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फ़रवरी, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

एल पी एस निदेशक नेहा सिंह व हर्षित सिंह सम्मानित किये गये

    लखनऊ , एल.पी.एस.की निदेशक नेहा सिंह एवं निदेशक  हर्षित सिंह को आज इंटरनेशनल यूनाइटेड एजुकेशनिस्ट फ्रेटरनिटी द्वारा शिक्षा रत्न सम्मान -2021 से सम्मानित किया गया | इस कार्यक्रम में एनसीईआरटी के सचिव मेजर हर्ष कुमार, आईयूईएफ के चेयरमैन डॉ जयंत चौधरी एवं स्क्वाड्रन लीडर तूलिका रानी उपस्थित रहीं | कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया थीं |

किसान महापंचायतों के बहाने कांग्रेस चारो उपचुनाव को साधना चाह रही है।

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हालांकि राजस्थान के चार विधानसभा उपचुनावों की तारीखो का अभी तक ऐहलान नही हुवा है। लेकिन आज कल मे कभी भी चुनाव आयोग द्वारा मार्च आखिर मे किसी भी तारीख को चुनाव होने की घोषणा करने की सम्भावना जताई जा रही है। चुनाव आयोग की बंदिशों व बारिकियों को ध्यान मे रखते हुये सत्तारूढ़ दल कांग्रेस द्वारा शेखावाटी की सुजानगढ़ विधानसभा उपचुनाव के लिये उसके नजदीक डूंगरगढ तहसील के धनेरु गावं मे 27 फरवरी को व फिर मेवाड़ की तीनो उपचुनाव वाली  विधानसभा क्षेत्रो के लिये उनसे लगभग समान दूरी के मध्य स्थित चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुण्डिया मे 28 फरवरी को किसान महापंचायत करके उक्त चारो विधानसभा चुनावों को साधने के प्रयास किये जा रहे है।                डूंगरगढ तहसील के धनेरु गावं मे 27-फरवरी को आयोजित होने वाली किसान महापंचायत मे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रभारी महामंत्री अजय माकन व प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा सहित अनेक नेताओं के सम्बोधित करने का ऐहलान हुवा है। वही मातृकुण्डिया की सभा मे पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलटों को आमंत्रित करने का दवाब आम मतदाताओं की तरफ से होने के

सुजानगढ़ विधानसभा उपचुनाव मे कांग्रेस को जीत के लिये काफी पापड़ बेलने होगे। - मुस्लिम मतदाताओं की उदासीनता दूर करनी होगी। किसान आंदोलन के कारण किसान वर्ग का झुकाव कांग्रेस की तरफ बढा।

                    ।अशफाक कायमखानी। सुजानगढ़ (चूरु)।                            हालांकि 2008 के डिलिमिटेशन के बाद चूरु जिले मे अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित सीट सुजानगढ़ विधानसभा क्षेत्र के जाट बहुल्य अनेक गावों को रतनगढ़ विधानसभा मे शामिल करने के बाद जाट मतदाताओं का महत्व  कम होने के कारण सुजानगढ़ क्षेत्र मे सुजानगढ़ व बीदासर शहरी मतदाताओं के साथ साथ कुछ मुस्लिम बहुल गांवों के शामिल होने के कारण मुस्लिम मतदाताओं का महत्त्व बढने के कारण ही 2018 के चुनाव मे जीत दर्ज करने के बाद मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने कहा था कि मुस्लिम बहुल क्षेत्र की बूथो पर उनके पक्ष मे एकतरफा मत पड़ने से उनकी जीत को आसान बनाया। पर वर्तमान समय मे उर्दू शिक्षक व मदरसा पैराटीचर्स संघ सहित अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के दौरै व सभा करने व गहलोत सरकार से अनेक मसलो को लेकर मुस्लिम समुदाय की नाराजगी व उदासीनता के कारण कांग्रेस के सामने उपचुनाव मे बडा संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है। वैसे इतना सबकुछ होने के बावजूद कांग्रेस मुस्लिम मतो को आज भी अपनी झोली मे आना ही मात्र एक विकल्प मानकर चल रही है।                   हाल ही म

आसाम-बंगाल आम चुनावो के साथ राजस्थान के होने वाले चार उपचुनावो के बाद गहलोत सरकार गिराने की फिर कोशिश हो सकती है! - पायलट समर्थक प्रदेश भर मे किसान महापंचायते आयोजित करके अपना जनसमर्थन बढा रहे है।

                       ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                    हालांकि जुलाई-20 मे राजस्थान सरकार गिराने की कोशिश असफल होने के बाद अब पांडूचेरी की कांग्रेस सरकार गिरने के बाद एक दफा फिर चर्चा चल पड़ी है कि राजस्थान के होने वाले चार उपचुनावों के बाद राजस्थान की सरकार गिराने की एक बार फिर कोशिश हो सकती है। जुलाई-20 के घटनाक्रम से सबक लेकर मुख्यमंत्री गहलोत को अपनी कार्यशैली मे बदलाव लाकर पार्टी विधायकों मे जारी असंतोष को दूर करने के लिये कदम उठाने चाहिए थे। लेकिन गहलोत ने इसके विपरीत जाकर सचिन पायलट समर्थक विधायकों को कुचलने व राजनीतिक तौर पर उन्हें किनारे लगाने मे ही अब तक पुरी ताकत लगाते रहने से ही फुर्सत नही मिल पाने से हालात जस के तस कायम है।                   जुलाई माह मे घटे राजनीतिक घटनाक्रम के चलते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर सचिन पायलट को हटाकर अब तक प्रदेश के इतिहास मे बने सभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षो मे से सबसे कमजोर अध्यक्ष डोटासरा को बनाने मे गहलोत निश्चित सफल रहे। लेकिन गहलोत को यह नही भूलना चाहिए कि उन्होंने इससे पहले भी जाट के नाम पर चंद्रभान को अध्यक्ष बनाया था जिसके

राजस्थान के चार विधानसभा उपचुनाव मे कांग्रेस का गहलोत-पायलट के मध्य का अंदरुनी झगड़ा नुकसान पहुंचायेगा। - मुस्लिम युवाओं की गहलोत सरकार से नाराजगी भी संकट खड़ा करेगी। - भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद भाजपा की मजबूती का ठीक से आंकलन होगा।

            ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                  हालांकि राजस्थान के चार विधानसभा उपचुनावों की तारीखों का ऐहलान अभी तक नही हुवा पर इसके बावजूद कांग्रेस व भाजपा के अलावा जनता सेना व कुछ निर्दलीय सम्भावित उम्मीदवार टिकट पाने व चुनाव लड़ने के लिये राजनीतिक समीकरण अपने पक्ष मे बैठाने शुरू कर दिये है। दुसरी तरफ कांग्रेस मे गहलोत व पायलट के मध्य जारी वर्चस्व की जंग से कांग्रेस उम्मीदवारों को नुकसान हो सकता है। वही भाजपा उम्मीदवारो की स्थिति का ठीक ठीक आंकलन करना  वंसुधरा राजे समर्थक मतदाताओं की भूमिका पर निर्भर करेगा। इसके साथ ही वसुन्धरा राजे समर्थकों की पूर्व मे मण्डावा व खीवसर विधानसभा उपचुनाव मे रही भूमिका की तरह अगले चार उपचुनाव मे भी रहती है तो कांग्रेस को लाभ होगा। जबकि आम धारणा बनने लगी है कि सचिन पायलट से हमदर्दी रखने वाले मतदाता गहलोत की उक्त चुनाव मे खाट खड़ी करने की कोशिश कर सकते है।               अशोक गहलोत सरकार गठित होने के बाद पहले दो उपचुनाव हुये उनमे से मंडावा सीट कांग्रेस ने भाजपा से झटकी व खींवसर सीट रालोपा की थी ओर रालोपा के पास ही रही। लेकिन अब होने वाले चार सीटो के उ

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

सीकर: एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने आत्महत्या से पूर्व लिखा सुसाइड नोट.हनुमान ने खुद का बताया आत्महत्या का फैसला. सुसाइड नोट में लिखा हम बेटे के बिना जी नहीं सकते

              ।अशफाक कायमखानी। सीकर: शहर के पुरोहित जी की ढाणी में एक ही परिवार के 4  सदस्यों ने एक साथ फांसी लगाकर की आत्म हत्या.मानसिक अवसाद में था पूरा परिवार.माता-पिता और 2 बेटियों ने लगाई फांसी.4 माह पहले घर में जवान बेटे की मौत के बाद से पूरा परिवार था परेशान सूचना के बाद पुलिस पहुंची मौके पर.   सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुरोहित जी की ढाणी में गोपाल सैनी के पुत्र हनुमान सैनी उसकी पत्नी तारा सैनी और उनकी पुत्रियां पूजा व अन्नू ने एक साथ फांसी के फंदे पर लटककर जीवन लीला समाप्त कर ली. शाम को दूध वाले ने जब आवाज लगाई और गेट नहीं खुला तब पता चला इस घटना का. इलाके में घटना के बाद सन्नाटा छाया.  

उर्दू तालीम और मदरसा तालीम की हिमायत में सुजानगढ़ मे आमसभा हुई। - गहलोत सरकार को ललकारते हुए उप चुनाव में कांग्रेस को हराने का हुआ प्रस्ताव पास ।

              ।अशफाक कायमखानी। सुजानगढ (चूरु)।                       राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ और राजस्थान मदरसा शिक्षा सहयोगी संघ एवं अन्य सामाजिक संगठनों के समर्थन से उर्दू तालीम और मदरसा तालीम की हिमायत में आज 21 फरवरी को सुजानगढ़ के गांधी चोक मे एक आम सभा हुई। सभा को करीब दो दर्जन वक्ताओं ने सम्बोधित करते हुये अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गहलोत सरकार को जमकर ललकारा और मांगें नहीं मानी गई तो विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस को हराने की लोगों से अपील करने के साथ साथ उक्त सम्बंध मे प्रस्ताव भी पास किया गया। जिसका उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर समर्थन किया।                  सभा को राजस्थान उर्दू शिक्षक संघ के अध्यक्ष अमीन कायमखानी, राजस्थान मदरसा शिक्षा सहयोगी संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष समीर कुरैशी, उपाध्यक्ष जुल्फिकार अली खान, राजस्थान स्टेट औकाफ काॅन्सिल के जनरल सेक्रेटरी एम फारूक़ ख़ान, मदरसा पैराटीचर अब्दुर्रज्जाक खिलजी फलौदी, मदरसा पैराटीचर संघ सीकर के जिलाध्यक्ष जफर अली, सूबेदार जाफर खान खेड़ी राडान, एडवोकेट एजाज नबी खान जाजोद, एडवोकेट जावेद अली खान खींवासर, कांग्रेसी नेता व पार्षद म

महाराष्ट्र के भाजपा विधायक सीकर में गिरफ्तार , पांच लोग थाने में बंद।

                            ।अशफाक कायमखानी। सीकर (राजस्थान)।                राजस्थान के सीकर शहर में महाराष्ट्र के चिमुर से भाजपा विधायक कीर्ति कुमार को सीकर पुलिस ने हिरासत में लिया है.  विधायक के साथ में पिता और भाई समेत दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया है। पांचों पर नो एंट्री जोन में घुसकर पुलिस कांस्टेबल से मारपीट और महिला कांस्टेबल से बदसलूकी करने का आरोप है. जिन्हें आईपीसी की धारा 151 में गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है. दरअसल, महाराष्ट्र के चिम्मूर विधायक कीर्ति कुमार परिवार और रिश्तेदारों के साथ एसी कोच बस में सालासर हनुमान दर्शन करने जा रहे थे. सीकर के पास दोपहर करीब 12 बजे बस चालक रास्ता भटक गया और शहर में घुस गया. शहर में एसके अस्पताल के नजदीक ट्रैफिक महिला पुलिसकर्मी कमला और हेडकांस्टेबल गिरधारी सिंह ने बस को रुकवाया.                 जैसे ही विधायक और बस में बैठे उनके कुछ साथियों को पता लगा कि बस का चालान काटा गया है. इस पर विधायक बस से नीचे उतर आए और खुद को विधायक बताकर पुलिसकर्मियों की शिकायत परिवहन मंत्री प्रतापसिंह से करने की बात कहने लगे. यहीं पर दोनों पक्षों में तक

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कांग्रेस विधायक एक एक करके दूर होने लगे!

                ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राजस्थान के 12 व 13 फरवरी के दौरे मे पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को मुख्यमंत्री गहलोत खेमे द्वारा अलग थलग रखने के बाद आज जयपुर ग्रामीण के कोटखावदा मे सचिन पायलट खेमे द्वारा किसान महापंचायत आयोजित की गई जिसमे बडी तादाद मे किसानों को उमड़ आने से गहलोत खेमे की चिंता को एक दफा फिर से बडा दिया है। कोटखावदा की आज की  सभा मे सचिन पायलट के साथ मंच साझा करके सभा को सम्बोधित करने वाले कांग्रेस विधायक प्रशांत बैरवा व विधायक विरेन्द्र सिंह का शामिल होने की काफी चर्चा रहने के साथ साथ मुख्यमंत्री खेमे से एक एक करके कांग्रेस विधायकों के छिटकना माना जा रहा है।              मुख्यमंत्री गहलोत की कार्यशैली से नाराज होकर सचिन पायलट के साथ जो अन्य अठारह कांग्रेस विधायक पीछले साल जुलाई महीने मे दिल्ली कूच करके गये थे उनमे से अधिकांश विधायक सचिन पायलट की उक्त तरह की सभाओ मे उनके साथ शामिल होते रहे है। लेकिन उस समय सचिन पायलट की बजाय जो विधायक अशोक गहलोत द्वारा होटल मे कैद रहने वाले विधायकों मे से दांतारामगढ विधायक वीरेंद्र सि

सीकर जिले के कांग्रेस विधायक पायलट व गहलोत समर्थक होते नजर आने लगे। - पायलट समर्थक दो विधायकों की संख्या तीन पर पहुंची। जो मंत्रीमंडल विस्तार के बाद बढ सकती है।

                 ।अशफाक कायमखानी। सीकर।               भाजपा छोड़कर कांग्रेस मे आये पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया द्वारा कांग्रेस हित मे कड़ी मेहनत व आपसी सामंजस्य बनाकर व्यू रचना के साथ काम करने का परिणाम आया कि 2018 के विधानसभा चुनाव मे जिले की सभी आठो सीटो पर भाजपा व माकपा को हार मिली। एवं आठ मे से सात सीटों पर कांग्रेस विधायक एवं एक सीट पर कांग्रेस का बागी उम्मीदवार चुनाव जीतकर विधायक बना जो वर्तमान मे कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे है। लेकिन ज्योहीं विधानसभा चुनाव हुये उसके बाद बने विधायकों का रुख अपनी अपनी ढपली अपना अपना राग निकलना नजर आने लगा। जिसके कारण हाल ही मे सम्पन्न जिला परिषद चुनाव मे कांग्रेस विधायकों के मध्य आपसी सामंजस्य की कमी के कारण कांग्रेस की जीती हुई बाजी हाथ से निकल कर भाजपा के हाथो मे चली गईं। जिसके चलते कांग्रेस के चार मत भाजपा उम्मीदवार के पक्ष मे गये एवं भाजपा का जिला प्रमुख आसानी से बन गया।              राजस्थान मे मुख्यमंत्री पद को लेकर गहलोत व पायलट मे छिड़ी दौड़ मे आखिरकार गहलोत आगे निकलकर मुख्यमंत्री बन गये। पर फिर भी दोनो नेताओं के समर्थक विधायकों की

मोदी सरकार के पेट्रोल-डीजल में शतक बनाने पर सेवादल करेगा पेट्रोल पंपो पर प्रर्दशन।

              ।अशफाक कायमखानी। सीकर,                केंद्र की भाजपा सरकार ने आमजनो पर मंहगाई का भार बङे स्तर पर लाने के लिए पेट्रोल-डीजल का भाव 100 रुपये प्रति लीटर से उपर करने पर सीकर कांग्रेस सेवादल जगह जगह पेट्रोल पम्पों पर विरोध प्रदर्शन करेगा।               सीकर कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष नरेन्द्र बाटङ ने बताया की मोदी सरकार ने पेट्रोल का भार प्रति लीटर शतक मारने ओर डीजल पर शतक के नजदीक भाव पर पारी खेलने पर सेवादल द्वारा 19 फरवरी  दोपहर सवा दो बजे जिले के पेट्रोल पंपो पर प्रधान मंत्री को क्रिकेट ड्रेस के गेट अप मे करके प्रधान मंत्री को संदेश देगें की पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह की तरह 50 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल भाव की हाफ सैन्चुरी पारी ही राष्ट्र के लिए खेले।

राजस्थान के चार विधानसभा उपचुनाव की तिथि जल्द घोषित हो सकती है। - चारो जगह कांग्रेस के उम्मीदवारो के नाम लगभग तय । राजसमंद से किसी कारण वैभव नही तो फिर मिराज ग्रूप के सीएमडी मदन पालीवाल उम्मीदवार होगे।

                    ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                हालांकि राजस्थान के होने वाले चार विधानसभा उपचुनाव की तिथि व कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा अभी तक नही हो पाई है। लेकिन राजनीतिक हलके मे कांग्रेस के चारो जगह के उम्मीदवारो के नाम लगभग तय बताये जा रहे है। जिन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जौशी की रजामंदी होना करीब करीब तय बताया जा रहा है।          राजस्थान की बल्लभनगर विधानसभा से कांग्रेस विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत के निधन होने से खाली सीट पर उनकी पत्नी प्रीति शक्तावत व सुजानगढ़ से कांग्रेस विधायक व मंत्री भंवरलाल मेघवाल के निधन के बाद खाली हुई सीट पर उनके पूत्र मनोज मेघवाल को उम्मीदवार बनाया जा रहा बताते है। इसके अतिरिक्त सहाड़ा के कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी के निधन से खाली हुई सीट पर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जौशी के पूत्र हिमांशु जौशी व राजसमंद से भाजपा विधायक किरण महेश्वरी के निधन से खाली हुई सीट पर मुख्यमंत्री पुत्र वैभव गहलोत के नाम की चर्चा है। महेश्वरी के निधन के बाद वैभव करीब चार दफा राजसमंद का दौरा कर चुके है। एवं समय मे राजसमंद के लिये विकास के क

राहुल गांधी के दौरे के समय रुपनगढ की ट्रेक्टर रैली कार्यक्रम मे मंच से पायलट को उतारने को लेकर उभाल। पायलट 19-फरवरी को जयपुर जिले के कोटखावदा मे किसान महापंचायत को सम्बोधित करेंगे।

