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जुलाई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मुख्यमंत्री गहलोत अपने पूत्र वैभव को पर्दे के पीछे प्रोजेक्ट करते नजर आये।

जयपुर।                राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा अपने पुत्र वैभव को राजनीति मे प्रोजेक्ट करने की भरपूर कोशिश करते रहने के बावजूद अनेक पूर्व मुख्यमंत्रियों के पूत्रो की तरह वैभव गहलोत भी जनता की अदालत मे आकर ना अभी तक चुनाव जीत पाये है ओर नाही पिता के मुख्यमंत्री रहते होने के बावजूद जनप्रिय नेता की छवि बनाने मे कामयाब हो पाये है। लेकिन वैभव के विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के साथ दो दिन पहले हुई मुलाकात का वीडियो वायरल होने के बाद वो काफी चर्चा मे आ जाने पर प्रदेश मे कयास लगाये जाने लगे है कि पिता की कुर्सी बचाने के लिये पूत्र भी जोड़-तोड़ की सियासत करने लगे है। वीडियो मे साफ सुना जा सकता है कि विधानसभा अध्यक्ष जौशी सरकार को लेकर वैभव को मोजुदा राजनीतिक संकट पर बात करते हुये कह रहे है तीस विधायक मिलकर सरकार गिरा सकते है।              हालांकि मुख्यमंत्री पुत्र वैभव गहलोत के 2019 का लोकसभा चुनाव हारने को लेकर जनता मे कोई आश्चर्य होना नही देखा गया था क्योंकि पूत के पैर पालने मे नजर आने की कहावत राजस्थान मे काफी मशहूर बताई जाती है। खास बात यह है कि पिता व पूत्र के स्वयं की बूथ से

अब दिल्ली से 750 किलोमीटर दूर हो गए है समर्थक विधायक। - 15 विधायकों पर सरकार की कड़ी नजर। 

  31 जुलाई को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने सभी सौ समर्थक विधायकों को जयपुर से जैसलमेर ले गए हैं। इन विधायकों को तीन चार्टर प्लेन से ले जाया गया है। इसके लिए इंडो थाई एयरवेज के प्लेन खासतौर से जयपुर बुलवाए गए। समर्थक विधायक अब तक जयपुर की होटल फेयरमोंट में ठहरे हुए थे। चूंकि राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधानसभा का सत्र 14 अगस्त आहूत करने की मंजूरी दे दी है। इसलिए सीएम गहलोत को अपने विधायकों को 14 अगस्त तक सुरक्षित और एकजुट रखने की जरुरत है। सूत्रों की माने तो जयपुर में केन्द्रीय एजेंसियों के द्वारा होटल फेयरमोंट पर छापेमारी का डर हो गया था। इस डर की वजह से ही विधायकों को जैसलमेर ले जाया गया है। आशंका थी कि छापेमारी के दौरान विधायकों में भगदड़ मच जाएगी। तब कुछ विधायकों को 200 किलोमीटर दूर हरियाणा की सीमा में ले जाना आसान होगा। हालांकि राजस्थान पुलिस के रहते ऐसा संभव नहीं था, लेकिन फिर भी सीएम गहलोत ने कोई जोखिम नहीं ली। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 31 जुलाई को होटल फेयरमोट से सांगानेर एयरपोर्ट तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में विधायकों को लाया गया। कोई विधायक इधर-उधर न हो जा

बहुमत का दावा करने वाले मुख्यमंत्री गहलोत आखिर समर्थक विधायको को बाड़ेबंदी मे कितने दिन ओर रखेगे। - पवित्र त्योहार ईद-उल-अजहा व रक्षाबंधन के बाद स्वतंत्रता दिवस आने को है।

जयपुर।                राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने नेतृत्व वाली सरकार को अभी भी बहुमत मे बताने के बावजूद पीछले एक पखवाड़े से भी अधिक समय से अपने समर्थक कांग्रेस विधायक व निर्दलीय विधायकों सहित बीटीपी व अन्य दलो के विधायको को जयपुर की आलीशान होटल मे बाड़ेबंदी मे कैद करके जनता के पैसो की बरबादी करते रहने का तात्पर्य समझ से परे है। बहमत अगर है तो चलाओ सरकार ओर विधायको को करे आजाद ताकि कोराना की महामारी व प्रदेश मे रोज एक हजार से अधिक आते मरीजो से छाये खोफ मे अपने क्षेत्र की जनता के मध्य रहकर उनके डर को कम करने की विधायक कुछ ना कुछ कोशिश कर सके। लेकिन गहलोत को विधायको की विश्वसनीयता पर शक होगा कि वो आजाद होते ही उनसे अलग छिटक कर कही विरोधी घड़े से जा ना मिले।             ऊधर पायलट खेमा भी मुख्यमंत्री गहलोत सरकार के अल्पमत मे आने का दावा तो कर रहे है। लेकिन संख्या बल उनके पास भी ठीक ठाक अभी तक उतना जुट नही पाया है। जितने संख्या बल की उनको जरुरत है। फिर भी पायलट गूट ने गहलोत की कथित लगातार बनाई जाने वाली गांधीवादी छवि को जरूर सबके सामने लाकर गहलोत को केवल पद व सत्तालोलुपता के तौर

स्टेट क्राइम ब्रांच ने कोटा-झालावाड़ हाईवे पर झालावाड़ से स्मैक ला रहे चार तस्करों को 60 लाख रुपए की स्मैक के साथ दबोचा

  जयपुर, 26 जुलाई।  जयपुर से कोटा गई सीआईडी  क्राईम ब्रांच की टीम ने रविवार को कोटा-झालावाड़ हाइवे पर मारुति वैन में झालावाड़ से स्मैक ला रहे 04 तस्करों को 300 ग्राम अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये आंकी गई है। सरगना कैलाश तंवर (23) और उसके साथी मारुति वैन मालिक रमेश रोहिला (28), जगदीश तंवर (25) व प्रेमसुख तंवर (25) अकलेरा, झालावाड़ के रहने वाले है। पूछताछ में स्मैक कोटा के केशोरायपट्टन कस्बे में छोटे तस्करों को सप्लाई करना बताया है।         पुलिस महानिदेशक (अपराध) मोहन लाल लाठर ने बताया कि सरगना कैलाश तंवर ने इससे पहले जयपुर, टोंक व सीकर जिले में भी स्मैक की सप्लाई करना स्वीकार किया है।  मामले में गहनता से तफ्तीश कर तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए इससे जुड़े सभी अभियुक्तों का पता कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।              पुलिस महानिदेशक (अपराध) ने बताया कि स्टेट क्राईम ब्रांच की क्रिमिनल इन्टेलिजेन्स सैल (सीईसी) को सूचना मिली थी कि झालावाड़ से एक मारुति वैन में कुछ तस

82,000 के जाली नोटों के साथ एक गिरफतार, बाइक जब्त

श्रीगंगानगर जिले की थाना मुकलावा पुलिस ने रविवार को कांस्टेबल कालूराम की सूचना पर थाना क्षेत्र के डाबला हैड इलाके में एक बाइक पर 100, 200 व 500 के जाली नोट लेकर बैठे एक आरोपित को गिरफ्तार कर कुल 82000 रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद की है। अंधेरे की फायदा लेकर गिरफ्तार मुजरिम का सगा भाई 50,000 के जाली नोट लेकर भाग गया, जिसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।       श्रीगंगानगर एसपी राजन दुष्यंत ने बताया कि रात्रि गश्त के दौरान थानाधिकारी मुकलावा जय सिंह को थाने के कांस्टेबल कालूराम ने सूचना दी कि डाबला हैड इलाके में बारांवाली निवासी दो भाई कुलविन्द्र सिंह (21) व जसविन्द्र सिंह पुत्र बलदेव सिंह एक बाइक लेकर बैठे है, जिनके पास भारतीय मुद्रा के काफी जाली नोट है।सूचना पर टीम मौके पर पहुंची तो एक भाई जसविन्द्र सिंह अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया, कुलविन्द्र सिंह को काबू कर तलाशी ली गई तो 500 रूपये के 114 नोट, 200 रूपये के 123 नोट, 100 रूपये के 04 नोट कुल 82,000 की जाली भारतीय मुद्रा बरामद की गई।       पूछताछ में कुलविन्द्र सिंह ने बताया कि जसविन्द्र सिंह के पास 50,000 रूपये के नकली नोट थे। इसके सम्

