मध्य सुन का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया। प्रियंका गाँधी उत्तर प्रदेश की प्रभारी बनने के बाद से ही संगठन को मज़बूत करने पर ज़ोर दे रही है। प्रियंका का ज़ोर जुझारू और युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने पर है इसी क्रम में अनस को एनएसयूआई उत्तर प्रदेश , मध्य ज़ोन  का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया।  इससे पहले अनस एनएसयूआई उत्तर प्रदेश - मध्य  के प्रदेश महासचिव थे , फिर प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए और अब प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किए गए है।

राजस्थान पेट्रोलियम रिफायनरी की इकाइयों के प्रोसेस लाइसेंसर का काम पूरा, आधारभूत संरचना के अधिकांष कार्य प्रगति पर-एसीएस माइन्स डाॅ. अग्रवाल

जयपुर, 7 अगस्त। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइन्स एवं पेट्रोलियम डाॅ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि एसपीसीएल राजस्थान रिफायनरी (एचआरआरएल) की सभी इकाइयों के प्रोसेस लाइसेंसर का काम पूरा कर लिया गया है वहीं रिफायनरी में आधारभूत संरचना के अधिकांश कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और रिफायनरी प्रबंधन का प्रयास है कि परियोजना का कार्य निर्धारित समय सीमा अक्टूबर, 22 तक पूरा कर लिया जाए और मार्च, 23 तक व्यावसायिक उत्पादन आरंभ कर दे। उन्होंने रिफायनरी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोविड-19 के कारण प्रभावित कार्य को तय समय सीमा में पूरा किया जाए। एसीएस माइन्स डाॅ. सुबोध अग्रवाल शुक्रवार को सचिवालय में वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से बाड़मेर रिफायनरी की कार्य प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के इस संयुक्त उद्यम की खास बात यह है कि यहां रिफायनरी और पेट्रोकेमिकल काॅम्पलेक्स दोनों एकीकृत रुप से बनाया जा रहा है। रिफायनरी में बीएस अप मानक के उत्पाद का उत्पादन होगा। डाॅ. अग्रवाल ने एसपीसीएल आरआर के परियोजना अधिकारियों से कहा कि तय समय सीमा में रिफाय

सीकर मे आटो चालक गफ्फार के धार्मिक नारे नही लगाने पर युवको ने बूरी तरह पीटकर घायल किया। - धायल की शिकायत पर हमलावरों को पुलिस ने तत्परता से गिरफ्तार किया।

सीकर।               गंगा-जमनी तहजीब व साम्प्रदायिक सद्भाव की मिशाल रहे सीकर को कल कुछेक उन्मादी युवको द्वारा दाग लगाने की कोशिश करते हुये एक ओटो चालक को बीना वजह बूरी तरह पीटकर उसे बेहोशी की हालत मे छोड़कर भागने वाले आरोपी युवको की शिकायत के बाद  पुलिस ने तत्परता दिखाते हुये उनको गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी अनुसार घायल आटो चालक को बूरी तरह पीटते हुये आरोपित युवको ने धार्मिक नारे लगाने को कहा ओर ऐसा ना करने पर युवको ने उसे बूरी तरह पीटा एवं उसकी दाढी को नोचने के समाचार मिले है।            आटो चालक हमेशा की तरह सुबह चार बजे कल्याण सर्किल स्टेण्ड पर आटो के साथ खड़ा होकर निजी बस से उतरने वाली सवारियों मे से सवारी लेकर निकटवर्ती गावं झीगर छोटी छोड़कर जब वापिस सीकर आ रहा था तो रास्ते मे पहले दो उन्मादी युवक एक बोलेरो पिक अप मे आकर उसे धार्मिक नारे लगाने को कहा ओर बूरी तरह पीटने लगे वहां से जैसे तैसे करके चालक छुड़ाकर वहां से कुछ दूर आने पर वो युवक फिर कुछ साथियों के साथ आकर आटो के आगे गाड़ी लगाकर रोककर उसे बूरी तरह जब तक पिटते रहे जबतक वो बेहोस नही हो गया। काफी समय बाद चालक को होश आने पर घाय

राजस्थान कांग्रेस विधायक दल के गहलोत-पायलट धड़े मे खण्डित होने के बाद -- जाट लेण्ड शेखावाटी जनपद की कांग्रेस राजनीति मे बदलाव आना तय।

