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भारतीय मुस्लिम समुदाय को अच्छी व प्रोग्रेसिव तथ्यों की स्वीकारिता पर ध्यान देना होगा।

                      ।अशफाक कायमखानी।  जयपुर।                  भारतीय मुस्लिम समुदाय को कुरान-ए-पाक को ठीक से पढकर उसे समझते हुये रोजाना आवश्यकता अनुसार हो रहे दुनिया मे हो रहे विभिन्न तरह के रिसर्च व जदीद तालीम से निकलने वाले सकारात्मक निष्कर्षो की स्वीकारिता पर जोर देना चाहिए। जबकि देखने मे आया है कि अंग्रेजी की तालीम, प्रिंटिंग के अलावा लाऊड स्पीकर से आजान देने के सकारात्मक रिसर्च के उपयोग को स्वीकारिता देने मे मुस्लिम समुदाय ने सालो लगा देने का अंजाम आज हम भलीभांति देख व भुगत रहे है।                 भारत मे आबादी के हिसाब से सबसे बडे अल्पसंख्यक समुदाय मुस्लिम के मुकाबले छोटे छोटे अल्पसंख्यक समुदाय पारसी, जैन, बोद्ध, सिक्ख व ईसाई समुदाय का विभिन्न फिल्ड मे तरक्की करने का कारण जदीद तालीम को पाना व आवश्यकता अनुसार सकारात्मक रिसर्च को अपनाना ही प्रमुख कारण है। बहुसंख्यक हिन्दू समुदाय के अग्रवाल व महेश्वरी बनियो के धन का बडा हिस्सा लोगो को शिक्षा सेंटर उपलब्ध करवा कर उनके मार्फत आम भारतीय को शिक्षित करना है। इसी तरह जैन समुदाय द्वारा धन का बडा हिस्सा चेरिटी मे उपयोग करते हुये बडे बडे अ

भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैदर अली जैदी व अरशद अली अब जयपुर आयुक्तालय मे स्थांतरित किये गये।

               ।अशफाक कायमखानी।    जयपुर।                  राजस्थान मे भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अधिकारियों के कल देर रात हुये तबादले को भारी फैर बदल माना जा रहा है। इसमे उनचालीस भारतीय पुलिस सेवा के हुये तबादलो मे प्रदेश मे कुल तीन मुस्लिम आईपीएस अधिकारियों मे से हैदर अली जैदी व अरशद अली का नाम भी स्थानांतरण सूची मे शामिल है। सीधे तौर पर चयनित आईपीएस शाहीन अभी प्रशिक्षण के तहत है।                राजस्थान के नामी शिक्षित व सामाजिक खिदमतगार वाले जैदी खानदान से तालूक रखने वाले डीआईजी पद पर तैनात हैदर जैदी को स्थानांतरित सूची मे अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (।।), पुलिस आयुक्तालय, जयपुर के पद पर व शेखावाटी के बेसवा गावं निवासी अरशद अली को पुलिस उपायुक्त, मुख्यालय पुलिस, आयुक्तालय जयपुर के पद पर लगाया गया है।  

यूपी के लखीमपुर खीरी मे किसानों को रोंदने के बाद कांग्रेस राजनीति मे आये उछाल का असर राजस्थान मे भी नजर आने लगा।

                       ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                    राजस्थान मे कांग्रेस की सरकार बनने पर सत्ता मे भागीदारी मात्र कांग्रेस विधायकों तक सीमित करके आम कार्यकर्ताओं को सत्ता की भागीदारी से दूर रखकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का केडर उदासीन करके अगले चुनाव मे कांग्रेस को बूरी तरह हार का मजा चखाने के माहिर माने जाने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को राहुल गांधी द्वारा छ अक्टूबर को लखीमपुर मे भाजपा नेता के बेटे द्वारा लखीमपुर मे किसानों को गाडियों से रोंदकर मार देने के मामले मे मृतकों के परिजनों से मिलने जाने के समय आमंत्रित तक नही करने से राजस्थान की राजनीति मे अलग तरह की अफवाह उडने लगी है। जबकि इस दौरे मे राहुल गांधी कांग्रेस के तीन मे से दो छत्तीसगढ़ व पंजाब के दोनो मुख्यमंत्री  बघेल व चन्नी को दिल्ली बूलाकर अपने साथ यूपी लेकर गये।वही राजस्थान से उन्होंने गहलोत की बजाय पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को टोंक दौरे को बीच छोड़कर दिल्ली बूलाकर पायलट व प्रियंका गांधी के विश्वास पात्र नेता संत प्रमोद कृष्णम को सड़क मार्ग से लखीमपुर के लिये रवाना करना।                      हालांकि अशोक गहलोत

चूरु के सहजूसर गावं मे कायमखानी परिवार मे सास-बहू की धारदार हथियार से हत्या की गई। देर रात घर में घुसकर दोनों पर निकटवर्ती रिस्तेदार ने धारदार हथियार से किया वार। - महिलाओ की चिल्लाने की आवाज सुन पड़ोसी आए तो भागा बदमाश।

