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कांग्रेस नेता सचिन पायलट व उनके समर्थकों को सत्ता से दूर रखने मे मुख्यमंत्री गहलोत के प्रयास सफल होते नजर आ रहे है।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजनीति के जादूगर माने जाने वाले मुख्यमंत्री गहलोत अपने ही दल मे अपने मुकाबले खड़े होने वाले नेता व उनके समर्थकों को धीरे धीरे तरीके से अपने पूर्व दो कार्यकाल की तरह इस कार्यकाल मे भी साईड लाईन करके सत्ता सूख से दूर करने मे सफल खिलाड़ी माने जा रहे है। वर्तमान मे जब चुनाव परिणाम के बाद सचिन पायलट अपने आपको मुख्यमंत्री बना हुवा मानकर चल रहे थे। तब जादूगरी के चलते गहलोत ने दिल्ली मे रस्सा कस्सी के मध्य पायलट को पीछे छोडकर मुख्यमंत्री के तौर पर स्वयं घोषित होकर जयपुर मे विधायक नेता की ओपचारिकता पूरी करके राजस्थान के तीसरी दफा मुख्यमंत्री बनने मे कामयाब हो गये।              दिसम्बर 2018 मे सरकार गठित करके सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री व उनके चंद समर्थक विधायकों को मंत्री बनाकर उबलती ज्वाला पर गहलोत द्वारा पानी डालकर ठंडा कर दिया। पायलट सहित उनके समर्थक मंत्रियों के विभाग मे सचिव ऐसे ब्यूरोक्रेट्स को लगा दिया जो गहलोत की अधिक व उनकी कम सूनते थे। जिससे वो खून के घूंट पीकर अंदर ही अंदर मन मसोस कर रहने लगे। जब पानी सर से ऊपर जाने लगा ओर मौका ल

अल्पसंख्यक समुदाय के समावेशी विकास के लिए गठित 100 करोड़ रूपए के विकास कोष से विभिन्न योजनाओं में 98 करोड़ 55 लाख रूपए व्यय करने के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।

          ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा जारी ब्यान अनुसार प्रस्ताव के अनुसार अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के परम्परागत हुनर विकास के लिए 50 लाख, अल्पसंख्यक शिल्पकारों को विपणन प्रोत्साहन एवं सहायता के लिए 1 करोड़ 25 लाख, जयपुर में अंग्रेजी माध्यम के आवासीय विद्यालय के निर्माण के लिए 21 करोड़ 80 लाख, अल्पसंख्यक लोगों को रोजगारोन्मुख बनाने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय भाषाओं के प्रशिक्षण हेतु 2 करोड़, वक्फ भूमि या सार्वजनिक भूमि पर बने कब्रिस्तान, मदरसों एवं विद्यालयों में चारदीवारी निर्माण के लिए 5 करोड़ रूपए व्यय किए जाएंगे।            इसी प्रकार 15 राजकीय अल्पसंख्यक छात्रावासों में ई-अध्ययन कक्ष विकसित करने पर 58 लाख, अल्पसंख्यक बाहुल्य बस्तियों में आधारभूत संरचना विकास के लिए 44 करोड़, इन्दिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना में ऋण पर ब्याज अनुदान के लिए 5 करोड़, मौलाना आजाद विश्वविद्यालय, जोधपुर में अल्पसंख्यकों के उत्थान हेतु शोध पीठ की स्थापना के लिए 2 करोड़, अल्पसंख्यक कृषकों को सोलर पंप अनुदान योजना के लिए 15 करोड़ 42 लाख तथा अल्पसंख्यक मेधावी युवा प्रोत्साहन

डा.खानू खान राजस्थान वक्फ बोर्ड के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गये।

                ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              राजस्थान के सदस्यों मे अनेक दिग्गज लोगो की शमूलियत के बावजूद निर्वाचन अधिकारी जिला कलेक्टर जयपुर के द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार आज 17-जनवरी को अध्यक्ष के होने वाले चुनाव के लिये मात्र एक नामांकन डा.खानू खान के आने के बाद वो निर्विरोध अध्यक्ष चुने गये।            वक्फभूमि की सम्भाल व जायदाद से प्राप्त आमदनी से वैलफेयर के काम करने के लिये राज्य स्तर पर गठित होने वाले वक्फ बोर्ड के अन्य सदस्यों के निर्वाचन के बाद सरकार स्तर पर मनोनीत होने वाले चार सदस्यों के मनोनयन के बाद अब चुनाव अधिकारी  अंतर सिंह नेहरा द्वारा घोषित कार्यक्रम के मुताबिक बोर्ड को अध्यक्ष मिलने का रास्ता साफ हो गया है। जिसमे सरकार द्वारा  खानू खान सहित चार सदस्यों का मनोनयन सरकार द्वारा किया गया है।                किसी भी तरह से महिलाओं के निर्वाचित होने के चलते एक महिला व एक शीया तबके से सदस्य होने की अनिवार्यता के चलते सरकार द्वारा मनोनीत चार सदस्यों मे महिला के तौर पर रेशमा खान, शीया प्रतिनिधि के तौर पर डा.राणा जैदी, सेवारत प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर असल

नये मुख्य सचिव की नियुक्ति के पहले राजस्थान ब्यूरोक्रेसी मे बडा फैरबदल। 52-आईएएस अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी।

           ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                 राजस्थान के वर्तमान मुख्य सचिव निरंजन आर्य के इसी महीने सेवानिवृत्त होने से पहले व नये मुख्य सचिव की नियुक्ति के चंद दिनो पहले राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी मे 23-कलेक्टर व 7 सचिव स्तर के अधिकारियों सहित कुल 52 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर ब्यूरोक्रेसी मे बडा बदलाव किया है।               पीछले दिनो जारी आईएएस की एक और सूची मे आईएएस इकबाल खान को विशिष्ट सचिव चिकित्सा शिक्षा व आईएएस मोहम्मद जुनैद को सीईओ जिला परिषद श्रीगंगानगर लगाया गया था। आज आई सूची मे कमर जमा चौधरी को दौसा जिला कलेक्टर पद पर लगाया है। जहां पूर्व मे उनके ससूर अशफाक हुसैन भी जिला कलेक्टर रह चुके हैः इसके अलावा श्रीगंगानगर कलेक्टर जाकीर हुसैन को विशिष्ट शासन सचिव आयोजना विभाग व झूंझुनू कलेक्टर उमरदीन खान को विशिष्ट शासन सचिव स्कूल शिक्षा विभाग के पद पर लगाया है। जबकि डा. रश्मि इकबाल पहाड़ियान को राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा के पद पर लगाया है।               कुल मिलाकर यह है कि नई तबादला सूची मे जोधपुर मे जेडीसी पद पर पदस्थापित कमर जमा चोधरी को दौसा कलेक्टर पद पर पदस्था

राजस्थान वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का चुनाव कल 17-जनवरी को जयपुर मे होगा। डा.खानू खान का अध्यक्ष बनना लगभग तय बताते है।

                    ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              राजस्थान के सदस्यों मे अनेक दिग्गज लोगो की शमूलियत के बावजूद निर्वाचन अधिकारी जिला कलेक्टर जयपुर के द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार कल 17-जनवरी को अध्यक्ष के होने वाले चुनाव के लिये सुबह 11-बजे नामांकन भरे जाने के बाद मे पूर्व अध्यक्ष डा. खानू खान का निर्विरोध अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है।            वक्फभूमि की सम्भाल व जायदाद से प्राप्त आमदनी से वैलफेयर के काम करने के लिये राज्य स्तर पर गठित होने वाले वक्फ बोर्ड के अन्य सदस्यों के निर्वाचन के बाद सरकार स्तर पर मनोनीत होने वाले चार सदस्यों के मनोनयन के बाद अब चुनाव अधिकारी द्वारा घोषित कार्यक्रम के मुताबिक बोर्ड को अध्यक्ष मिलने का रास्ता साफ हो गया है। जिसमे सरकार द्वारा  खानू खान सहित चार सदस्यों का मनोनयन सरकार द्वारा किया गया है।                किसी भी तरह से महिलाओं के निर्वाचित होने के चलते एक महिला व एक शीया तबके से सदस्य होने की अनिवार्यता के चलते सरकार द्वारा मनोनीत चार सदस्यों मे महिला के तौर पर रेशमा खान, शीया प्रतिनिधि के तौर पर डा.राणा जैदी, सेवारत प्र

राज्यसभा के चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत समर्थक विधायकों को साधे रखना चाहते है। - दो सदस्य कांग्रेस के आसानी से तीसरा मुख्यमंत्री गहलोत की जोड़तोड़ की रणनीति से जीताये जाने की उम्मीद।

             ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।               राजनीति के जादूगर व सियासी बिछात बिछाने के माहिर माने जाने वाले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली मे तत्तकालीन उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से चल रही सियासी कुश्ती के कारण अपने पैर ओर अधिक मजबूत करने के लिये दिसम्बर-18 मे सरकार गठित करने के आठ महीने बाद भाजपा के राज्यसभा सदस्य मदन लाल सैनी के निधन पर खाली हुई सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री व सोनिया गांधी के विश्वासपात्र डा. मनमोहन सिंह को राजस्थान से अगस्त-19 मे उपचुनाव मे राज्य सभा सदस्य बनाकर जो कदम उठाया वो कदम उन्हें आज भी मददगार साबित हो रहा है। डा.मनमोहन इस चुनाव मे निर्विरोध चुने गये थे।              भाजपा के चार राज्यसभा सदस्यों के 4-जुलाई-22 को कार्यकाल पूरा होने पर अप्रैल-मई मे होने वाले चुनाव मे उम्मीदवार बनने के लिये नेताओं ने जयपुर-दिल्ली भागदौड़ शुरू कर दी है। वही मुख्यमंत्री गहलोत कांग्रेस व सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय व अन्य दलो के विधायकों को साधे रखना चाहते है। ताकि कांग्रेस के तीन सदस्य चुनाव आसानी से जीत जाये।                  भाजपा की तरफ से 2016 मे जीते चार

मलमास खत्म होने के बाद अब कांग्रेस नेताओं को राजनीतिक नियुक्ति मिलने की उम्मीद बंधी।

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।            हालांकि पीछले तीन साल से राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर एक तरह से राजस्थान मे मलमास ही चल रहा था। लेकिन गहलोत सरकार के चोथे साल मे प्रवेश करने के बाद अब लगता है कि कांग्रेस नेताओं को जल्द ही राजनीतिक नियुक्तियों से नवाजा जायेगा। जिसमे लोकसभा व विधानसभा मे हारे हुये उम्मीदवारों के अलावा मुख्यमंत्री के नजदीकी कुछ नेताओं के साथ साथ राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी मे प्रदेश से नेतृत्व करने वाले नेताओं की बल्ले बल्ले होने की सम्भावना जताई जा रही है। दुसरी तरफ मंत्री पद से हटाये गये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा किसी ना किसी रुप मे मंत्री दर्जा पाने की जुगाड़ मे लगे हुये है। वही रघु शर्मा व हरीश चोधरी राज्य सभा का सदस्य बनकर दिल्ली जाना चाहते बताते है।                   प्रदेश मे संवेधानिक पदो पर एक एक करके मुख्यमंत्री गहलोत अपने चेहते अधीकांश ब्यूरोक्रेट्स को नियुक्ति देकर उन्हें एडजस्ट कर चुके है। वहीं अब होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों मे भी अधीकांश पदो पर मुख्यमंत्री गहलोत की एक तरफा चलने की सम्भावना बताते है। पायलट खेमे को किसी भी रुप मे त

मुख्य सचिव व अध्यक्ष आरपीएससी सहित कुछ पदो पर इसी माह नियुक्ति होने की उम्मीदें बंंधी।

           ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।               राजस्थान लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष का पद रिक्त चलने के अलावा मुख्य सचिव के इसी जनवरी महीने मे सेवाकाल पूरा होने पर सेवानिवृत्त होने के चलते इन पदो के अलावा कुछ अन्य पदो पर नई नियुक्ति होने की सम्भावना बन रही है।              वर्तमान मुख्य सचिव निरंजन आर्य के एक्सटेंशन केन्द्र द्वारा स्वीकृत नही होने की सम्भावना के चलते उनके एक्सटेंशन की फाईल ही केंद्र नही भेजने का सरकारी स्तर पर तय हो रहा बताते है।उस स्थिति मे जनवरी आखिर मे राजस्थान को नया मुख्य सचिव इतिहास मे दूसरी दफा कोई महिला अधिकारी के रुप मे मिल सकता है। वर्तमान मुख्य सचिव निरंजन आर्य के सेवानिवृत्ति के बाद उनके राजनीति मे कदम रखकर आरक्षित सीट सोजत या मेड़ता से चुनाव लड़ने की तैयारी की सम्भावना जताई जा रही है। जबकि इनकी पत्नी संगीता आर्य जिन्होंने सोजत से 2018 मे चुनाव लड़ा था। वर्तमान मे वो राजस्थान लोकसेवा आयोग की सदस्य है। अगर कोई ज्यादा उठा-पटक नही हुई तो आईएएस ऊषा शर्मा या वीनू गुप्ता मे से कोई एक मुख्य सचिव बन सकती है।               राजस्थान लोकसेवा आयोग की पूर्ण पीठ मे भूपेन्द्