मध्यप्रदेश का 5 हजार रु.का ईनामी शाहजहांपुर टोल पर दबोचा

     जयपुर 26 जुलाई। भिवाड़ी डीएसटी ने रविवार को शाहजहाँपुर टोल नाके से मध्यप्रदेश पुलिस से फरार 5000 के इनामी बदमाश अलीम उर्फ बब्बू मेव (24) निवासी बाबला थाना तावडू, हरियाणा को दस्तयाब कर थाना भिवाड़ी के सुपुर्द किया। अलीम कई राज्यो मे लूट, चोरी व अन्य संगीन वारदातो को अन्जाम दे चुका है। प्रारम्भिक पूछताछ में अलवर व हरियाणा की 11 वारदातों का खुलासा हुआ है।     भिवाड़ी एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि अलीम उर्फ बब्बू पर मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा मोबाईल शोरूम से 2.50 लाख कीमत के मोबाईल चोरी करने पर 5000 रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। करीब दो साल से भिवाडी थाने के डकैती की योजना में भी फरार चल रहा था। मुल्जिम का भाई तारिफ भी कई राज्यो मे मोबाईल शोरूम लूट की वारदातो में फरार चल रहा है।       कांस्टेबल ओमप्रकाश को सूचना मिली की भिवाडी थाना व मध्यप्रदेश पुलिस के मुकदमें मे फरार इनामी बदमाश बब्बू उर्फ अलीम ट्रक ड्राईवरी कर रहा है, जो रविवार को गुजरात से ट्रक लेकर दिल्ली जायेगा। इस पर थानाधिकारी चौपानकी मुकेश कुमार (प्रभारी डीएसटी) मय टीम ने त्वरित कार्रवाई कर शाहजहाँपुर टोल नाके से आरोपित को दब

24 घंटे में देनी होगी कोरोना जांच रिपोर्ट, जारी हुई गाइड लाइन        

                    जयपुर।       प्रदेश में लगातार बढ़ रहे संक्रमित मरीजों के आंकड़ों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 मरीजों की जांच के लिए गाइडलाइन जारी की है।गाइडलाइन के अनुसार किसी व्यक्ति की कोरोना जांच के बाद 24 घंटे में उसे जांच रिपोर्ट देनी होगी। इसके लिए अस्पताल लैब और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। बता दें मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव हो या पॉजिटिव 24 घंटे के भीतर मरीज को सूचना उपलब्ध करवाने की बात कही गई है। मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद अगर मामूली लक्षण दिख रहे हो तो ऐसी सूरत में मरीज को चिकित्सक के द्वारा ट्रीटमेंट दिया जाए। वहीं, लक्षण वाले नेगेटिव मरीजों को नॉन कोविड अस्पताल में रेफर किया जाए। अगर किसी में लक्षण नहीं हो तो उस व्यक्ति को सावधानी बरतने का परामर्श दिया जाए । मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर                        जांच रिपोर्ट अगर पॉजिटिव आई हो और लक्षण नहीं हो या फिर मामूली हो तो उस व्यक्ति को होम आइसोलेशन किया जाए । अगर किसी व्यक्ति के घर में व्यवस्था नहीं हो तो उसे कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाए ।मध्यम लक्षण वाले

 राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहली दफा अपने बूने जाल मे स्वयं फंसते नजर आ रहे है।

  जयपुर।                 1998 मे दिल्ली हाईकमान से सांठगांठ करके मुख्यमंत्री का पद पहली दफा पाने वाले अशोक गहलोत ने तब से लेकर अब तक प्रदेश के जनाधार रखने वाले दिग्गज कांग्रेस नेताओं को एक एक करके धीरे धीरे राजनीतिक तौर पर ठिकाने लगाते रहने से कांग्रेस लगातार कमजोर होती चली जाने के बावजूद 2018 मे फिर से मुख्यमंत्री बनने के बाद भी गहलोत ने अपने पुराने रवैये के मुताबिक सचिन पायलट को राजनीतिक तौर पर ठिकाने लगाने का जो जाल बूना उसमे गहलोत स्वयं व उनके कारण कांग्रेस पार्टी फंसती नजर आ रही है।              2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव परिणाम के मुताबिक कांग्रेस बहुमत के करीब पहुंचने पर जनता की भावनाओं के विपरीत दिल्ली मे मोजूद कांग्रेस के कोकस से सांठगांठ करके मुख्यमंत्री पद पाने के बाद हमेशा की तरह ब्यूरोक्रेसी के मार्फत सचिन पायलट व उनके समर्थक मंत्रियों को असरहीन करने की भरपूर गहलोत ने कोशिशे की। लेकिन मुख्यमंत्री की उक्त कोशिशों को पायलट व समर्थक विधायक सब समझते हुये सब्र से काम लेते हुये सरकार को पांच साल तक चलाना चाहते थे। पर गहलोत ने विभिन्न धाराओं के साथ स्वयं के मंत्री व कांग्रेस

राजस्थान मे लोकसभा चुनाव मे कांग्रेस उम्मीदवार रहे नेता व पूर्व सांसद राजनीतिक घटनाटक्रम मे नई करवट ले सकते है।

जयपुर।                लोकसभा चुनाव मे राजस्थान की सभी पच्चीस सीटो से चुनाव लड़ चुके कांग्रेस उम्मीदवारों मे से दो-चार को छोड़कर अधिकांश उम्मीदवार प्रदेश मे पल पल घट व बदल रहे राजनीतिक घटनाटक्रम पर नजर रखते हुये अपनी महत्ती भूमिका अदा करने का तय करके राजनीतिक करवट लेकर मोजुदा समय मे अहम किरदार निभा सकते है।             राजनीतिक सुत्र बताते है कि कांग्रेस से जुड़े अधिकांश लोकसभा उम्मीदवार व पार्टी से जुड़े पूर्व सांसद जयपुर मे जल्द एक बैठक करके मोजूदा राजनीतिक घटनाटक्रम पर मंथन करके व्यू रचना बनाकर उस पर अमल कर सकते है। प्रदेश मे माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अब केन्द्र सरकार से सीधा टकराव होने की सम्भावना पूरी तरह बन चुकी है। वही कांग्रेस विधायक भी कम ज्यादा तादाद मे दो भागो मे बंट चुके है। गहलोत सरकार बहुमत सिद्ध करे या अल्पमत मे आये या फिर राष्ट्रपति शासन लगे। लेकिन सम्भवतः चालू वर्ष के आखिर मे बिहार चुनाव के साथ राजस्थान मे भी मध्यवर्ती विधानसभा चुनाव होना माना जा रहा है।      राजस्थान के राजनीतिक घटनाटक्रम के तहत कांग्रेस विधायक गहलोत-पायलट खेमो मे विभक्त होकर होटल्स मे कै

