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शेखावाटी से बने कांग्रेस व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहते लड़े अधिकांश नेता चुनाव हारे ही है।





सीकर।

            शेखावाटी जनपद से कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बने सरदार हरलाल सिंह ने चुनाव ही नही लड़ा ओर रामनारायण चोधरी ने अध्यक्ष रहते 1980 का मण्डावा विधानसभा से चुनाव लड़कर विजयी हुये थे। चोधरी रामनारायण के अलावा अब तक जिन्होने भी अध्यक्ष रहते चुनाव लड़ा है। उन सभी को चुनाव मे हार का मजा चखना पड़ा है।

           सरदार हरलाल सिंह व चोधरी रामनारायण के अलावा चोधरी नारायण सिंह ने 2004 का लोकसभा चुनाव लड़ा ओर वो चुनाव हार गये। उनके बाद डां चंद्रभान ने अध्यक्ष पद पर रहते 2013 का मण्डावा से विधानसभा चुनाव लड़ा। जिस चुनाव मे चंद्रभान अपनी जमानत भी गवां बेठे थे।

         कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षो के अलावा शेखावाटी से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश माथुर, डा. महेश शर्मा, मदनलाल सैनी व सतीस पूनीया भी बने है। जिनमे जगदीश माथुर ने जनसघ व जनता पार्टी के निशान पर तो चुनाव लड़ा ओर एक दफा विधायक व एक दफा सांसद भी चुने गये। लेकिन 1980 मे भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद वो सीकर से चुनाव नही लड़े। डा.महेश शर्मा राजस्थान से राज्यसभा के सदस्य तो चुने गये पर अध्यक्ष रहते विधानसभा व लोकसभा का चुनाव नही कभी नही लड़ा। इसी तरह मदनलाल सैनी विधायक व राज्यसभा सदस्य तो रहे पर प्रदेश अध्यक्ष रहते विधानसभा व लोकसभा का चुनाव नही लड़ा।

          वर्तमान समय मे प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शेखावाटी से तालूक रखने वाले गोविंद सिंह डोटासरा व सतीश पूनीया बने है। जो दोनो ही विधायक रहते अध्यक्ष बने है। उक्त दोनो के अगला विधानसभा या लोकसभा चुनाव अध्यक्ष पद पर रहते लड़ने पर ही भविष्य तय होगा।



 

 

 



 


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