लखनऊ पब्लिक स्कूल लखीमपुर शाखा में मंगलवार को छात्र-छात्राओं के लिए वैक्सीनेशन कैंप लगाया गया

     लखनऊ पब्लिक स्कूल लखीमपुर शाखा में मंगलवार को छात्र-छात्राओं के लिए वैक्सीनेशन कैंप लगाया गया । 15 से 18 वर्ष की आयु के सभी छात्र-छात्राओं ने कोविड-19 टीकाकरण की प्रथम डोज लेकर राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान का हिस्सा बने। टीकाकरण प्रातः 9:00 बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 2:00 बजे तक चला। सी.एच.सी. प्रधान के मेडिकल ऑफिसर डॉ रंजीत कुमार, स्टाफ नर्स राधा मिश्रा व अंकित सिंह चौहान , फार्मासिस्ट नरेंद्र मोहन व शिवांगी वर्मा एवं पैरामेडिकल शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में कैंप का आयोजन किया गया।  विद्यालय के छात्र-छात्राओं के अतिरिक्त शहर के निवासियों एवं अन्य विद्यालयों के बच्चों ने भी वैक्सीनेशन कैंप मे आकर अपना वैक्सीनेशन कराया। विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय सचदेवा ने बताया कि कैंप के दौरान  कोविड प्रोटोकॉल का पूर्णतया पालन किया एवं विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं, आयु वर्ग 15 से 18 वर्ष का वैक्सीनेशन कराया गया है। उन्होंने सीनियर इंचार्ज अखिलेश सक्सेना, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं सभी कर्मचारियों द्वारा छात्र-छात्राओं को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने एवं कैंप को सफल बनाने के लिए मेडिकल ऑफिसर एवं उनकी

राजस्थान वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का चुनाव 17-जनवरी को जयपुर मे होगा। डा.खानू खान का अध्यक्ष बनना लगभग तय बताते है।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              राजस्थान के सदस्यों मे अनेक दिग्गज लोगो की शमूलियत के बावजूद निर्वाचन अधिकारी जिला कलेक्टर जयपुर के द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 17-जनवरी को अध्यक्ष के होने वाले चुनावों मे पूर्व अध्यक्ष डा. खानू खान का निर्विरोध अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है।            वक्फभूमि की सम्भाल व जायदाद से प्राप्त आमदनी से वैलफेयर के काम करने के लिये राज्य स्तर पर गठित होने वाले वक्फ बोर्ड के अन्य सदस्यों के निर्वाचन के बाद सरकार स्तर पर मनोनीत होने वाले चार सदस्यों के मनोनयन के बाद अब चुनाव अधिकारी द्वारा घोषित कार्यक्रम के मुताबिक बोर्ड को अध्यक्ष मिलने का रास्ता साफ हो गया है। जिसमे सरकार द्वारा  खानू खान सहित चार सदस्यों का मनोनयन सरकार द्वारा किया गया है।                किसी भी तरह से महिलाओं के निर्वाचित होने के चलते एक महिला व एक शीया तबके से सदस्य होने की अनिवार्यता के चलते सरकार द्वारा मनोनीत चार सदस्यों मे महिला के तौर पर रेशमा खान, शीया प्रतिनिधि के तौर पर डा.राणा जैदी, सेवारत प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर असलम शेर खान व सामाजि

राजस्थान मे अब मस्जिद कमेटियां भी जदीद तालीम की अहमियत समझकर तालीम का मयार बढाने की तरफ आगे कदम बढाने लगी है।

                ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              नमाज अदा करने के अतिरिक्त तालीम के क्षेत्र मे भी मस्जिद की उपयोगिता को समझते हुये राजस्थान मे मस्जिद प्रबंध समितियों ने जदीद तालीम का प्रबंध करने की तरफ कदम बढाने का मन बना लिया है।              हालांकि अधीकांश मस्जिद प्रबंध समितियों ने मस्जिद परिसर मे किसी ना किसी रुप मे पवित्र किताब कुरान-ए-पाक को उसकी मूल भाषा अरबी मे पढना सीखने का इंतजाम मक्तब बनाकर कर रखा है। लेकिन अब जदीद तालीम की कोचिंग देने व उसके मुतालिक पढने के लिये आवश्यक किताबो का जखीरा लाईब्रेरी के रुप मे जरुरतमंदो के लिये उपलब्ध करवाने का तय किया है।               राजस्थान के अजमेर जिले के नसीराबाद कस्बे की जामा मस्जिद के एक कमरे मे शुरुआती तौर पर बाकायदा फर्नीचर लगाकर लाईब्रेरी व बच्चों को साईंस-मेथस व अन्य विषयों की कोचिंग आला दर्जे की फेकल्टीज द्वारा निशुल्क देने का तय किया है। जिसकी चारो तरफ प्रशंसा हो रही है।                मस्जिद परिसर का नमाज के अलावा अधीकांश समय उपयोग प्रदेश मे नही होता है। कभी कभार व कही कही मस्जिद परिसर मे निकाह के लिये भी उपयोग किया जाता है।

राजनीतिक नियुक्तियों के नाम पर कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा लम्बे समय तक तड़फाने से कांग्रेस कमजोर ही होती है। - कांग्रेस हाईकमान को कांग्रेस के लगातार सत्ता मे नही आने के कारणो पर मंथन करना चाहिए।

                ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              प्रदेश मे कांग्रेस के सत्ता मे आने पर दिल्ली हाईकमान से जोड़तोड़ करके मुख्यमंत्री का पद पाने मे अशोक गहलोत तीसरी दफा सफल होने के साथ मुख्यमंत्री रहते सरकार भी ढंग से चलाने की छवि बनाने मे कामयाब रहने के बावजूद उनके मुख्यमंत्री रहते होने वाले आम विधानसभा चुनावों मे कांग्रेस के ओंधे मुंह गिरने के कारणों पर कांग्रेस पार्टी को कम से कम मंथन जरूर करना चाहिए। अन्यथा जो परिणाम पहले आये उनसे बूरे आगे भी आ सकते है। अपने चहते सेवानिवृत्त  ब्यूरोक्रेट्स व कुछ नजदिकीयो को संवैधानिक व अन्य पदो पर समय रहते नियुक्ति देकर सत्ता मे हिस्सेदारी देना भूलते नही उनके मुकाबले लम्बे समय आम कांग्रेस नेता व कार्यकर्ताओं को जिला व प्रदेश स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियों से दूर रखने से उनके उदासीन हो जाना भी अगले चुनाव मे कांग्रेस का बूरी तरह हारने की बनती सम्भावना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।               राजनीति मे लगे आम लोग साधू-संत तो होते नही है। वो भी राजनीति मे आकर सत्ता का स्वाद चखते हुये अपने अपने स्तर पर सत्ता मे हिस्सेदारी की चाहत रखना चाहते है। जब नेता

गहलोत सरकार के मंत्री पुत्र की कर्बला मैदान पर क्रिकेट प्रतियोगिता कराने की जीद के चलते कांग्रेस की भारी फजीहत हुई।

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।               राजधानी जयपुर शहर मे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच करवाने के लिये अनेक बेहतरीन स्टेडियम मोजूद होने के बावजूद राजस्थान सरकार के पावरफुल मंत्री महेश जौशी के पूत्र रोहित जौशी द्वारा वक्फ भुमि कर्बला पर क्रिकेट पीच बनाकर वहां क्रिकेट प्रतियोगिता करवाने की जीद के चलते घटे घटनाक्रम से खासतौर पर कांग्रेस पार्टी की भारी फजीहत हुई है। घटना क्रम मे मंत्री के इशारे पर सरकारी दवाब बनाने व एक उच्च पुलिस अधिकारी द्वारा विरोध करने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक कारकून पप्पू कुरेशी को थाने मे धमकाने के बाद प्रदेश भर मे मामला गरमा गया है।पूरे घटनाक्रम को लेकर विभिन्न संगठनों का समूह मुस्लिम फोरम भी अब सामने आ गया है।                 आयोजकों ने करबला मैदान पर क्रिकेट प्रतियोगिता करवाने की जीद करने पर सामाजिक स्तर पर उठे विरोध के बावजूद सत्ता के नशे मे चूर मंत्री पूत्र के इशारे पर विरोध करने वाले लोगो को पुलिस द्वारा धमकाने व गिरफ्तार करने के चलते आखिरकार जब शहर के दो कांग्रेस विधायक रफीक खान व विधायक आमीन कागजी ने वक्फ भूमि पर प्रतियोगिता कर