सीकर।               राजस्थान मे कांग्रेस पार्टी की सियासत मे शेखावाटी जनपद के किरदार के धनी अधिकांश नेताओं का हमेशा अहम रोल रहा है। खास तौर पर जनपद के कांग्रेस पार्टी मे जाट नेताओं ने प्रदेश की राजनीति को हर समय अलग दिशा दी है। वर्तमान समय मे राजस्थान सरकार के विधायको का गहलोत-पायलट धड़ो मे खण्डित होने का असर शेखावाटी की कांग्रेस राजनीति पर भी पड़ना तय है। जहां के विधायक भी दोनो धड़ो मे खण्डित होकर गहलोत व पायलट के नेतृत्व मे अलग अलग होटलों मे लगी बाड़ेबंदी मे रह रहे है।                    शेखावाटी जनपद मे ओला-महरिया व चोधरी नारायण सिंह नामक तीन राजनीतिक परिवार ऐसे माने जाते है जिन परिवारों के कमोबेश जिले भर की हर विधानसभा क्षेत्र मे समर्थक होना इन परिवारों के उदय के समय से लेकर लगातार अबतक माना जाता रहा है। ओला परिवार के मुखीया रहे शीशराम ओला केंद्र मे कांग्रेस व गैर कांग्रेस सरकारो के अलावा राज्य की कांग्रेस सरकार मे मंत्री रहे। उन्होंने कांग्रेस से बगावत भी की एवं फिर से कांग्रेस मे भी शामिल भी हुये। मरहूम शीशराम ओला जिले मे जनाधार वाले नेता रहे है। वर्तमान मे शीशराम ओला के पूत्र विजें

अपने आपमे शिक्षा मे अगुवा होने का दावा करने वाली कायमखानी बिरादरी को जाट समुदाय से कुछ तो सीख लेनी चाहिये।

जयपुर।                  राजस्थान के शेखावाटी जनपद के अलावा डीडवाना क्षेत्र मे रहने वाले या यहां के पलायन कर अन्यत्र जाकर निवास करने वाली मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी वैसे तो अपने आपको मुस्लिम समुदाय की अन्य बिरादरियों के मुकाबले शिक्षा मे अगुवा मानकर चलने का दावा करती है लेकिन भारतीय सीविल सेवा परीक्षा के कल आये परीक्षा परिणाम पर नजर डालते हुये कहना आवश्यक हो जाता है कि इसी क्षेत्र मे रहने वाली जाट बिरादरी से कायमखानी बिरादरी को आगे बढने के लिये कुछ तो सीख लेनी चाहिए।                  शेखावाटी जनपद व डीडवाना क्षेत्र मे सालो से निवास करने वाली कायमखानी बिरादरी से भारतीय सिविल परीक्षा परिणाम मे सफल अभ्यर्थियों मे अपना नाम दर्ज करवानें मे अबतक सफल होने वालो मे बेरी छोटी की असलम खान, बलारा के जाकीर खान व नुआ की फरहा हुसैन का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। जबकि पीछले एक अर्शे से भारतीय सिविल सेवा परीक्षा मे जाट बिरादरी के बडी तादाद मे अभ्यर्थी विजयी परचम लहराते आ रहे है। कल आये भारतीय सिविल सेवा परीक्षा परिणाम मे शेखावाटी जनपद व डीडवाना क्षेत्र से कुल 829 पदो मे से एक दर्जन से अधिक जाट

आज राजस्थान हाईकोर्ट पर रहेंगी सबकी निगाहें,तीन महत्वपूर्ण मामलो पर होगी सुनवाई

                    जयपुर ::   राजनीतिक खींचतान के बीच मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट पर सबकी निगाहें लगी रहेंगी. राजस्थान हाईकोर्ट में विधायकों के वेतन रोकने और राज्यपाल की ओर से सत्र नहीं बुलाने पर उन्हें पद से हटाने सहित तीन महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई होगी। विवेक सिंह जादौन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट के विधायकों के होटलों में रुकने को यह कहते हुए चुनौती दी है कि कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश में वित्तीय हालात सही नहीं है, लेकिन फिर भी एमएलए अपने मौजूदा विधानसभा क्षेत्रों में नहीं जा रहे हैं और निजी कारणों से होटलों में रुके हुए हैं. ऐसे में एमएलए के विधायी कार्य नहीं करने पर उन्हें वेतन-भत्तों का भुगतान क्यों किया जाए। पीआईएल में कहा कि प्रदेश में एक ही राजनीतिक दल से जुडे ये विधायक आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते आमजन के धन का दुरुपयोग कर रहे है. इसलिए दिल्ली रोड और व मानेसर की होटलों में रुके हुए एमएलए के वेतन-भत्तों को रोका जाए. याचिका में सीएम सहित विधानसभा स्पीकर, विधानसभा सचिव व मुख्य सचिव को पक्षकार बनाया है। वहीं, राज्यपाल की ओर से विधानसभा का सत्र नहीं बुलाए जाने