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेमे को लग सकता है बडा झटका।

जयपुर।               राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बसपा के सभी छ विधायको के कांग्रेस मे शामिल कराने को लेकर भाजपा विधायक मदन दिलावर व बसपा ने पहले स्पीकर के यहा 16-मार्च को शिकायत करके बसपा विधायको के कांग्रेस मे विलय को गलत करार देते हुये प्रार्थना करने पर जब स्पीकर सीपी जोशी द्वारा अभी तक उस पर निर्णय नही लेने के पश्चात आखिरकार मदन दिलावर ने उक्त मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय मे दिलावर व बसपा द्वारा दायर याचिका पर 27-जुलाई को सुनवाई होनी है।              हालांकि न्यायालय का उक्त याचिका पर सुनवाई के बाद जो निर्णय आयेगा उसके बाद बसपा विधायको के  अस्तित्व पर प्रभाव पड़ना तय है। लेकिन हाईकोर्ट मे दिलावर द्वारा उक्त प्रकरण को लेकर दायर याचिका के बाद कानून के जानकार व राजनितिज्ञ उक्त प्रकरण को लेकर चर्चा करने जरुर लगे है। अगर न्यायालय का आदेश विलय प्रक्रिया के खिलाफ आता है तो बसपा विधायको की सदस्यता पर भी सवाल खड़े हो सकते है। अगर उक्त छ विधायकों की  विलय प्रक्रिया की खामियों के कारण सदस्यता रद्द होती है तो मुख्यमंत्री खेमे द्वारा अब 102 विधायको का समर्थन होन

मुख्यमंत्री द्वारा सत्ता को अपने तक सेन्टरलाईज करने के कारण असंतोष का गुबार फूटा

जयपुर।                मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हमेशा अपने आपको मिले राजनीतिक पद को बचाये रखने के लिये वो सबकुछ कांग्रेस के नाम पर संघर्ष का दिखावा किया जो उनको कभी भी नही करके केवल कांग्रेस को बचाये रखने के लिये करना चाहिए था। जो गहलोत को करना चाहिये था वो सबकुछ आज तक नही किया। कयोकि कांग्रेस ने उनको बहुत कुछ आज तक दिया जो सबकुछ मिलना उनके लिये मुश्किल था।              अशोक गहलोत द्वारा दिल्ली मे मोजूद कांग्रेस हाईकमान के एक परिवार मेनेजमेंट के कारण उनकी बात को तरजीह अक्सर मिलती रही है। एवं केंद्र मे अधिकांश समय कांग्रेस की सरकार रहने के चलते उनके मात्र दिल्ली मेनेजमेंट के कारण उनकी चाहत को तरजीह मिलते रहने से उन्होंने प्रदेश मे अपने राजनीतिक उदय के बाद से लेकर अब तक एक एक करके उन सभी मजबूत लीडरशिप को राजनीतिक तौर पर पहले कमजोर व फिर सियासत से बाहर का रास्ता दिखाने मे कभी भी किसी तरह से चूक नही की। लेकिन अब हालात जरा बदले बदले नजर आये।          कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री गहलोत को राजस्थान के मुख्यमंत्री रहते आम विधानसभा चुनाव लड़ने के लिये दो दफा 2003-व 2013 मे पुरी छूट देकर मैदान

संवैधानिक मर्यादा से ऊपर कोई नहीं - राज्यपाल

  जयपुर।              राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने कहा है कि संवैधानिक मर्यादा से ऊपर कोई नहीं होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की दबाव की राजनीति नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार द्वारा दिनांक 23 जुलाई, 2020 को रात में विधानसभा के सत्र को अत्यन्त ही अल्प नोटिस के साथ आहूत किये जाने की पत्रावली पेष की गई । पत्रावली में गुण दोषों के आधार पर राजभवन द्वारा परीक्षण किया गया तथा विधि विषेषज्ञों द्वारा परामर्ष प्राप्त किया गया । तदपुरान्त राज्य सरकार के संसदीय कार्य विभाग को राजभवन द्वारा निम्नलिखित बिन्दुओं के आधार पर स्थिति प्रस्तुत करने के लिए पत्रावली प्रेषित की गई है- 1. विधानसभा सत्र को किस तिथि से आहूत किया जाना हे, इसका उल्लेख केबिनेट नोट में नहीं है और ना ही केबिनेट द्वारा कोई अनुमोदन प्रदान किया गया है ।  2. अल्प सूचना पर सत्र बुलाये जाने का न तो कोई औचित्य प्रदान किया गया है और ना ही कोई एजेण्डा प्रस्तावित किया गया है। सामान्य   प्रक्रिया में सत्र आहूत किए जाने के लिए 21 दिन का नोटिस दिया जाना आवष्यक होता है । 3. राज्य सरकार को यह भी सुनिष्चित किये जाने के निर्देष दिए गए हैं

लड़खड़ाए आज़म खान को मिला बेटे अब्दुल्लाह का सहारा

मुरादाबाद : कहते है बुढ़ापे में बेटा बाप का सहारा बनता है। कहने को तो यह कहावत है लेकिन आज यह कहावत आज़म खान के लिए सच साबित होती दिखी जब एक मामले में  मुरादाबाद कोर्ट में पेश होने पहुंचे आज़म खान ज़ीना  चढ़ते - चढ़ते अचानक लड़खड़ा गए आज़म खान लड़खड़ा कर गिर जाते अगर साथ चल रहा उनका बेटा अब्दुल्लाह उनको सहारा न देता। क्या था मामला जिसमे अदालत में पेश हुए आज़म खान : मुरादाबाद के छजलैट थाना क्षेत्र में  १२ साल पहले पुलिस द्वारा आजम की गाड़ी चेक करने के मामले में विवाद हुआ था। इस दौरान सपा नेताओं ने रोड को जाम कर दिया था और पुलिस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन भी किया था। इस मामले में पुलिस ने आजम समेत 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसमें सांसद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला के साथ अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।  इसी मामले में आरोपी आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की एडीजे दो/ एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में आज दोपहर बारह बजे पेश हुए थे । आज कोर्ट में आजम की पेशी के चलते सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है। इसे लेकर पुलिस और वकीलों में नोकझोंक भी होती रही। बिलारी विधायक इरफान, सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह

CM गहलोत ने राज्यपाल से कहा- कहीं जनता राजभवन न घेर ले, फिर मेरी जिम्मेदारी नहीं होगी

जयपुर। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद बहुत ही आक्रामक तरीके से मीडिया से बात की है. उन्होंने कहा किस हमने कल राज्यपाल से सत्र बुलाने की मांग की है लेकिन राज्यपाल की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है. ऐसा लगता है कि उनके ऊपर कोई दबाव है. उन्होंने बताया, 'मैंने फिर उनसे टेलीफोन पर बात की है कि आपका एक संवैधानिक पद है उसकी गरिमा है..कृपा करके अपना फैसला करें'. सीएम गहलोत ने कहा कि वो विधानसभा शुरू करना चाहते हैं. पूरा देश- प्रदेश देखेगा, डिबेट होगी, और दूध का दूध पानी हो जाएगा। सीएम गहलोत ने कहा कि उनके पास स्पष्ट बहुमत है इसके साथ ही गहलोत ने कहा कि हमारे साथियों को बीजेपी की देखरेख में बंधक बनाए रखा गया है.राजस्थान में प्रदेश की जनता हमारे साथ है. इस समय कोरोना से जिंदगी बचाने की चुनौती है. हमने शानदार मैनेजमेंट किया है. पूरे देश में वाहवाही हो रही है...ऐसे माहौल में सरकार गिराने की साजिश हो रही है। सीएम गहलोत ने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र को खतरे में डाल रही है, छापे डलवा रही है. ऐसा नंगा नाच कभी नहीं देखा है. उन्होंने कहा, ' राज्यपाल जी ने शपथ ली है

मध्यप्रदेश के राज्यपाल रहे स्व लालजी टंडन के निधन पर गाँधी भवन में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा