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय मे आयोजित प्रैस कांफ्रेंस मे डोटासरा ने कहा कि रैली मे भीड़ नही जुटने के कारण प्रधानमंत्री की सुरक्षा का मुद्दा बना रहे है।

        ।अशफाक कायमखानी। जयपुर            प्रदेश कांग्रेस कार्यालय मे आयोजित प्रैस कांफ्रेंस मे प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि पंजाब में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर प्रधानमंत्री तथा भाजपा ऊहापोह की स्थिति में है क्योंकि पिछले 15-16 महिनों में केन्द्र सरकार द्वारा किसानों पर अत्याचार किये गये, उन पर तीन काले कृषि कानून थोपने का कार्य भाजपा की केन्द्र सरकार ने किया, कानून वापस लिये गये, देश से माफी मांगी, किन्तु प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने किसानों एवं किसान संगठनों से चर्चा करना भी उचित नहीं समझा। केन्द्र सरकार ने किसान आन्दोलन के दौरान शहीद हुए कृषकों के संदर्भ में कोई निर्णय नहीं लिया तथा अब एक षडय़ंत्र के तहत् जिस प्रकार छद्म राष्ट्रवाद को आधार बनाया था, पुन: इसी एजेण्डे के तहत् भाजपा पंजाब में चुनावी माहौल बनाना चाहती है।     उक्त विचार राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  गोविन्द सिंह डोटासरा ने  प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, जयुपर पर आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के

राजस्थान में फिलहाल लॉकडाउन नहीं,लोग सावधानी बरतें- मुख्यमंत्री

जयपुर: प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लॉकडाउन लगाने से साफ इनकार कर दिया है। गहलोत ने कहा कि राजस्थान में अभी सरकार लॉकडाउन का कोई विचार नहीं कर रही है। हालांकि लोग सावधानी बरतें और इसे गंभीरता से लें। गहलोत ने कहा- हम चाहते हैं कि लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। सोशल डिस्टेंस मेंटेन करें, हाथों को सैनिटाइज करें, मास्क लगाएं और वैक्सीन के दोनों डोज लगाएं। यह बहतु जरूरी है। अभी जो लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं उनमें एक भी सीरियस नहीं है, इसका कारण है कि ज्यादातर लोगों को वैक्सीन लगी हुई है। सबको वैकसीन लगाना इसीलिए जरूरी है। उन्होंने बताया कि कोरोना की पहली दूसरी लहर और अब में फर्क है। यह कम घातक है, लेकिन चिंता इस बात की है कि एक्सपर्ट कह रहे हैं कि यह जब तेजी से फैलता है, तो इसमें कई म्युटेंट बनकर नया वैरिएंट बन जाता है। ऐसी हालत में यह सबसे ज्यादा खतरनाक हो जाता है। 125 देशों में यह फ़ैल चुका है लेकिन मौतें न के बराबर हैं। सीएम और सरकार के कई मंत्री कह चुके हैं लॉकडाउन से रोजगार और बिजनस पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए लॉकडाउन की नौबत नहीं आए और

मंत्रीमंडल की बैठक मे कोराना को लेकर किये गये फैसले।

            ।अशफाक कायमखानी। जयपुर          वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कोरोना के तेजी बढ़ते संक्रमण पर चिंता व्यक्त की गई और संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने पर चर्चा की गई। राज्य मंत्रिपरिषद् ने विगत दिनों में संक्रमण की बढ़ती दर के दृष्टिगत कोविड अप्रोप्रिएट बिहेवियर की सख्ती से पालना कराने एवं विभिन्न गतिविधियों पर आंशिक पाबंदियां लगाए जाने के संबंध में सुझाव दिए। बैठक में निर्णय किया गया कि राज्य मंत्रिपरिषद् के सदस्य अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में कोविड की स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे और जनप्रतिनिधियों एवं अन्य माध्यमों से मिले फीडबैक के आधार पर कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास करेंगे। सभी सदस्य आमजन को जागरूक करने के लिए भी जनभागीदारी के साथ समुचित प्रयास करेंगे।   बैठक में बताया गया कि विश्व के कई देशों में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमण की दर तेजी से बढ़ रही है, जो चिंता का विषय है। इस वायरस की प्रकृति को लेकर विशेषज्ञ लगतार चेतावनी दे रहे हैं। इससे संक्रमित व्यक्ति एक साथ 20 से 25 व्यक्तियों