                  ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                  राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा अनेक दफा यह कहना कि कांग्रेस मे एक मात्र वो माली जाती के विधायक जीतने के बावजूद तीसरी दफा मुख्यमंत्री बन चुके है एवं उनके व पायलट समर्थक विधायकों मे विवाद की स्थिति पैदा होने के समय गहलोत द्वारा पायलट के लिये नाकारा शब्द का उपयोग करने के बाद से गहरी हुई खाई अभी कुछ भरी भी नही थी कि अभी 13-फरवरी को राहुल गांधी के दौरे के समय अजमेर के रुपनगढ की ट्रेक्टर रैली कार्यक्रम के समय मंच से पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को नीचें उतारने के बाद से कांग्रेस के अंदरूनी झगड़े की खाई को ओर अधिक गहरा कर दिया है। पायलट को मंच से उतारने की घटना को पायलट समर्थक व आम जनता मुख्यमंत्री गहलोत से जोड़कर देख रहे है।               किसान आंदोलन व किसानों की मांग के समर्थन मे सचिन पायलट खेमे द्वारा राजस्थान के हर जिले मे किसान महापंचायत करने के सीलसीले मे राहुल गांधी के दौरे के बाद व रुपनगढ के कार्यक्रम मे पायलट को मंच से नीचे उतारने का जहर का घूंट पीने के बाद पायलट समर्थक विधायक वैद प्रकाश सोलंकी द्वारा अपने निर्वाच

किसानों का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा - संयुक्त किसान मोर्चा

       ।अशफाक कायमखानी।  सीकर(राजस्थान) 16 फरवरी-  सीकर सांसद द्वारा प्रेस वार्ता में किसान एवं किसान आंदोलन के प्रति दिए गए  संकीर्ण मानसिकता  वाले ओछे वक्तव्य के प्रत्युत्तर में मंगलवार को  सीकर जिला संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा जाट बोर्डिंग हाउस में रखी गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान मोर्चा संयोजक पूरणमल सुंडा, गणेश बेरवाल व उस्मान खान ने कहा कि    सांसद द्वारा किसान एवं किसान आंदोलन के प्रति दिए गए वक्तव्य ओछी मानसिकता एवं आंदोलन को तोड़ने वह कमजोर करने की साजिश है ।  यह आंदोलन किसी पार्टी या क्षेत्र विशेष का आंदोलन न होकर पूरे देश के किसानों एवम  36 कोमो के   गरीब तबके, मजदूर व छोटे व्यापारी का आंदोलन है ।   केंद्र सरकार स्वयं किसानों पर काले कानून थोप कर उन्हें आंदोलन करने के लिये मजबूर कर रही है जिसके कारण आज दिल्ली के  बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में 200 से ज्यादा किसान शहीद हो चुके हैं।   किसान आंदोलन में शहीद हुए शहीद किसानों पर सरकार ने दुख प्रकट करने की बजाय उन्हें अपमानित और बदनाम कर रही है । केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण देश का किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो रह

हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार अब अपात्र अफसर नहीं लग सकेंगे निकायों में आयुक्त। विशेष परिस्थिति में भी 15 दिन से अधिक कार्यभार नहीं

     ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।            राजस्थान उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है कि अपात्र अधिकारी निकायों में आयुक्त नहीं बन सकेंगे। केवल राजस्थान नगर पालिका सेवा (प्रशासनिक एवं तकनीकी) नियम-1963 के अनुसार आयुक्त के रूप में परिभाषित योग्यताधारी को ही नियुक्त किया जा सकेगा।           न्यायाधीश दिनेश मेहता ने याचिकाकर्ता श्रवणराम एवं अन्य की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के बाद कहा कि किसी विशेष परिस्थिति में आयुक्त से इतर किसी व्यक्ति को कार्यभार देने की अपरिहार्यता हों, तो यह अवधि पंद्रह दिन से ज्यादा की नहीं होगी।        याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता कुलदीप माथुर ने कहा कि याची राजस्थान नगर पालिका सेवा (प्रशासनिक एवं तकनीकी) नियम-1963 के तहत अपेक्षित सेवा व पात्रता के बाद आयुक्त पद पर पदोन्नत हुए थे, लेकिन उन्हें आयुक्त पद पर पदस्थापित नहीं किया गया। जबकि अन्य पदों पर कार्यरत कई व्यक्तियों, जो राजस्थान म्यूनिसिपल सर्विस के अधिकारी नहीं हैं, उन्हें नगर पालिकाओं में आयुक्त का कार्यभार दे दिया गया है। माथुर ने कहा कि भिवाड़ी, भीलवाड़ा, नागौर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सिरोही,

बंगाल विधानसभा चुनाव मे टीएमसी व भाजपा मे कड़ा मुकाबला होने के हालात बने। - आवेसी की एआईएमआईएम की राह कठिन पर अब्बास सिद्दीकी का सेक्युलर फ्रंट असर दिखायेगा।

               ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                   हालांकि बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीख का अभी ऐहलान नही हुवा है। लेकिन वहा चुनावों को लेकर ममता की पार्टी टीएमसी व भाजपा के मध्य जंग छिड़ी हुई है। भाजपा ने ममता पर दवाब बनाने के लिये टीएमसी नेताओं को भाजपा जोईन करवाने का अभियान सा चलाने के अलावा वो सभी तरह के हथियार अपना रही है जो चुनाव जीतने के लिये राजनीति मे आज आवश्यक माने जाने चले है।भाजपा के भारी दवाब व प्रचार के वावजूद मुख्यमंत्री ममता अभी तक दबाव मे आती नजर नही आ रही है। वो उसी आत्मविश्वास से भाजपा की चालो का मुकाबला करते हुये अपने मतो को सुरक्षित रखने लगी हुई है।                  बिहार चुनाव मे एआईएमआईएम के पांच विधायक जीतने से उत्साहित होकर सांसद असदुद्दीन आवेसी बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने का कह कर बंगाल की फूरफरा शरीफ के अब्बास सिद्दीकी के पास गये ओर उनके नेतृत्व मे चुनाव लड़ने की कह कर उनके साथ आने की अपील की। बंगाल के मतदाताओं का अलग तरह का मिजाज होने व उर्दू भाषियों से अलग रुख अपनाने के मिजाज को भांप कर अब्बास सिद्दीकी ने आवेसी के साथ आने की बजाय स्वयं ने अलग से सेक्युलर

राजस्थान मे किसान महापंचायतों के बहाने गहलोत-पायलट व संयुक्त किसान मोर्चा किसानों को साधने मे लगे। जबकि आंदोलनों के चलते किसान वर्ग की भाजपा से नाराजगी बढने लगी। - मुख्यमंत्री गहलोत राहुल गांधी का चार जिलो मे दो दिवसी दौरे मे किसान पंचायत करवाने के बहाने पायलट की अनदेखी दिखाने मे कामयाब रहे।