बाराबंकी। लालजी टंडन अपने पीछे राजनीतिक सद्भाव, शुचिता और आम लोगों व गरीबों से जुड़ाव की जो विरासत छोड़ गए हैं उसे आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा। वे सिर्फ हिन्दू-मुसलमान ही नहीं, शिया-सुन्नी विवाद में भी सद्भाव के सूत्रधार होते थे।  यह बात मध्यप्रदेश के राज्यपाल रहे स्व. लालजी टंडन के निधन पर गांधी भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता कर रहे ईदगाह कमेटी के अध्यक्ष मो0 उमेर अहमद किदवई ने कही।  जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जगत बहादुर सिंह ने कहा कि भारतीय राजनीति इंसानियत से दूर होती जा रही है। वर्तमान परिवेश में राजनीति में बहुत परिवर्तन आया है। लालजी टंडन जैसी शख्सियत सदियों में एक बार पैदा होती है। समाजसेवी रिज़वान रज़ा ने कहा कि लालजी टंडन ने उन्नाव में तालिब सरायं स्थित शिया कब्रिस्तान जिस पर अवैध कब्जा था, जिसकी उन्होंने पैमाइश करायी। जिसेे अवैध कब्जे से मुक्त कराया। समाजवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा ने कहा कि लालजी टंडन लखनवी तहजीब की जिन्दा मिसाल थे। वह साम्प्रदायिक राजनीति के विरोधी थे। अटल जी के बाद लखनऊ में उनकी राजनीतिक विरासत लालजी टंडन ने ही संभाली थी। लालजी टंडन के न रहने स

राजस्थान की अजीम तरीन शख्सियत अलादीन खा चार्टेड ऐकाऊंटेट CA अब हमारे मध्य नही रहे।

सीकर।               राजस्थान की अजीम तरीन शख्सियत व हाल सीकर निवासी अलादीन खांन चार्टेड  ऐकाऊंटेट ( A.KHAn & COMPANY) आज सुबह पोने चार बजे के करीब सबको अलविदा कहते हुये इंतेकाल फरमा गये।               शेखावाटी के सीनियर सीऐ व कायमखानी बिरादरी के पहले सीऐ अलादीन खा ने 1978 मे जब सीऐ बनकर प्रेक्टिस की शुरुआत की तबतक सीकर के सीनियर सीऐ प्रहलाद झूरीया के शिष्य थे। खान के इंतेकाल की खबर सुनकर उनके उस्ताद प्रहलाद झूरीया सीऐ ने खान को अपना अनुशासित स्टुडेंट् बताते हुये उनके काम करने की झमता की तारीफ करते हुये कहा कि आज उनका बेस्ट शिष्य उनसे बिछड़ गया। खान को खिराजे अकीदत पेश करते हुये उनकी काफी खूबियों का वर्णन किया। पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया ने खान को इंसानियत का पैरोकार व सामाजिक सद्भावना के लिये जीवन भर कार्य करने वाला बताते हुये कहा कि सीकर के लिये  खान का जाना बडी हानि होना बताया।              सीऐ खान के इंतेकाल की खबर पाकर भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी अशफाक हुसैन व रिटायर्ड डीआईजी कुवंर सरवर खा ने उन्हें कौमी हिरो बताते हुये कहा कि अचानक इस तरह से खान के चले

मुख्यमंत्री गहलोत ने विधायकों को छोड़कर सत्ता सूख से संगठन व सांसदो को कभी तरजीह नही दी।

जयपुर।                राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने खिलाफ विधायको मे बगावत के सूर नही निकलने इसलिए सभी विधायकों को अपने अपने क्षेत्र के पंचायत-निकाय चुनाव की टिकट देने के अलावा पसंद के डिजायर प्रथा के मार्फत सरकारी कार्मिक लगाने के अतिरिक्त सभी तरह के विकास के काम उनकी मर्जी से होने की पूरी छूट दे कर उन्हें भरपूर सत्ता का सूख भोगने की परिपाटी जो 1998 मे डाली वो आज भी जारी कर रखी है। लेकिन अबकी दफा सचिन पायलट के विधायक-मंत्री बनकर सत्ता सूख भोगने की बजाय मुख्यमंत्री बनकर सत्ता अपने हिसाब से चलाने का दावा ठोके रखने का परिणाम यह निकला कि सत्ता के दो पावर सेंटर कायम होने के चलते विधायकों मे मुख्यमंत्री के प्रति आक्रोश लगातार पनपते जाने पर आज पायलट के नेतृत्व मे विधायकों ने राजस्थान मे नेतृत्व परिवर्तन की मां को लेकर जो कदम उठाया है उससे सरकार लड़खड़ाने लगी है।             मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने अब तक के सभी मुख्यमंत्री कार्यकाल मे संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों सहित जिलाध्यक्ष व लोकसभा सभा सदस्य या कांग्रेस की तरफ से लोकसभा उम्मीदवार रहे नेताओं को सत्ता सूख से हमेशा कोसो द

राजस्थान : मुस्लिम समुदाय की बेटियों ने सीनियर (आर्ट) परीक्षा परिणाम मे कामयाबी का परचम लहराया। - सुरेय्या ने 98.80 व मुस्कान ने 95 व निमरा ने 95.60 प्रतिशत अं पाये।

जयपुर।                     मुस्लिम समुदाय के शैक्षणिक तौर पर पीछड़े माने जाने वाले कलंक को अब लड़को से कई गुणा आगे बढकर बेटियों के आ रहे परीक्षा परिणामो को देखकर लगता है कि बेटियों ने उस कलंक को मिटाने का अब निश्चय कर ही लिया है।            हालही मे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान के सीनियर कक्षा के परिणामों पर नजर दौड़ाये तो पाते है कि बडी तादाद मे मुस्लिम बेटियो ने 90-95 प्रतिशत अंक ही नही अनेको ने तो 95- से 99 प्रतिशत अंक से पास करते हुये नये कीर्तिमान बनाये। अनेक शिक्षक बताते है कि विज्ञान संकाय मे उक्त तरह के हायर नम्बर मिलते रहने देखा जाता रहा है। पर अब आर्ट विषय मे भी उक्त तरह के हायर अंक पाना बेटियों द्वारा कीर्तिमान कायम करना ही है।            माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान द्वारा आज जारी सीनियर आर्ट विषय का परीक्षा परिणाम जारी करने पर प्रांत भर की हजारों मुस्लिम बेटियो ने अच्छे अंक लाकर जो समुदाय के माथे पर अशिक्षा का कलंक मिटाने की सफल कोशिश की है। उनमे से कुछ उदाहरणो पर नजर डालते है तो पाते है कि झालावाड़ जिले के पिड़ावा कस्बे की सरकारी बालिका स्कूल की छात्रा सुरेय्या खान ने 98

उत्तर प्रदेश में जंगल राज कायम - धर्मेन्द्र देव गुप्ता

रामपुर :: कांग्रेस के ज़िला अध्यक्ष धर्मेन्द्र देव गुप्ता ने कहा की अपनी भांजी के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर पत्रकार श्री विक्रम जोशी जी को बेटी के सामने गोली मारी गयी थी। आज उनकी मृत्यु हो गई यूपी में जंगलराज इस कदर बढ़ गया है कि शिकायत करने के बाद आमजन को बदमाशों का डर सताता है भाजपा सरकार अपराध के मुद्दे पर पिछली सरकारों की तरह ही फेल है जैसे पिछली सरकारों में अपराध चरम सीमा पर था उसी तरह योगी सरकार में भी अपराध चरम सीमा पर है लोगों का घरों से निकलना दूबर हो गया है अपराधी बेखौफ होकर सड़कों पर घूम रहे हैं योगी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित होती नजर आ रही है हमारे प्रदेश में आए दिन डकैती हत्याओं से हमारे प्रदेश की जनता दहशत में है लोग भयभीत हो चुके हैं जिस तरीके से दिन पर दिन हत्या की वारदातें बढ़ती जा रही है वह चिंता का विषय है योगी सरकार कब तक अपनी नाकामियां छुपाती रहेगी आज उत्तर प्रदेश को अपराध प्रदेश बनाने की जिम्मेदार भाजपा है जब सत्ता में बैठे लोग ही अपराधियों को संरक्षण देंगे तो अपराध बढ़ेगा प्रदेश सरकार अपराध रोकने में नाकाम रही है इसलिय कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि योगी