            ।अशफाक कायमखानी। चूरू (राजस्थान)।           राजस्थान की कायमखानी बिरादरी मे निर्मम रुप से हत्या ओर वो भी महिलाओं की करने का शायद कृत्य चूरु जिले के निकटवर्ती गावं सहजूसर मे नजदीकी रिस्तेदार द्वारा कल देर रात सास व बहु की हत्या (डबल मर्डर) करने का पहला मामला होने के कारण सबको हिलाकर रख दिया है।         मामला यह है कि जिला मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर दूर स्थित गांव सहजूसर में सोमवार रात डबल मर्डर का मामला मे आरोपी ने घर में घुसकर सास-बहू को मौत के घाट उतार दिया। पड़ोस में रहने वाला रिश्तेदार चिल्लाने की आवाज सुनकर बाहर आया, तब उसने आरोपी को भागते हुए देखा। पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस को मौके से आरोपी का लोअर और एक चूड़ी मिली है।        दूधवाखारा थानाधिकारी राधेश्याम थालोड़ ने बताया कि हत्या के मामले में आज परिवार के शाहरुख खान को पूछताछ के लिए रतन नगर से राउंडअप किया गया है। पूछताछ के बाद स्थिति पूरी खुलकर सामने आएगी। संभावना जताई है कि लूट के इरादे से घटना को अंजाम दिया गया है। फिलहाल मामला दर्ज कर हर एंगल से जांच की जा रही है। दोनो मृतक महिलाओं के पति विदेश मे मजदूरी करत

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा मुख्यमंत्री गहलोत के विकल्प बनेगे !

                  ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                 शेखावाटी जनपद के लक्ष्मनगढ से तीसरी दफा विधायक बने गोविंदसिंह डोटासरा ने राजनीति मे तेजी के साथ ऊंची छलांग लगाते हुये क्षेत्र के दिग्गज व सीनियर नेताओं को मात देते हुये मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मंत्रीमण्डल मे बतौर शिक्षा मंत्री जगह पाई। पिछले साल राज्य मे अशोक गहलोत व सचिन पायलट के मध्य कांग्रेस विधायकों मे बतोर समर्थक दो धड़े बनने से छिड़े विवाद के चलते डोटासरा शिक्षा मंत्री रहते अचानक राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद कल एक अंक्टूबर को उनके जन्म दिन को पहली दफा बडे रुप मे भव्य रुप से इस तरह मनाया गया जैसे दिग्गज राष्ट्रीय नेताओं के समर्थक उनके जन्म दिन मनाते है। इसके अलावा डोटासरा समर्थक क्षेत्र मे गहलोत-पायलट के मध्य चल रहे राजनीतिक तनाव को लेकर डोटासरा की राज्य के जल्द मुख्यमंत्री बनने की सम्भावना जताने लगे है।                कांग्रेस की राष्ट्रीय हाईकमान से अच्छे रिस्ते बना चुके डोटासरा ने राज्य मे पायलट व गहलोत से भी परस्पर सद्भाव वाले राजनीतिक रिस्ते बना रखे है।राज्य मे संवेधानिक व राजनीतिक पदो पर हो रहे मनोनयन

कायमखानी बिरादरी अब आपसी विवादों का निपटारा कर सामाजिक, आर्थिक व शेक्षणिक राहो पर प्रगति की तरफ बढेगा।

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                मूलतः राजपूत बिरादरी के चोहान वंश के मोटेराव चोहान के पुत्रो द्वारा इस्लाम धर्म अपनाने के बाद उनके वंशजों को राजस्थान मे कायमखानी बिरादरी के नाम से जाना व पहचाना जाता है। प्रमुख रुप से शेखावाटी-मारवाड़-मेवाड़ व बीकाणा क्षेत्र मे देहाती परिवेष मे रहने वाले कृषि के अलावा पुलिस व आर्मी की सेवा को अपनाकर जीवन यापन करने वाली उक्त कायमखानी बिरादरी को भी देश बंटवारा का दंश झेलना पड़ा। देश बंटवारे के बाद प्रदेश मे रहे कायमखानी कुछ सालो के बाद हालातो से उभर कर कौमी खिदमतगारो ने बिरादरी को फिर से ऊंचले पायदान पर ले जाने की नियत से "राजस्थान कायमखानी महासभा" नामक एक सामाजिक संस्था बनाकर बिरादरी को एक जाजम पर लाकर आगे बढाने के लिये अनेक शानदार व सफल कदम उठाये। शिक्षा के लिये अवल तौर पर जोधपुर-डीडवाना सहित कुछ जगह शहरो मे छात्रावास कायम किये। लेकिन महासभा के भादरा अधिवेशन मे कुछ लोगो मे  चुनाव प्रक्रिया को लेकर हुये आपसी मनमुटाव के बाद समाज मे दरार आने की शुरूआत हुई। जो दरार की खाई फतेहपुर व बिसाऊ अधिवेशन मे कम होने की बजाय ओर अधिक गहरी हु