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वसुंधरा राजे के कारण भाजपा छोड़ कांग्रेस मे जा चुके नेताओं की भाजपा मे वापसी की कोशिशें जारी।


जयपुर।
             राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के चलते भाजपा छोड़कर कांग्रेस मे जाने वाले अनेक नेताओं को कांग्रेस मे अहमियत नही मिलने एवं गहलोत-वसुंधरा राजे की नजदीकियों के चलते गहलोत द्वारा भी उन्हें अछूत की तरह अलग थलग रखने के चलते दिग्गज ब्राह्मण नेता घनश्याम तिवाड़ी व भाजपा के एक समय के दिग्गज नेता रहे पूर्व केन्द्रीय विदेश मंत्री जसवंत सिंह जसोल के पूत्र पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह सहित एक दर्जन से अधिक नेताओं को हाईकमान भाजपा जोईन करवाने लगा है। राजस्थान कांग्रेस सरकार मे बढते आपसी टकराव व तनाव के चलते भाजपा प्रदेश मे किसी भी समय पर चुनाव होना मानकर तैयारी करने लगी है।
              राजस्थान विधानसभा चुनाव के पहले व बाद मे भाजपा के अनेक नेताओं की वसुंधराराजे से अनबन होने के कारण भाजपा छोड़कर उनकी कांग्रेस मे जाना मजबूरी हो गई थी। उन नेताओं मे से अधिकांश नेताओं ने चुनाव भी लड़ा पर उनमे से एक दो को छोड़कर चुनाव जीत नही पाये। हार के बावजूद उनको उम्मीद थी कि उन्हें सरकार मे राजनीतिक नियुक्तियों व संगठन मे उनके राजनीतिक कद के अनुसार एडजस्ट किया जायेगा। लेकिन गहलोत सरकार को दो साल पुरा होने को आने के बावजूद किसी भी नेताओं को एडजस्ट नही करके केवल मात्र विधायको को सबकुछ मानकर उनको खुश रखने के लिये सबकुछ करने की स्थिति के कारण कांग्रेस नेताओं मे असंतोष व्याप्त होना देखा जा रहा है।
               कुल मिलाकर यह है कि पीछले कुछ सालो मे भाजपा को छोड़कर जो नेता कांग्रेस मे आये उनको उनके राजनीतिक कद के मुताबिक अहमियत ना मिलने के कारण उनमे उपेक्षित होने के भाव मन मे आने से वो नेता विचलित नजर आने लगे है। भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व राजस्थान मे मध्यवर्ती चुनाव होना मानकर चल रहे बताते है। भाजपा नेतृत्व उन सभी नेताओं को वापस भाजपा मे लाकर राजे के प्रभाव को कम करके उनके मुकाबले अन्य नेताओं को एकजुट करके राज्य मे सत्तासीन होना चाहती है।


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