कोरोना से जंग जीत घर लौटे कांग्रेस नेता वीरेन्द्र मदान

लखनऊ ::  कोरोना से जंग जीत घर लौटे प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता  वीरेन्द्र मदान , पिछले दिनों कोरोना के संक्रमण के चलते वीरेन्द्र मदान को पीजीआई  कराया गया था जहा उन्होंने  कोरोना से जंग लड़ी और उसे मात देकर सकुशल घर लौटे।    घर लौटने पर श्री  मदान  ने ईश्वर  , अपने सभी साथियों, शुभचिंतको और  पीजीआई के डॉक्टरों, सहित  स्थाई एवं अस्थाई नर्सिंग स्टाफ, कर्मचरियो सभी लोगो का हृदय से आभार व्यक्त किया ।

पायलट गुट की याचिका पर अब 24 को आएगा फैसला, स्पीकर तब तक नहीं करेंगे कोई कार्रवाई

  जयपुर:राजस्थान हाईकोर्ट में कांग्रेस नेता सचिन पायलट कैंप की ओर से दायर याचिका पर अब 24 जुलाई को फैसला आएगा तब तक स्पीकर विधायकों के नोटिस पर कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत मोहंती और प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया। कल और आज सभी ने अपनी अपनी दलीलें दी थी। स्पीकर के वकील अभिषेक सिंघवी ने दलील दी थी कि इस मामले में कोर्ट को दखल देने की जरूरत नहीं है। इसलिए याचिका खारिज होने योग्य है।सिंघवी ने कहा कि नोटिस पर स्टे का अंतरिम आदेश का मतलब पैरा 2-1-A की कार्यवाही पर स्टे होगा, जो नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अभिव्यक्ति के विचार का मतलब कुछ भी करने की स्वतंत्रता नहीं है।सिंघवी ने कहा कि संविधान ने विधान सभा संचालन का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष दिया है और यह नियम संविधान का हिस्सा है कि विधानसभा अध्यक्ष के पास विधायकों को अयोग्य घोषित करने उसके नियम बनाने के अधिकार हैं, जिसकी न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकती है इससे पहले सचिन पायलट कैंप की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी शुक्रवार को अपनी दलीले दे चु

अशोक गहलोत अपनी छवि के विपरीत पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट पर गम्भीर आरोप लगाये। - राजनीतिक समीक्षक गहलोत को राजनीतिक दवाब मे होना मान रहे है।

जयपुर।                मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रैस से मुखातिब होते हुये अपने स्वभाव के विपरीत पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट पर जमकर निजी हमला बोलते हुये उन पर गम्भीर आरोपो की झड़ी लगाते हुये उन्होंने पायलट को निकम्मा व नकारा तक बताते हुये अपरोक्ष रुप से अपने उस राष्ट्रीय नेतृत्व की काबिलियत पर भी गम्भीर सवाल खड़ा कर दिया जिन्होंने तत्तकालीन समय मे राजस्थान मे रसातल मे पहुंच चुकी कांग्रेस को फिर से उभारने के लिये सचिन पायलट को अध्यक्ष बनाकर दिल्ली से राजस्थान भेजा था।              शाम होते होते मुख्यमंत्री के आरोपो का जवाब सचिन पायलट ने तो कोई खास नही दिया लेकिन गहलोत सरकार के दो पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह व हेमाराम चोधरी ने वीडियो जारी करके मुख्यमंत्री गहलोत को जबाब देते हुये घेरते नजर आये। आज गहलोत-पायलट खेमे मे एक दुसरे पर लगे आरोप-प्रत्यारोप के बाद लगने लगा है कि गुटो मे बंटी कांग्रेस मे आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब लम्बा चल सकता है। जिसमे एक दुसरे के अनेक राज ओर फास हो सकते है।             मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व मे 2003 व 2008 का राजस्थान ममे आम विधानसभा चुनाव लड़े जा

मुख्यमंत्री गहलोत के बोल से आज पूरी कांग्रेस की क्षमता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया।

जयपुर।               प्रदेश मे पायलट-गहलोत के मध्य बंटती नजर आ रही कांग्रेस एवं रोजाना घटते राजनीतिक घटनाक्रमो के चलते राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज पत्रकारों से मिलतें हुये राजस्थान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट पर आरोपो की झड़ी लगाते हुये उनको नकारा व निकम्मा तक बता दिया। निकम्मा व नकारा बताने के बाद कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी सवाल उठने लगे है कि कांग्रेस पार्टी के सविधान अनुसार किसी भी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति करने से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष व शीर्ष नेतृत्व कण्डीडेट की उपयोगिता व काबलियत का सो दफा आंकलन करके मनोनयन करता है। मुख्यमंत्री गहलोत ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को नकारा व निकम्मा बताकर एक तरह से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की क्षमता पर ही गम्भीर सवाल खड़ा कर दिया है।             मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये अपनी छवि के विपरीत बोलते हुये काफी दवाब मे नजर आये। मुख्यमंत्री ने कहा कि वो राजस्थान मे मुख्यमंत्री बन कर आये है वो कोई बैंगन व सब्जी बेचने नही आये है।            कुल मिलाकर यह है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज की अप

राजस्थान के राजनीतिक घटनाटक्रम के लिये अगला सप्ताह महत्वपूर्ण होगा।        अधिकांश राजनीतिक पण्डित गहलोत द्वारा बहुमत सिद्ध करना मान रहे है लेकिन ऊंट आखिर समय तक किसी भी करवट बैठ सकता है।

जयपुर।                  पिछले दस दिन से राजस्थान की राजनीति मे अचानक आये भूचाल के कुछ हदतक निर्णायक मोड़ पर पहुंचने के लिये अगला सप्ताह काफी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। बीटीपी के दो विधायको व एक माकपा से निलम्बित विधायक के साथ आने के अलावा दस निर्दलीय विधायकों का स्पोर्ट पुख्ता होने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अब सदन मे बहुमत सिद्ध करने के साथ बगावत कर चुके विधायकों के सामने दुविधा की स्थिति खड़ी करना चाहते है ताकि उनके प्रस्ताव के समर्थन मे पायलट समर्थक विधायक मतदान करके सदस्यता बचाये या फिर खिलाफ मतदान करने पर सदस्यता खत्म करवाये।              हालांकि राजनीतिक पण्डित मुख्यमंत्री गहलोत के पास 102 विधायको का समर्थन मानकर चल रहे। जिनमे अस्पताल मे गम्भीर रुप से बीमार भर्ती मंत्री भंवरलाल मेघवाल व  विधानसभा अध्यक्ष सीपी जौशी को भी गिनती मे शामिल करके चल रहे है।  इसके अलावा दुसरी तरफ भाजपा व रालोपा के 75, कांग्रेस के बागी 19 व 3 निर्दलीय विधायकों को मिलाकर कुल 97-विधायक की गिनती बैठती है। माकपा का दूसरा विधायक गिरधारी महिया तटस्थ रह सकता है। पर वो गहलोत खेमे के साथ अभी तक जाता नजर नही आ र

