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विधानसभा मे मत विभाजन के समय माकपा के दोनो विधायक गहलोत खेमे के साथ रह सकते है!


जयपुर।
             मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार द्वारा चोदाह अगस्त से आहूत विधानसभा सत्र मे मत-विभाजन के समय माकपा के दो विधायक बलराम पूनीया व गिरधारी महिया गहलोत खेमे के समर्थन मे मतदान कर सकते है। माकपा राज्य कमेटी की तरफ से अभी तक इस तरह के स्पष्ट संकेत तो नही दिये गये है। लेकिन पूनीया तो इस तरह के संकेत अपने स्तर पर पहले ही दे चुके है। दूसरी तरफ गहलोत खेमे ने सत्ता के लाभ के चलते महिया की बिरादरी के व बीकानेर के एक दिग्गज कांग्रेस नेता के अलावा कुछ अधिकारियों के सहयोग से विधायक को साद लिया बताते।



           हालांकि विधायक गिरधारी महिया ने निजी स्तर पर व उनकी पार्टी ने उक्त मामले मे किसी तरह के संकेत अभी तक नही दिये है। पर पीछले कुछ दिनो से महिया के विधानसभा क्षेत्र डूंगरगढ के प्रशासनिक ढांचे मे अमूलचूल परिवर्तन होने मे विधायक की खास पसंद का ख्याल रखने की खबरे आने के साथ साथ अनेक तरह की अटकी स्वीकृतियां जारे होने से संकेत ऐसे ही मिल रहे है कि किसी ना किसी स्तर पर मेलमिलाप हुवा जरुर है।
           कुल मिलाकर यह है कि माकपा के एक विधायक बलराम पूनीया मुख्यमंत्री गहलोत के पहले से काफी करीब माने जाते है। अभी राज्यसभा चुनाव मे पार्टी द्वारा मतदान से दूर रहने के निर्णय के बावजूद पूनीया ने कांग्रेस उम्मीदवार को मत दिया था। वही माकपा के दूसरे विधायक गिरधारी महिया ने उस समय मतदान मे भाग नही लिया था। लेकिन पीछले कुछ दिनो से कांग्रेस के एक दिग्गज नेता के विधायक महिया से लगातार सम्पर्क मे होने की खबरो ने जोर पकड़ने के अलावा कुछ अधिकारियों की भी भूमिका सामने आने के साथ साथ डूंगरगढ के प्रशासनिक ढांचे मे अमूलचूल परिवर्तन होने के बाद चर्चा चल पड़ी है कि अगर विधानसभा मे मत विभाजन के हालत आये तो माकपा विधायक गहलोत खेमे के पक्ष मे मतदान कर सकते है।


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