                       ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                  केन्द्र सरकार द्वारा कृषि सम्बंधित लाये गये तीन काले कानूनो को लेकर अपने हक व हित के प्रति जागरूक  होते किसान वर्ग द्वारा आंदोलन करने के सीलसीले मे दिल्ली की सीमाओं पर विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लम्बे समय से डटे रहकर आंदोलन की धार बढाने से राजस्थान की राजनीति मे भी एक तरह से उभाल ला दिया है। किसानों को साधने के लिये एक तरफ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रदेश के सभी जिलो मे अपने व समर्थकों के दम पर किसान महापंचायत करने का सीलसीला शुरू कर दिया है। वही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के स्वयं के बल पर भीड़ नही जुटने के कारण उन्होंने अपने राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी का राजस्थान के चार जिलो मे 12 व 13 फरवरी के दो दिवसीय दौरा करवा कर किसान पंचायते की है। वहीं इसके विपरीत संयुक्त किसान संगठन मोर्चा ने भी प्रदेश मे किसान महापंचायते करने की घोषणा कर दी है। शूरुआत मे 23-फरवरी को सीकर व 02 मार्च को नागौर मे किसान महापंचायत करने की घोषणा की है जिसको किसान नेता रकेश टिकेत व योगेन्द्र यादव सहित अनेक किसान नेता सम्बोधित करने आ रहे है।           

सिवायचक भूमि पर बसे गावों को भूमि रूपान्तरण के बाद पट्टे जारी होंगे - नगरीय विकास मंत्री

               ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                 नगरीय विकास मंत्री श्री शांति धारीवाल ने विधानसभा में राजस्व मंत्री की ओर से पुछे जाने पर बताया कि सिवायचक भूमि पर बसे गाँवों में भूमि रूपान्तरण के बाद ही ग्राम पंचायतों द्वारा आबादी पट्टे जारी किये जा सकते हैं।          मंत्री धारीवाल ने प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से इस सम्बन्ध में पूछे गये पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि सिवायचक जमीन पर बसे गावों को आबादी क्षेत्र में भूमि रूपान्तरण के लिए पहले ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव जिला कलक्टर को भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर द्वारा भूमि रूपान्तरण आबादी क्षेत्र में करने के बाद ही ग्राम पंचायत ऎसी भूमि पर बसे गांवाें व लोगों को पट्टे जारी कर सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गावों में ऎसी भूमि जिस पर वर्षों से लोग बसे हुए हैं और वह पहले से ही आबादी क्षेत्र घोषित है ऎसे क्षेत्रों में बसे लोगाें को स्थानीय ग्राम पंचायत पट्टे जारी कर सकती है।                इससे पहले विधायक शकुन्तला रावत के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में धारीवाल ने बताया कि सिवायचक गैर मुमकिन एवं पहाड़ वर

लखनऊ पब्लिक स्कूल में छात्र-छात्राओं की व्यक्तिगत तथा सामूहिक काउंसलिंग संपन्न

  लखीमपुर , लखनऊ पब्लिक स्कूल की स्थानीय शाखा में छात्र-छात्राओं की सामूहिक एवं व्यक्तिगत काउंसलिंग संपन्न हुई। लखनऊ पब्लिक स्कूल के कैरियर काउंसलर एवं कैरियर पाथवेल के डायरेक्टर ने अपनी टीम के साथ काउंसलिंग की। उन्होंने कक्षा 9 व 11 के छात्र-छात्राओं को आगामी परीक्षा की तैयारी, विषयों का चुनाव एवं भविष्य में आने वाली रोजगारपरक जटिलताओं का निदान जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। अनेक छात्र-छात्राओं की व्यक्तिगत काउंसलिंग भी की गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय सचदेवा ने इस अवसर पर सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दो दिवसीय दौरे से राजस्थान की कांग्रेस राजनीति मे बहुत कुछ तय होगा।

                  ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                     हालांकि राहुल गांधी की रिलोंचींग के लिये भारत मे चल रहे किसान आंदोलन के बहाने दिल्ली के लगते प्रदेशो मे कांग्रेस उनके लिये किसान सम्मेलन आयोजित करके मई-21मे उन्हें फिर से पार्टी अध्यक्ष बनाने का प्लान लगभग तय चुकी है। दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के आकर डटने के पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस शासित पंजाब मे किसान सम्मेलन व ट्रेक्टर रैली की एवं अब दुसरे कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान मे दो दिवसीय 12-13 फरवरी को आकर किसान सम्मेलन व ट्रेक्टर रैली करेगे। लेकिन राजस्थान के राहुल गांधी के पहले के हुये दौरे के समय कांग्रेस नेता सचिन पायलेट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ साथ उपमुख्यमंत्री पद पर होने के कारण वो एवं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राहुल गांधी के अगल बगल मे सभाओ के मंच पर बैठे नजर आते थे। अब पायलट मात्र साधारण विधायक है। देखना होगा कि राहुल गांधी अपने उक्त राजस्थान दौरे मे पायलट को कितनी अहमियत देते है या फिर अशोक गहलोत की चली चाल के अनुसार उनको अहमियत एक साधारण कांग्रेस नेता की तरह मिलती है। जबकि इसके मध्य राहुल गांधी के होने वाले

हाईकोर्ट ने घूसखोर एसडीएम पिंकी मीणा को शादी करने के लिए 10 दिन की जमानत। 16 फरवरी की शादी पहले से तय थी।

      ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।          हाईवे बना रही कंपनी से 10 लाख रु. से रिश्वत मांगने के आरोप में 29 दिन से जेल में बंद बांदीकुई एसडीएम पिंकी मीणा को अपनी शादी के लिए अंतरिम जमानत मिल गई। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच में जस्टिस इंद्रजीत सिंह ने 10 दिन की सशर्त जमानत दी है। राजस्थान न्यायिक सेवा में चयनित हुए अधिकारी के साथ 16 फरवरी को एसडीएम से  शादी होगी। न्यायिक अधिकारी की पोस्टिंग कहां हुई है, यह साफ नहीं हो सका है। शादी के पांच दिन बाद ही 21 फरवरी को पिंकी मीणा को कोर्ट में सरेंडर करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शादी के लिए दौसा जिले के जटवाड़ा में एक आलीशान होटल पहले ही बुक हो चुका था। इसी बीच वह रिश्वत लेते ट्रेप कर ली गई।29 दिन से जेल में बंद एसडीएम मीणा ने जनवरी 2021 में निचली अदालत में जमानत के लिए प्रयास किए थे। तब याचिका ठुकरा दी गई थी। सरकारी वकील ने जमानत देने का विरोध कर कहा था कि यह बाहर आईं तो जांच प्रभावित हो सकती है। हालांकि अब हाईकोर्ट से पिंकी मीणा को शादी के छह दिन पहले जमानत मिल गई। एसीबी ने 13 जनवरी को दौस