मुख्यमंत्री गहलोत को प्रदेश स्तरीय राजनीतिक व सवैधानिक पदो पर मनोनयन का सिलसिला शूरु करने पर विचार करना चाहिए।

जयपुर।               राजस्थान के गुज्जर नेता कर्नल किरोड़ीसिंह बैसला ने एक दफा कहा था कि अशोक गहलोत कुछ देते तो है, लेकिन जब देते है तब तक वो बासी हो जाती है। यह कथन राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अलावा मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर भी स्टीक साबित हो चुका है। कमलनाथ ने मुख्यमंत्री रहते राजनीतिक नियुक्ति व संवेधानिक पदो पर मनोनयन करना बार बार टालते रहे ओर अंत मे उनकी सरकार को भाजपा ने सिंधिया की मदद से सत्ता से बाहर करके स्वयं भाजपा ने सरकार बना ली है। कमलनाथ तो राजनीतिक व संवैधानिक पदो पर नियुक्ति कर नही पाये ओर अब मध्यप्रदेश मे भाजपा सरकार धड़ाधड़ नियुक्तिया कर रही है। कमलनाथ की तरह ही राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी प्रदेश मे कांग्रेस सरकार के ढेड साल से अधिक समय गुजरने के बावजूद अभी तक राजनीतिक व संवैधानिक पदो पर नियुक्ति करने का सिलसिला शूरु तक नही किया है। जिसके चलते आम कांग्रेस वर्कर को सत्ता मे हिस्सेदारी नही मिलने से वो लगातार धीरे धीरे उदासीन होता जा रहा हैँ।            गहलोत सरकार वर्तमान संकट मे हो सकता है कि एक दफा सदन मे बहुमत सिद्ध करके उभर जाये। लेक

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मीडिया पर प्रहार करने से पहले अपने पूवर मीडिया मेनेजमेंट पर विचार जरूर करना चाहिए।

जयपुर।               राजस्थान कांग्रेस विधायक दल के गहलोत-पायलट समर्थको के रुप मे विभक्त होने के बाद सरकार के अस्तित्व पर आये संकट को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कुछ पत्रकारों को साक्षात्कार देते हुये मीडिया रिपोर्टिंग पर अनेक तरह के प्रहार करते हुये खासतौर पर अंग्रेजी मीडिया पर अपनी खीज निकाली। जबकि मुख्यमंत्री को मीडिया पर प्रहार करने से पहले अपने अब तक के कमजोर से कमजोर मीडिया मेनेजमेंट पर गम्भीरतापूर्वक विचार करना चाहिए था। उनको मीडिया से बात करने व अपनी सरकार के किये कामो के आंकड़े मीडिया तक पहुंचाने के लिये एक पत्रकार भी नही मिला जिसको अपना मीडिया सलाहकार बनाया जा सके। जब कोई मीडिया कर्मी किसी जानकारी या प्रैस सम्बंधित काम के लिए मुख्यमंत्री से राब्ता बनाने के लिये उनके दफ्तर के मार्फत कोशिश करता है जो उन्हें एक ओएसडी से सम्पर्क करने को कहा जाता है। जिस ओएसडी का कभी भी मीडिया से दूर दूर तक सम्बंध कभी रहा ही नही  है।           हालांकि कांग्रेसजन मीडिया पर एक तरफा रिपोर्टिंग करने व विशेष राजनीतिक दल को खबर के मामले मे फेवर करने के आरोप हमेशा मंडते रहते है। लेकिन पुरा मीडिया ऐसा ह

उड़नखटौले के सर्वे’ से लोगों को राहत नहीं मिलतीः अजय कुमार लल्लू

लखनऊ :: उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  अजय कुमार लल्लू ने आज अपने आज गृह विधानसभा क्षेत्र के पिपराघाट के देवनारायण टोला, शिव टोला,बुटन टोला,दहारी टोला, उपाध्याय टोला,नरवाजोत, तवकल टोला, फल टोला,हनुमान टोला, जोगनी, इमिलिया टोला, मोटी राय सहित तमाम बाढ़ से प्रभावित टोलों का दौरा किया व वहां के लोगों के दर्द को जाना। उन्होने कहा कि स्थिति बड़ी विकट है,रास्ते पानी में विलीन हो चुके है। कोरोना महामारी है लोगों के पास काम नहीं है, राहत के नाम पर सरकार छलावा कर रही है। लोगों का दैनिक कार्य ठप पड़ा है,मवेशियों के चारे का संकट है,लोगों के पास राशन नहीं है। प्रशासन सुस्त है,प्रभावित गांवों में प्रशासन और सरकार का कोई भी अमला ग्रामीणों की सुधि के लिए अब तक नहीं पहुंचा है। ग्रामीण सीने तक पानी में आने - जाने को मजबूर है, कई जगह नदी होने के नाते नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। अपनी विफलताओं को न छुपाएँ भाजपा सरकार। दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप बन्द करें। सरकार यह समझे कि ‘उड़नखटोले के सर्वे‘ से लोगों को राहत नहीं मिलती। सरकार ध्यान दें और तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  अजय कुम

स्मृति ईरानी जबाब दें, अमेठी की पीड़ित महिलाएं आत्मदाह को मजबूर क्यों हुईंः दीपक सिंह

लखनऊ  ::  विधान परिषद दल के नेता  दीपक सिंह ने कहा कि अमेठी की सांसद स्मृति ईरानी लॉक डाउन में जनता की सेवा करने के बजाय लूडो और अंताक्षरी खेल रही थीं। अब उनके क्षेत्र में सत्ता संरक्षण में अपराध इतना बढ़ गया कि जनता आत्मदाह को मजबूर है। वे आखिर कहां गायब हैं।  दीपक सिंह ने कहा कि सरकार ने अपनी गलती मानते हुए थाने के दरोगा को सस्पेंड भी किया है। फिर ये बिना सर पैर की साजिश क्यों रच रही है।   कांग्रेस विधान परिषद दल के नेता ने कहा कि विधानसभा के गेट नम्बर तीन पर आत्मदाह के बाद प्रशासनिक कमी को छुपाने के कांग्रेस प्रवक्ता को फंसाने की भाजपा साजिश रच रही है। भाजपा को राजनीतिक शिष्टाचार नहीं भूलना चाहिए। कोई भी पीड़ित किसी भी राजनीतिक या सामाजिक संगठनों से मदद मांगता है। उसके दफ्तर जाता है, यह एक सामान्य सी बात है। भाजपा क्या कभी विपक्ष में नहीं रही है। क्या भाजपा कभी विपक्ष में नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हजरतगंज से लेकर जामों तक पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि पुलिस और अपराधियों के गठजोड़ के चलते पीड़ित आत्मदाह को मजबूर हुईं हैं। भाजपा नेताओं से लेकर पुलिस के आला

राजस्थान मे चल रहे ताजा राजनीतिक घटनाक्रम मे राज्य ऐजेन्सी एसओजी-ऐसीबी के बाद अब केन्द्रीय ऐजेन्सी सीबीआई की भी इंट्री हो सकती है।