मुख्यमंत्री गहलोत समर्थक दस निर्दलीय विधायको के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।

जयपुर।                दलबदल कानून के तहत राजनीतिक दल से जीते विधायको को एक कानून के दायरे मे बांधते हुये विधायक काल पुरा करने तक उन्हें शर्तो से बांधा गया है। उसी तरह निर्दलीय विधायकों को भी कुछ शर्तों के तहत बांधा गया है। निर्दलीय विधायक किसी भी राजनीतिक दल मे शामिल नही हो सकता है।वह उस कार्यकाल मे निर्दलीय विधायक बने रहकर ही अपना कार्यकाल पुरा कर सकता है।          राजस्थान के वर्तमान कुल तेराह निर्दलीय विधायको मे से दस निर्दलीय विधायक गहलोत घटक के समर्थन मे। उनको इस तरह की आजादी भी मिली हुई है कि वो किसी भी दल का समर्थन कर सकते है लेकिन किसी दल विशेष के पार्टी स्तर के कार्यक्रमो मे भाग नही लेने की शर्त उन पर लागू होना बताते है। जबकि संयम लोढा, महादेव सिंह, बाबूलाल नागर , राजकुमार, आलोक बेनीवाल, बलजीत यादव, कांतिलाल मीणा सहित सहित दस निर्दलीय विधायक मुख्यमंत्री निवास व होटल के बाड़ेबंदी मे आयोजित होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक मे शामिल श होने से प्रतीत होता है कि वो निर्दलीयों विधायक की बजाय अन्य दल की कार्यवाही मे हिस्सा लेकर वो किसी खास के विधायक होना अधिक पसंद कर रहे है।      

बसपा विधायको के विलय प्रक्रिया की खामियां राजस्थान कांग्रेस सरकारी के गले की फांस बना।

जयपुर।                कहते है कि जब किसी की चलती रहती है तो हाथी भी आसानी से निकल जाता है। लेकिन जब कानून के दावपेंच की उलझन मे कोई घटना उलझ जाये तो मानो किड़ी का भी बचकर निकलना मुश्किल हो जाता है।उसी तरह 2008 की तरह इस दफा भी गहलोत सरकार द्वारा बसपा के सभी छ विधायको के कांग्रेस मे मिलाने को लेकर अब जाकर विलय प्रक्रिया के कानून के दावपैच मे उलझना कांग्रेस के गले की फांस बनता नजर आ रहा है। जो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिये ना उगलते बन रहा है ओर नाही निगलते बन रहा है।              राजस्थान के बसपा के सभी छ विधायको के कांग्रेस मे विलय को लेकर उठ रहे सवालो का जवाब मुख्यमंत्री गहलोत कोई कानूनी दलील से ना देकर राज्यसभा मे टीडीपी के चार सदस्यों के भाजपा मे शामिल होने का बार बार उदाहरण देकर अपना बचाव करते नजर आ रहे है। इस मसले पर कानून के अनेक जानकारों से बात करने पर अनेक रोचक तथ्य निकल कर आ रहे है। जिनके बाद लगता है कि उक्त मामले को लेकर जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय का जजमेंट आयेगा वो एक अलग न नई नजीर बनेगी।                बसपा के छ विधायको के विलय प्रक्रिया जैसे अनेक विवादो को लेकर सर्वोच्च न्

राजस्थान मे अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री पद पर छाया संकट गहराने लगा है। - विधानसभा मे बहुमत के लिये मतदान होने पर गहलोत सरकार का गिरना तय।