बिड़ला और बजाज जैसे नामी उधोगपति अगर लोकसभा चुनाव जीतते तो शेखावाटी जनपद के हालात आज अलग नजर आते।

               ।अशफाक कायमखानी। सीकर।             भारत के नामी उधोगपति टाटा व पांच साल पहले प्रधानमंत्री बने नरेन्द्र मोदी के बाद अचानक बडे उधोगपति बने अम्बानी को छोड़कर बाकी तमाम बडे नामीगिरामी उधोगपतियों की जन्मभुमि राजस्थान के शेखावाटी जनपद की होने के बावजूद उधोगिक क्रांति से अबतक क्षेत्र पूरी तरह अछूता रहा है।              बिड़ला, बजाज, बांगड़, रुईया, पौदार, खेतान, लोहिया, गोयनका, मोदी, सोभासरीया, मित्तल, तोदी, शेखसरीया, डालमिया, मोरारका, रुंगटा, तापड़िया, चमड़िया, धानूका, सिंघानिया सहित अनेक नामी उधोगपतियों की जन्म स्थली शेखावाटी जनपद रहा है।            उक्त शेखावाटी की भूमि के उधोगपतियों ने आजादी के पहले क्षेत्र मे स्कूल, कोलेज, कुऐं, अस्पताल, व धर्मशालाओ का निर्माण जगह जगह करवाकर अपनी जन्म भूमि की काफी हद तक सेवाएं करते हुये अपना फर्ज अंजाम दिया था। लेकिन उक्त उधोगपतियों मे से बजाज ग्रूप के कमलनयन बजाज ने 1952 से सीकर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का व बिड़ला ग्रूप के कृष्ण कुमार बिड़ला ने 1971 मे झूंझुनू लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का साहस जूटाने के बावजूद उन दोनो को हार का मुहं देखना

राजस्थान वक्फ बोर्ड का आठ मार्च को कार्यकाल पूरा होने को है, लेकिन सदस्यों के लिये चुनावी प्रक्रिया अभी शुरु नही हुई। - वर्तमान अध्यक्ष खानू खान के फिर से अध्यक्ष बनने की उम्मीद अधिक जताई जा रही है। लेकिन अनेक अन्य नेता भी लगे है इस दौड़ मे।

                    ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                राजस्थान वक्फ बोर्ड के मोजूदा बोर्ड के भाजपा सरकार के समय 9-मार्च-2016 को गठित होने के बाद सरकार द्वारा नामित तीन सदस्यों मे से अबूबकर नकवी के चेयरमैन बनने के बाद उन सहित तीनो की सदस्यता की योग्यता को लेकर न्यायालय मे चले वाद के बाद अध्यक्ष सहित तीनो की सदस्यता रद्द होने के उपरांत कांग्रेस सरकार द्वारा काफी दिनो बाद फिर तीन सदस्य खानू खान, डा.राणा जैदी व अस्मा खान को नामित करके अध्यक्ष पद के लिये उपचुनाव करवाने पर खानू खान निर्विरोध अध्यक्ष चुने गये थे। मोजुदा बोर्ड का 8- मार्च-2021 तक का कार्यकाल है। उसके पहले सरकार समस्त तरह की चुनावी व मनोनयन प्रक्रिया अपना कर नये अध्यक्ष का चुनाव करवाने मे सफल होती है या फिर कुछ दिनो तक फिर से बोर्ड पर प्रशासन राज कायम होता है। या फिर सरकार अन्य विकल्प तलास करती है। यह सब अगले कुछ दिनो मे सामने आ पायेगा।              राजस्थान वक्फ बोर्ड गठन मे कुछ सदस्यों का चुनाव होता है एवं कुछ सदस्यों का राज्य सरकार के द्वारा विभिन्न केटेगरी मे मनोनयन होता है। एक सदस्य लोकसभा या राज्य सभा के वर्तमान मुस्

कांग्रेस नेता राहुल गांधी 12-13 फरवरी को राजस्थान दौरे पर रहकर किसान सम्मेलनो को सम्बोधित करेंगे। - राजस्थान मे जगह जगह सचिन पायलट किसान आंदोलनों मे जाकर जनता मे अपनी पकड़ मजबूत करने मे लगे है। वही मुख्यमंत्री गहलोत कांग्रेस हाईकमान पर पकड़ काफी मजबूत करने मे लगे है।

               ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                   केंद्र सरकार द्वारा बनाये गये कृषि सम्बन्धित तीन कानूनो को काले कानून बताते हुये उन्हें रद्द करने की मांग को लेकर भारत भर मे चल रहे किसान आंदोलनो के मध्य पीछलै पचेतर दिन से दिल्ली की सीमाओं पर उक्त मांग को लेकर डेरा डाल कर बैठे किसानों द्वारा मुद्दे को भारत भर के अतिरिक्त विश्व स्तर पर गरमाने की आहट का मय पर अहसास करते हुये राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट समर्थक राज्य भर मे किसान महापंचायत आयोजित कर रहे है। जिनमे सचिन पायलट को सूनने लाखो लोगो के आने व महापंचायतो की सफलता के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समर्थक काफी चिंतित होते नजर आ रहे। उक्त किसान महापंचायतों से मुख्यमंत्री गहलोत समर्थक मंत्री व विधायको द्वारा पूरी दूरी बनाये रखने के बावजूद पायलट के साथ उनके समर्थक विधायक व कांग्रेस नेता भी उक्त किसान महापंचायतों मे पायलट के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जा रहे है।              अच्छे वक्ता व जनता पर सीधी पकड़ ना होने के कारण अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री पद पर काबिज होने के बावजूद भी उनकी सभाओ मे सचिन पायलट की सभाओ के मुकाबले मे ठी

अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते व व्यापारी विवाद मे व्यापारी शंकर लाल की मृत्यु।