जयपुर।               राजस्थान कांग्रेस विधायक दल के गहलोत-पायलट मे विभाजित हो चुके कांग्रेस विधायकों के बाद मचे राजनीतिक घमासान मे राज्य ऐजेन्सी ऐसीबी व एसओजी मे दर्ज शिकायतो के बाद उक्त दोनो ऐजेन्सी की इन्ट्री के बाद भाजपा प्रवक्ता ने दिल्ली मे प्रैस कांफ्रेंस करके गहलोत सरकार पर फोन टेपिंग करने का आरोप लगाते हुये पुरे मामलो की केन्द्रीय ऐजेन्सी सीबीआई से जांच कराने की मांग करने के बाद जनता मे जहन मे सवाल उठने लगा है कि राजस्थान के वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम मे राज्य जांच ऐजेन्सीज के बाद क्या अब केन्द्रीय जांच ऐजेन्सी सीबीआई की भी इंट्री होगी? इसके विपरीत इसी राजनीतिक घटनाक्रम के मध्य आयकर विभाग ने दो कांग्रेस नेताओं के अनेक ठिकानो पर रेड कर चुका हैँ।           केन्द्रीय जांच ऐजेन्सी सीबीआई से स्टेट के किसी मामले मे जांच कराना स्टेट की मर्जी पर निर्भर करता है। लेकिन किसी मुद्दे पर न्यायालय अगर आदेश जारी कर देता है तो उस आदेश की पालना मे केन्द्रीय जांच ऐजेन्सी से जाचं की जा सकती बताते है।              राजस्थान के वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 109 विधायको

शेखावाटी से बने कांग्रेस व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहते लड़े अधिकांश नेता चुनाव हारे ही है।

सीकर।             शेखावाटी जनपद से कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बने सरदार हरलाल सिंह ने चुनाव ही नही लड़ा ओर रामनारायण चोधरी ने अध्यक्ष रहते 1980 का मण्डावा विधानसभा से चुनाव लड़कर विजयी हुये थे। चोधरी रामनारायण के अलावा अब तक जिन्होने भी अध्यक्ष रहते चुनाव लड़ा है। उन सभी को चुनाव मे हार का मजा चखना पड़ा है।            सरदार हरलाल सिंह व चोधरी रामनारायण के अलावा चोधरी नारायण सिंह ने 2004 का लोकसभा चुनाव लड़ा ओर वो चुनाव हार गये। उनके बाद डां चंद्रभान ने अध्यक्ष पद पर रहते 2013 का मण्डावा से विधानसभा चुनाव लड़ा। जिस चुनाव मे चंद्रभान अपनी जमानत भी गवां बेठे थे।          कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षो के अलावा शेखावाटी से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश माथुर, डा. महेश शर्मा, मदनलाल सैनी व सतीस पूनीया भी बने है। जिनमे जगदीश माथुर ने जनसघ व जनता पार्टी के निशान पर तो चुनाव लड़ा ओर एक दफा विधायक व एक दफा सांसद भी चुने गये। लेकिन 1980 मे भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद वो सीकर से चुनाव नही लड़े। डा.महेश शर्मा राजस्थान से राज्यसभा के सदस्य तो चुने गये पर अध्यक्ष रहते विधानसभा व लोकसभा का चुनाव नही कभी नही

मुख्यमंत्री गहलोत की मुख्यमंत्री पद पर बने रहने की जीद (राजहठ) ने कांग्रेस को राजस्थान मे कमजोर करके रख दिया। - सचिन पायलट के लम्बा सब्र ना करने पर उनके सर पर तलवार लटकी।

जयपुर।               राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व मे कांग्रेस के 2013 का आम विधानसभा चुनाव कांग्रेस की पांच साल सरकार चलने के कामकाज के आंकलन पर लड़ने से आये परिणाम मे मात्र 21 सीट पर कांग्रेस आकर अटक जाने के बाद कांग्रेस हाईकमान ने कांग्रेस को सम्भालने के लिये अशोक गहलोत के बजाय सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर दिल्ली से राजस्थान भेजा। पायलट के अध्यक्ष पद पर पदस्थापित होते ही राजस्थान मे जगह जगह घूम घूम कर पार्टी के लिये मेहनत करने व जनता की नब्ज टटोलने के बाद बनाई सकारात्मक कार्ययोजना पर अमल करने पर पहले विधानसभा सभा उप चुनाव जीते फिर अजमेर-अलवर लोकसभा के उपचुनाव भी जीत कर कांग्रेस की राजस्थान मे वापसी का स्पष्ट संकेत दिया। उपचुनाव जीतने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं मे नये जौश का संचार होने से उनका मनोबल फिर से आसमान छुने लगा।               पायलट के प्रदेश अध्यक्ष बनने पर विपरीत परिस्थितियों मे विधानसभा व लोकसभा के उपचुनाव जीतने के बावजूद वो खुश होकर घर नही बैठे। बल्कि लगातार उनके जनता के मध्य रहकर राजनीतिक तौर पर मेहनत करने का परिणाम यह आया कि 2018 मे आम विधानसभ

राजस्थान : कांग्रेस ने अपने दो कद्दावर विधायक भंवरलाल शर्मा व विश्वेंद्र सिहं को प्राथमिक सदस्यता से निलम्बित किया

जयपुर।            राजस्थान कांग्रेस के विधायकों मे छिड़ा विवाद पल पल बढता जा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आज जयपुर मे प्रैस कांफ्रेंस करते हुये कहा कि कांग्रेस विधायकों को 20-35 करोड़ मे खरीदनै की कोशिशें हो रही है। उन्होंने भाजपा पर जोरदार हमला बोलते हुये कहा के देश मे दस लाख से अधिक कोराना मरीज हो गये एवं चीन ने हमारी भूमि पर कब्जा कर लिया फिर भी भाजपा सत्ता सूख के लिये चूनी हुई राजस्थान सरकार को विधायको की खरीद-फरोख्त करके गिराने मे लगी है।           विधायकों के खरीद-फरोख्त को लेकर कल जारी कथित ओडियो क्लिप को लेकर सुरजेवाला ने कांग्रेस के दिग्गज दो विधायक भवंरलाल शर्मा व विधायक विश्वेंद्र सिंह को कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलम्बित करने की जानकारी देते हुये केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को गिरफ्तार करने की मांग की है।          भरतपुर राजा विश्वेंद्र सिंह वर्तमान गहलोत सरकार मे तीन दिन पहले तक मंत्री थे। वहीं यह सांसद व अनेक दफा विधायक बन चुके है। राजस्थान जाट समाज के बडे नेता भी है। दूसरे निलम्बित विधायक भंवरलाल शर्मा सात दफा विधायक व एक दफा मंत्री

राजस्थान मे कांग्रेस सरकार अब गिरे या बचे, पर कांग्रेस को काफी नुकसान हो चुका।

जयपुर।               मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के मध्य अपने आपको सुपर पावर बनाने के लिये पीछले ढेड साल से चल रहे कोल्ड वार के तहत तीन दिन मे घटे घटनाक्रम के बाद यह तय हो चुका है कि अब सरकार गिरे या बचे लेकिन घटे घटनाक्रम से कांग्रेस पार्टी को काफी नुकसान हो चुका है। साधारण कार्यकर्ता जो बूथ पर खड़ा होकर मतदान करवाने के साथ साथ घर घर जाकर मतदाताओं को कांग्रेस की तरफ अपने तर्को की ताकत के बल पर आकर्षित करता है। वो कार्यकर्ता उक्त नेताओं के आपसी झगड़े से अपने आपको ठगा हुवा महसूस करने के कारण काफी मायूस व उदासीन होता नजर आ रहा है।             मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपना राजनीतिक कद ऊंचा बनाये रखने के लिये मुकाबील आने वाले नेता का कद हमेशा छोटा करने की भरपूर कोशिश करते रहे है। हमेशा की तरह इस बार भी गहलोत ने प्रभारी महामंत्री अविनाश पाण्डे से मिलकर सचिन पायलट का राजनीतिक कद छोटा करने की शूरुआत से लेकर आखिर तक भरपूर कोशिश करते रहने के बावजूद जब उनका कद छोटा नही हो पा रहा था। तब जाकर विभिन्न ऐजेन्सियों के मार्फत कुछ विधायकों द्वारा आपसी बातचीत के ब्योरे पर एसओजी व ऐसीबी