राजस्थान ब्यूरोक्रेसी में कभी भी बडा बदलाव हो सकता है। जयपुर कलेक्टर नेहरा सहित कुछ जिला कलेक्टर की विदाई तय। आईएएस कमरुल जमन चोधरी-इकबाल खान व रश्मि खान मे से दो को जिला कलेक्टर पद पर लगाने की सम्भावना।

         ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                                                                                                                                            राजस्थान मे आज पांच जनवरी शामको मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की वजह से आईएएस-आरएएस अफसरों के तबादले पर लगी पाबंदी हटने के बाद अब किसी भी समय ब्यूरोक्रेसी मे बदलाव की खबर आ सकती है।5 जनवरी तक मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के चलते कलेक्टर- एसडीएम और इस कार्यक्रम से सीधे जुड़े अफसरों के तबादलों पर रोक लगी होने की वजह से गहलोत सरकार ने नए वर्ष में आईएएस अफसरों को प्रमोशन देकर कुछ अफसरों को इधर से उधर तो किया है पर बडा बदलाव अब देखनें को मिलेगा। था। जिसके तहत आईएएस-आरएएस अफसरों की बड़ी तबादला सूची आने का इंतजार है।तबादला सूची  मे जयपुर कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा सहित कुछ अन्य कलेक्टर का तबादला तय माना जा रहा है।कुछ अधिकारियों के कामकाज से मुख्यमंत्री खुश नही बताते है एवं एक दर्जन आईएएस अफसरों के पास अतिरिक्त चार्ज है।              राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता 5 जनवरी को शाम 4.45 बजे मतदाता सूचियों का अंतिम प

राजनीतिक जनप्रतिनिधियों पर उनकी बिरदरियो की मांग उठाने पर उनकी बिरदरियो का दवाब कितना जायज ठहराया जा सकता है!

    मुस्लिम समुदाय अक्सर अपने नेताओं पर उनकी जायज मांगो को नही उठाने का आरोप लगाता रहता है।              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                 हालांकि समय समय पर अधीकांश बिरदरियो (समुदाय) की तरफ से अक्सर सुनने को मिलता है कि उनकी बिरादरी के जनप्रतिनिधि अपनी बिरादरी की जायज मांग सरकार के सामने उठाते से कंपकंपाते है। अगर कभी कभार दाये-बांये से जायज मांगो के समर्थन मे उठाते भी है तो बहुत ही धीमीं धीमी आवाज मे जो नही उठाने के समान होती है। हां यह सही है कि उन्हे चुनाव लड़ने के लिये टिकट देने का आधार उनकी बिरादरी-समुदाय के उस क्षेत्र मे मतदाताओं का होता है पर उसका टिकट के लिये चयन होना उस दल के शीर्ष नेतृत्व की मर्शी पर निर्भर होता है ना की उस बिरादरी के मतदाताओं का होता है।                अब इधर उधर जाने की बजाय सीधे राजस्थान के मुस्लिम समुदाय के सत्तारूढ़ कांग्रेस मे मोजूद वर्तमान मुस्लिम नेतृत्व को लेकर मदरसा पैराटीचर्स व उर्दू के आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया व अन्य प्लेटफार्म पर खूब चर्चा रही कि उनके मुस्लिम विधायक व लीडरान खामोश बैठे है। कुछ हदतक बसपा से कांग्रेस मे आये विधायक वाजीब अली

धर्मगुरू, राजनीतिक दलों तथा एनजीओ से संवाद के बाद नई गाइडलाइन जारी विवाह समारोह में केवल 100 व्यक्ति होंगे अनुमत जयपुर में कक्षा 1 से 8 तक स्कूलांे में नियमित शिक्षण गतिविधियां 9 जनवरी तक रहेंगी बंद

  जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में रविवार को कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रोन से संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों की रोकथाम एवं बचाव को लेकर धर्मगुरूओं, राजनीतिक दलों, तथा गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया गया। संवाद के बाद संक्रमण की रोकथाम के लिए गृह विभाग ने अतिरिक्त सतर्क-सावधान जन-अनुशासन दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके महत्वपूर्ण बिन्दु इस प्रकार हैं:- वैक्सीनेषन की अनिवार्यताः- 1.    विशेषज्ञों की राय के अनुसार जिन्होेंने कोविड वैक्सीन की दोनों खुराक ले ली है, उनमें कोरोना के नये वैरिएंट (ओमिक्रॉन) से संक्रमित होने पर हॉस्पिटलाइजेषन (ऑक्सीजन एवं आईसीयू) की आवष्यकता कम देखी जा रही है, इसलिए उनका अनिवार्य परामर्ष है कि वैक्सीनेषन की दोनों डोज लगवाई जाए एवं कोविड उपयुक्त व्यवहार की अनुपालना सुनिश्चित की जाए। 2.    भेद्य व्यक्तियों जैसे (65 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्ति, पुराने रोगों एवं सहरूग्णता से पीड़ित व्यक्ति एवं गर्भवती महिलाएं तथा 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे) को घर पर ही रहने एवं केवल आवष्यक तथा स्वास्थ्य उद्देश्यों के लिए ही और यदि अपरिहार्य परिस्

सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड के गठन मे चार सदस्यों की आज नियुक्ति करने के बाद अध्यक्ष के चुनाव के लिये रास्ता साफ हुवा। डा.खानू खान का अध्यक्ष बनना लगभग तय बताते है !

          ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              वक्फभूमि की सम्भाल व जायदाद से प्राप्त आमदनी से वैलफेयर के काम करने के लिये राज्य स्तर पर गठित होने वाले वक्फ बोर्ड के अन्य सदस्यों के निर्वाचन के बाद सरकार स्तर पर मनोनीत होने वाले चार सदस्यों के मनोनयन के बाद अब अध्यक्ष के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। जिसमे सरकार द्वारा मनोनीत सदस्य खानू खान के अध्यक्ष बनना लगभग तय बताया जा रहा है।                किसी भी तरह से महिलाओं के निर्वाचित होने के चलते एक महिला व एक शीया तबके से सदस्य होने की अनिवार्यता के चलते सरकार द्वारा आज मनोनीत चार सदस्यों मे महिला के तौर पर रेशमा खान, शीया प्रतिनिधि के तौर पर डा.राणा जैदी, सेवारत प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर असलम शेर खान व सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर डा. खानू के मनोनयन के बाद कुल नो सदस्यो का पूर्ण बोर्ड बन चुका है। चुनाव अधिकारी जयपुर जिला कलेक्टर अब अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम घोषित करके अध्यक्ष का चुनाव मुकम्मल करवायेगे।           पूर्ण बोर्ड के गठन के सदस्यों के तौर पर विधायक कोटे से विधायक रफीक खान, सांसद/पूर्व सांसद कोटे से अश्क अली टांक, बार को

विधायक वाजीब अली की मध्यस्थता व भागदौड़ से मदरसा पैराटीचर्स का आंदोलन समाप्त।

        ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।               भरतपुर के नगर विधानसभा से बसपा की टिकट पर चुनाव जीतकर आने के बाद कांग्रेस मे शामिल होने वाले विधायक वाजीब अली की मध्यस्थता से पीछले 97-दिन से जयपुर के शहीद स्मारक पर चलने वाले धरने व अनसन पर बैठे शमशेर खान के नेतृत्व मे एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री गहलोत से उनके आवास पर मिला। जहां सकारात्मक वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त व शमशेर खान को मुख्यमंत्री ने ज्यूस पिलाकर अनसन तोड़ने की घोषणा हुई।             आंदोलनरत पैराटीचर्स द्वारा कल धरना स्थल से दिल्ली रवाना होने की कोशिश के समय पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने के बाद तनाव उत्पन्न हो गया था। उसके बाद शामको धरना स्थल पर अनेकों सफल आंदोलन चला चुके सांसद किरोड़ीलाल मीणा के आकर धरनार्थियों को सम्बोधित करके उनके साथ खड़ा होने के बाद सरकारी स्तर पर हलचल बढने लगी। आज सरकार की तरफ से विधायक वाजीब अली, विधायक आमीन व विधायक रफीक के एक साथ अचानक धरनास्थल पर पहुंच कर वार्ता करने के बाद वो आंदोलनकारी पैराटीचर्स के एक प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री से वार्ता के लिये ले जाने मे कामयाब रहे। मुख्यमंत्री द्वारा उनकी मांगो