                        ।अशफाक कायमखानी। सीकर।             सीक प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाते हुये जयपुर रोड़ पर हुये विवाद के बाद व्यापारी के नीचे गिरने के बाद व्यापारी शंकर लाल की मोत होने के बाद व्यापारी वर्ग द्वारा बोडी को सड़क पर रखकर जाम लगाने के बा एक दफा दोनो तरफ वाहनों की लम्बी लम्बी कतार लग गई एवं तनाव का माहोल बन गया।          बताया जा रहा है कि प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे अतिक्रमण अभियान के तहत जब हमला जयपुर रोड़ पर अतिक्रमण हटा रहा था तब सत्तर साला व्यापारी शंकर लाल के गस खाकर गिरने के बाद उसे निजी अस्पताल लेकर गये। जहां चिकित्सकों द्वारा उसे मृत घोषित करने के बाद उसकी बोडी को लेकर लोग सड़क पर बैठ गये। जिससे जाम लगने से दोनो तरफ वाहनों की लम्बी लम्बी कतार लग गई। घटना की सूचना पाकर प्रशासन के आला अधिकारी मोके पर पहुंच कर समझाईश की। प्रशासन व लोगो के मध्य हुई वार्ता के बाद उचित कार्यवाही करने के बाद शव उठा लिया गया है। एवं जाम खोल दिया गया है।

लखनऊ पब्लिक स्कूल में जूनियर कक्षाओं की पुनः पढ़ाई शुरू करने के लिए तैयारियां पूरी

लखनऊ : पब्लिक स्कूल, लखीमपुर शाखा ने लॉकडाउन के लंबे अंतराल के पश्चात कक्षा 6 से 8 तक के जूनियर छात्र छात्राओं के लिए पुनः कक्षाएं प्रारंभ करने की तैयारियां पूरी की। स्कूल की कक्षाओं और परिसर को पूर्णता सैनिटाइज कराया गया। कक्षाओं में निर्धारित मानकों एवं सोशल डिस्टेंसिंग को दृष्टिगत रखते हुए कक्षाओं में न्यूनतम सीटों की व्यवस्था की गई। अभिभावकों को बच्चों को मास्क पहनकर आने हेतु सभी आवश्यक निर्देश बताएं गए। तापमान रिकॉर्ड करने की भी तैयारी की गई है। विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय सचदेवा ने बताया कि हमारे विद्यालय की जूनियर कक्षाएं प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप पाठ-पठन की प्रक्रिया पुनः प्रारंभ करने हेतु पूर्णता तैयार है। अभिभावक से अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को मास्क के साथ एवं आवश्यक मानकों का पालन करते हुए निर्भय होकर विद्यालय पढ़ने के लिए अपने सहमति पत्र  के साथ भेजें।

केन्द्र सरकार किसान आंदोलन को हल्के मे ले रही है। जबकि आंदोलन ने लोगो के दिलो को धीरे धीरे जगा कर उभाल ला दिया है।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              केन्द्र सरकार द्वारा कृषि के सम्बन्धित बनाये तीन काले कानूनो को वापिस लेने की मांग को लेकर भारत भर मे अलग अलग तरह से चल रहे किसान आंदोलनों के अलावा दिल्ली से लगती अन्य प्रदेशों की सीमाओं पर अलग अलग जगह पर इसी मांग को लेकर करीब पचेतर दिन से धरने पर बैठे किसानों की आवाज ने लोगो को धीरे धीरे जगाकर उनके मन मे सरकार के खिलाफ उभाल लाने का काम कर दिया है। जबकि राज्यसभा मे आज प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुये लगा कि सरकार उक्त आंदोलन को अभी भी बहुत हल्के मे ले रही है। इसके विपरीत आंदोलनों के जानकारों का मानना है कि उक्त आंदोलन केंद्र सरकार व भाजपा पर ज्यो ज्यो आगे बढेगा त्यो त्यो काफी भारी साबित होगा।               हालांकि आंदोलन की शूरुआत सर्दी की शूरुआत के साथ होने के कारण ज्यो ज्यो सर्दी बढी त्यो त्यो किसानों की तादाद उतनी नही बढी जितनी ज्यो ज्यो अब फरवरी माह से मोसम मे गरमी बढने के साथ बढेगी। पहले पंजाब फिर हरियाणा व पश्चिमी उत्तरप्रदेश के किसान दिल्ली के सीमाओं पर डेरा डाल कर तीनों कानून रद्द करने

किसानों संघ प्रतिनिधियों की बैठक मे सीकर में किसान महापंचायत आयोजित कराने का फैसला। - पंचायत मे किसान नेता राकेश टिकेत-योगेन्द्र यादव व अमरा राम को आमंत्रित किया जायेगा। साथ ही रिलायंस स्टोर बंद करवाने का भी तय हुवा।

                ।अशफाक कायमखानी।      सीकर राजस्थान)।                                 सीकर जिला संयुक्त किसान मोर्चा की आवश्यक बैठक आज मंगलवार को संयोजक पूरणमल सुंडा की अध्यक्षता में किसान छात्रावास मे आयोजित हुई जिसमे सीकृ मे जल्द ही एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन करने का तय हुवा। आयोजित होने वाली महापंचायत मे किसान नेता राकेश टिकेत योगेन्द्र यादव व अमरा राम को आमंत्रित करने का भी तय हु्वा।                सीकर जिला संयुक्त किसान मोर्चा प्रवक्ता बी एल मील ने बताया कि आज मंगलवार को किसान छात्रावास (जाट बोर्डिंग हाउस) में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इसी महीने सीकर में कृषि मंडी  परिसर स्थित किसान महापंचायत आयोजित की जायेगी। जिसके सम्बन्ध मे जनप्रतिनिधियों, अनेक संगठन पदाधिकारियों से एक-दो दिन में राय मशविरा करके  तिथि तय की जाएगी । किसान महापंचायत में मुख्य वक्ता के रूप में राकेश टिकैट सहित अनेक किसान संगठन एवं अन्य संगठनों के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी शिरकत करेंगे | अंबानी और अडानी के उत्पादन को बंद करने हेतु सीकर शहर स्थित रिलायंस के मार्ट और स्टोर को  व्यापार