राजस्थान मे खण्डित होती कांग्रेस के गहलोत-पायलट धड़े मे द्वंद्व पल पल बढता ही जा रहा है।

जयपुर।               कुछ दिन पहले राज्यसभा चुनाव मे कांग्रेस के सभी विधायक व समर्थक विधायकों द्वारा एक साथ मतदान करके तीन मे से अपने दो उम्मीदवार जिता कर विपक्षी दल भाजपा को मात देने के करीब दो सप्ताह बाद ही अशोक गहलोत व सचिन पायलट के मध्य क्या राजनीतिक वर्चस्व की जंग को हवा लगी कि दोनो नेताओ को अपने अपने समर्थक विधायकों को बाड़ेबंदी मे बंद करने को मजबूर होना पड़ा। मुख्यमंत्री गहलोत ने सचिन पायलट पर अनेक गम्भीर आरोप लगाने के अलावा उन पर व्यक्तिगत आरोपो की झड़ी लगाने के बावजूद पायलट स्वयं अब तक चुप्पी साधे हुये है।             राजस्थान कांग्रेस के अशोक गहलोत व सचिन पायलट के नेतृत्व मे कांग्रेस विधायकों के बने अलग अलग धड़ो के अलग अलग प्रदेश के होटलो मे जमे होने से राजस्थान की जनता के जेहन मे वर्तमान सरकार के प्रति अनेक तरह के सवाल उठने लगने के साथ आम धारणा बनकर उनके गले से आवाज निकल कर आ रही है कि उक्त घटे घटनाक्रम के बाद राजस्थान से कांग्रेस की आगे चलकर विदाई होना निश्चित है। कांग्रेस के नेताओं द्वारा पार्टी से अधिक स्वयं के हित को तरजीह देने की वजह एवं ऊटपटांग हरकतें करने के कारण देश भर मे

भाजपा किसानों के साथ लगातार छल कर रही है : अखिलेश यादव

लखनऊ :: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा को किसानों की तबाही से कोई परेशानी नहीं है। कोरोना संकट के बहाने वह बड़े उद्यमियों की दिक्कतें दूर करने में ही व्यस्त है। पिछले दिनों बेमौसम बरसात, ओलावृष्टि और आकाशी बिजली गिरने से किसान संकट से गुजरे थे और अभी उसके नुकसान से सम्हल भी नहीं पाए थे कि बाढ़ और टिड्डी दल के प्रकोप ने उनकी परेशानियों में भारी वृद्धि कर दी है।       भाजपा किसानों के साथ लगातार छल कर रही है। केन्द्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों की फसलों की कहीं खरीद नहीं हुई। बहुत जगहों पर तो क्रय केन्द्र ही नहीं खुले। जहां खुले थे वहां किसान को किसी न किसी बहाने से ऐसे परेशान किया गया कि वह बिचैलियों और आढ़तियों को ही उत्पाद बेंच दे।       किसानों का हित करने के नाम पर भाजपा सरकार ने डीजल के दाम बढ़ा दिए जिसकी खेती किसानी में बहुत जरूरत होती है। बिजली के दाम भी बढ़ाए दिए गए। गन्ना किसानों का 10 हजार करोड़ रूपया से ज्यादा का बकाया है। मण्डियों को लेकर भी भाजपा सरकार गम्भीर नहीं है। बल्कि बिचैलियों के लिए उन्हें

स्वतंत्र देव सिंह ने सम्बोधित किया भाजपा विधानसभा वर्चुअल सम्मेलन

लखनऊ 15 जुलाई 2020, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष  स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान चलाए गए सेवा ही संगठन अभियान के तहत कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए सेवा कार्यों ने राजनीति में नए आयाम स्थापित किए हैं। भाजपा की बुनियाद में ‘‘नर सेवा नारायण सेवा‘‘ से ‘‘अन्त्योदय‘‘ का संकल्प है, जो हमारे विचार व कार्यप्रणाली को अन्य राजनैतिक दलों से पृथक करते हैं। जहां एक ओर राजनैतिक दल के कार्यकर्ताओं की भूमिका चुनाव लड़ने व राजनैतिक कार्यक्रमों को आयोजित करने तक ही सीमित रहती है। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओ नें इस सोच को बदलकर सेवा ही संगठन का ध्येय लेकर काम किया। श्री सिंह ने कहा कि सेवा कार्यो के साथ संगठनात्मक कार्यों को भी गति देना है। बूथ समितियों का गठन ही संगठन का मूलाधार है। शासन व प्रशासन द्वारा जारी नियमों के पालन के साथ बूथ समितियों के भौतिक सत्यापन का कार्य करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थी प्रदेश का उज्ज्वल भविष्य हैं। विद्यार्थियों का सम्मान करके उन्हें  प्रोत्साहित करने का काम पार्टी करेगी। विद्यार्थी प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम के तहत जिले में हाई

योगी सरकार की दमनात्मक कार्यवाही से हमारे हौंसले होते हैं बुलन्द - शाहनवाज आलम

लखनऊ : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन  शाहनवाज आलम की रिहाई के बाद फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ स्वागत समारोह हुआ। गौरतलब है 16 दिन बाद अल्पसंख्यक प्रदेश चेयरमैन शाहनावज आलम रिहा हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष  अजय कुमार लल्लू ने कहा कि योगी सरकार लगातार कांग्रेस कार्यकर्ताओं का असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक तरीके से उत्पीड़न कर रही है। उन्होने कहा कि हम डरने वाले नहीं हैं। हम राहुल जी और प्रियंका जी के सिपाही हैं। प्रदेश में पूरी तरह जंगलराज है, अपराधी सड़कों पर खुलेआम घूम रहे हैं और जघन्य अपराध कर रहे हैं योगी सरकार अपराध और अपराधियों को रोकने के बजाय आन्दोलनरत कांग्रेस के नेताओं पर फर्जी मुकदमें लादकर उन्हें जेल भेजने और उत्पीड़न करने में जुटी हुई है। सरकार अपनी विफलताओं पर पर्दा डालकर बचना चाहती है हम योगी सरकार के इस दमन और अत्याचार से नहीं डरेंगे और इनका पर्दाफाश करते रहेंगे। उ0प्र0 कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आलम ने कहा कि राजनीति में जनहित के मुद्दों पर जेल जाने की परम्परा काफी दिनों से बन्द हो चुकी है। पिछले तीस सालों से राजनीतिक दलों के

16 जुलाई को भाजपा करेगी 47 विधानसभाओं में सम्मेलन

लखनऊ  , भारतीय जनता पार्टी के विधानसभावार सम्मेलनों के अनवरत क्रम में पार्टी कल 16 जुलाई को 47 विधानसभाओं में डिजिटल प्लेटफार्म पर सम्मेलन करेगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री स्वतंत्र देव सिंह लखीमपुर के कस्ता विधानसभा सम्मेलन में मोदी सरकार व योगी सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों व ऐतिहासिक निर्णयों को लेकर संवाद करेगें। वहीं उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य मुजफ्फरनगर के बुढाना व डा. दिनेश शर्मा कानपुर के विठूर विधानसभा के सम्मेलन को सम्बोधित करेगंे। जबकि प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री सुनील बंसल फिरोजाबाद के टून्डला विधानसभा सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए संगठनात्मक मजबूती के सूत्र कार्यकर्ताओं को सौंपेगें। पार्टी विधानसभा सम्मेलनों के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के अद्म्य राजनैतिक साहस से लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों तथा गांव गरीब की खुशहाली की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ ही प्रदेश की भाजपा सरकार के निर्णयों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर डिजिटल माध्यम से संवाद कर रही है। संवाद के तहत जहां कोरोना संक्रमण काल में पार्टी के कार्यकर्ताओं के से