जयपुर।           हालांकि कांग्रेस सरकार पर छाये संकट के बादलो के मध्य 14-अगस्त को राजस्थान विधानसभा का अधिवेशन आहूत करने के बावजूद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा अपने पद पर बने रहने की जीद के चलते संकट गहराता हुवा नजर आ रहा है। विधानसभा मे गहलोत अगर बहुमत सिद्ध करने की कोशिश करते है तो उनके उपरी तौर पर नजर आ रहे 99 विधायको के समर्थन मे भारी पोल स्पष्ट नजर आने से लगता है कि सरकार का गिरना लगभग तय बताते है।             मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेमे के दावे के मुताबिक उनके पास बसपा को मिलाकर 107 विधायको मे से 88 विधायको का समर्थन प्राप्त है। इनके अतिरिक्त दो बीटीपी, दस निर्दलीय, एक माकपा, एक लोकदल को मिलाकर कुल 102 अधिकतम होते है। जिनमे से एक मंत्री भंवरलाल मेघवाल अस्पताल मे एडमिट है एक विधायक मोजूदा विधानसभा अध्यक्ष है। यानि 100 विधायक का आंकड़ा बैठता है। माकपा विधायक बलवान पूनीया की स्थिति  माकपा की स्टेट कमेटी के निर्णय भी निर्भर करेगी। इसके अतिरिक्त गहलोत केम्प बैठे 12-15 विधायक ऐसे है जो अभी भी निर्णय ऐनवक्त पर लेने की मनोस्थिति मे बताते है। जो गहलोत विरोधी खेमे के बराबर टच मे बताते है।

अशोक गहलोत के अपने आपको मुख्यमंत्री बनाये रखने की जीद के चलते दर्ज रपट मे दफा 124-A की मामूली चूक से राजस्थान का खेल बिगड़ा।

जयपुर।                  पार्टी मे पनपने वाले अपने कम्पिटिटर को योजनाबद्ध तरीके से राजनीतिक रुप से निपटाने के जादूगर के तौर पर मशहूर अशोक गहलोत अपने आपको प्रदेश मे सर्वेसर्वा बनाये रखने के लिये जो चाले आज तक चलते रहे है उनमे उनमे अक्सर सफल होते रहने से उत्साहित होने के कारण अबकी दफा अपने साथी तत्तकालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को राजनीतिक रुप से निपटाने की लम्बे समय से कोशिश करने के चलते उनके खिलाफ दर्ज रपट मे 124-A देश द्रोह लगवाने की मामूली चूक व पायलट के धेर्य व उठे कदम का आंकलन ठीक से नही करने की चूक के चलते मुख्यमंत्री गहलोत को आज यह मुश्किल हालात राजनीतिक जीवन मे पहली दफा देखने पड़ रहे है। मोजुदा राजनीतिक संकट मे उनकी कथित तौर पर अबतक बनाई जाती रही गांधीवादी छवि को भी भारी धक्का लगने के साथ ही उनके केवल स्वयं को मुख्यमंत्री पद पर बनाये रखने के लिये वो सबकुछ राजनीतिक रुप से करने की जीद पर अड़े रहने वाले एक अलग छवि के नेता के तौर पर प्रचलित करके उनको रख दिया है।                मुख्यमंत्री गहलोत से मिलने के लिये मंत्रियो व उनके दल के विधायको को कई दिनो तक मशक्कत करनी होती थी। आज उपजे र

जैसलमेर मे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से खुलकर बात की।

। जैसलमेर।              मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जैसलमेर मे अपने समर्थक विधायको की बाड़ेबंदी करने के बाद आज मीडिया से बात करते हुये कहा कि ऐसे मौके पर हम आए हैं जब ईद भी है और राखी भी आ रही है, जो बहुत बड़े त्यौहार होते हैं। आप मजबूरी देखिए डेमोक्रेसी को बचाने के लिए क्या-क्या नहीं करना पड़ रहा है। देश के अंदर हालात बहुत गंभीर हैं पूरे मुल्क में, लोकतंत्र खतरे के अंदर है सभी तरह से। जो फैसले कर रही है भारत सरकार आप देख रहे हो क्या स्थिति बन गई है देश के अंदर और सरकारें एक के बाद एक चुनी हुई सरकारें जो हैं, चाहे वो मणिपुर हो, गोवा हो, अरुणाचल प्रदेश हो, कर्नाटक सबको मालूम है क्या हुआ, मध्यप्रदेश में क्या हुआ। इसलिए मैं बार-बार बोलता हूं हालात बड़े गंभीर हैं देश के, तो राजस्थान की जनता ने जो साथ दिया है हमारा आज घर-घर में चर्चा है कि चुनी हुई सरकार हमारे द्वारा, बीजेपी कौन होती है गिराने वाली? सरकार कांग्रेस की बनती है, भारतीय जनता पार्टी की बनती है, कोई दिक्कत नहीं है। कभी परंपरा रही नहीं है कि हम उनकी सरकार को गिराने के लिए षड्यंत्र करें, हमने कभी नहीं किया, बल्कि रोका हमने, शेखावत जी