आई. एफ. एस. श्रद्धा यादव ने बताये करियर टिप्स

 लखनऊ , लखनऊ पब्लिक स्कूल डायरेक्टर हर्षित सिंह द्वारा आयोजित वेबिनार-कॅरियर टॉक सीरीज, एपिसोड - 4, टॉपिक: ‘वेज टू करियर बिल्डिंग’ में बलिया की डी० एफ० ओ० श्रद्धा यादव (आई. एफ. एस.) ने कक्षा - 9 से 12 तक के छात्रों को अखिल भारतीय सेवाओं में करियर बनाने के टिप्स दिये। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के शुरुआती दौर से यदि रणनीति बनाकर प्रयास किया जाय तो कम समय में ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। सिविल सर्विसेज़ की परीक्षाओं का दायरा बहुत बड़ा होता है इसलिए रणनीति बनाया जाना बहुत जरूरी होता है। टाइम मैनेजमेंट के साथ पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों की तैयारी करना आवश्यक होता है। इस प्रकार से अध्ययन करने से तैयारी करने वालों में आत्मविश्वास जागता है, जो तैयारी करने में काम आता है। आजकल सूचनायें बहुत ज्यादा हैं। इसके लिए अध्ययन सामग्री का सही चयन भी सिविल सर्विसेज़ की तैयारी में अहम भूमिका निभाता है। आपकी नियमित पढाई ही काम आती है। अनुशासित होना जरुरी है। अपने मन में अपने उद्देश्य को सोचते रहिये और लगातार काम करते रहिये। सफलता निश्चित है।

जयपुर की सिविल लाइंस के बंगले हटाये गये मंत्रियों को बंगले खाली नही करने का सरकार ने रास्ता निकाला।

        ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।           जयपुर के सिविल लाइंस में तीन पूर्व मंत्रियों को बंगले खाली नहीं करने पड़ेंगे , जिन्हें गहलोत सरकार ने पायलट-गहलोत के मध्य उपजे विवाद के बाद बर्खास्त कर दिया था । सिविल लाइंस के ये बंगले सिर्फ मंत्रियों के लिए निर्धारित हैं । इसके बावजूद अब सरकार ने एक ऐसा रास्ता निकाल लिया है , जिसके जरिए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का बंगला भी खाली नहीं कराया गया था ।             माना जा रहा है कि सचिन पायलट समेत तीनों पूर्व मंत्रियों के बंगले बरकरार रखने का फैसला इसलिए किया जा रहा है , ताकि गहलोत सरकार किसी सियासी बवाल में नहीं फंसे । असल में कांग्रेस के सत्ता में आने के साथ ही सचिन पायलट डिप्टी सीएम बनाए गए थे । उसी मंत्रिमंडल में विश्वेंद्र सिंह पर्यटन मंत्री और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा बनाए गए थे । जब पायलट के साथ ये दोनों मंत्री व अन्य विधायक नाराज होकर चले गए थे , उसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीनों को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था । इसके बाद से ही यह चर्चा उठने लगी थी कि 6 माह में तीनों के मंत्रियों के लिए निर्धारित बंगले खाल

राजस्थान मे हाईब्रिड सिस्टम के तहत कुचामन नगरपालिका के आसिफ खान पहले चैयरमैन बने। - कुचामन मे चालीस साल बाद कांग्रेस का चैयरमैन बन पाया। / राजस्थान के कुल 195 चैयरमैन मे से 120 कांग्रेस व 74 भाजपा के एवं 06 अन्य।

                     ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।     .         राजस्थान के नब्बे नगरपरिषद/पालिका के चैयरमैन पद के लिये आज हुये चुनाव के बाद आये परिणाम के अनुसार कांग्रेस के अड़तालीस व भाजपा के सैंतीस व अन्य पांच चैयरमैन चुन कर आये है। जिनमे राजस्थान मे जब से हाईब्रिड सिस्टम लागू हुवा है तब के बाद मात्र एक चैयरमैन बीना पार्षद होने के बावजूद हाईब्रिड सिस्टम का उपयोग करते हुये नागौर जिले की कुचामन नगर पालिका के चैयरमैन पद पर आसिफ खान आज हुये चुनाव मे चुने गये है। जो अपने आप मे अबतक का प्रदेश का एक मात्र उदाहरण है।              पैतालीस सदस्यों वाली कुचामन नगरपालिका के चैयरमैन पद के लिये हुये मतदान मे भाजपा उम्मीदवार हरीश कुमावत व कांग्रेस के आसिफ खान के मध्य मध्य मुकाबले मे आसिफ के पक्ष मे चोबीस व कुमावत के पक्ष मे बीस मत पड़े एवं एक पार्षद ने मताधिकार का उपयोग नही है। पालिका मे बीस पार्षद कांग्रेस के निसान पर व अठारह पार्षद भाजपा के निसान  पर एवं सात निर्दलीय तौर पर जीत कर आये थे। आसिफ के पक्ष मे कुछ निर्दलीय पार्षदो के पहले ही आजाने के कारण कांग्रेस ने हाईब्रिड के तहत आसिफ को उम्मीदवार बनाकर च

राजस्थान की राजनीति मे सचिन पायलट डाल डाल तो अशोक गहलोत पात पात चल रहें है। - इस किसान सम्मेलन मे दूर दराज से पायलट समर्थक विधायकों ने शिरकत की बल्कि मुख्यमंत्री समर्थक दो मंत्री व दौसा जिले के विधायक ममता भूपेश व परसादी लाल मीणा ने शिरकत नही की।

            ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।                मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बनने से पहले व सरकार बनने के बाद मे करीब डेड साल तक प्रभारी महामंत्री अविनाश पाण्डे से मिलकर कांग्रेस मे ही अपने मुकाबिल नेता तत्तकालीन प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को पहले विधानसभा उम्मीदवार चयन मे मात दी। फिर चुनाव बाद निर्दलीय विधायकों के समर्थन को अपने पक्ष मे करके दिल्ली हाईकमान से मुख्यमंत्री पद का अपने पक्ष मे फैसला करवा कर मुख्यमंत्री बन गये। गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के बाद पायलट व गहलोत मे फिर शह व मात का खेल शुरू हु्वा ओर मौका लगते ही गहलोत ने पाण्डे से मिलकर पायलट को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटवा कर अपने खास व दबेल मे रहने वाले गोविंद डोटासरा को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनवा लिया। इसके साथ साथ पायलट व उसके समर्थक मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाकर बाजी अपने हाथ मे रख ली।             प्रदेश अध्यक्ष व मंत्री पद से हाथ धोने के बावजूद सचिन पायलट ने प्रभारी महामंत्री अविनाश पाण्डे को तो बदलवा लिया लेकिन उनकी जगह बने प्रभारी महामंत्री अजय माकन का झुकाव भी जब पायलट की बजाय गहलोत की तरफ अधि