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अब दिल्ली से 750 किलोमीटर दूर हो गए है समर्थक विधायक। - 15 विधायकों पर सरकार की कड़ी नजर। 

 


31 जुलाई को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने सभी सौ समर्थक विधायकों को जयपुर से जैसलमेर ले गए हैं। इन विधायकों को तीन चार्टर प्लेन से ले जाया गया है। इसके लिए इंडो थाई एयरवेज के प्लेन खासतौर से जयपुर बुलवाए गए। समर्थक विधायक अब तक जयपुर की होटल फेयरमोंट में ठहरे हुए थे। चूंकि राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधानसभा का सत्र 14 अगस्त आहूत करने की मंजूरी दे दी है। इसलिए सीएम गहलोत को अपने विधायकों को 14 अगस्त तक सुरक्षित और एकजुट रखने की जरुरत है। सूत्रों की माने तो जयपुर में केन्द्रीय एजेंसियों के द्वारा होटल फेयरमोंट पर छापेमारी का डर हो गया था। इस डर की वजह से ही विधायकों को जैसलमेर ले जाया गया है। आशंका थी कि छापेमारी के दौरान विधायकों में भगदड़ मच जाएगी। तब कुछ विधायकों को 200 किलोमीटर दूर हरियाणा की सीमा में ले जाना आसान होगा। हालांकि राजस्थान पुलिस के रहते ऐसा संभव नहीं था, लेकिन फिर भी सीएम गहलोत ने कोई जोखिम नहीं ली। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 31 जुलाई को होटल फेयरमोट से सांगानेर एयरपोर्ट तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में विधायकों को लाया गया। कोई विधायक इधर-उधर न हो जाए,इसके लिए एसटीएफ फोर्स भी तैनात की गई। जैसलमेर से सूर्यागढ़ रिसोर्ट में इन विधायकों को रखा गया है। सुरक्षा की दृष्टि से यह रिसोर्ट उपयुक्त माना जा रहा है। अब गहलोत समर्थक विधायक दिल्ली से 750 किलोमीटर दूर हो गए हैं। अब किसी भी विधायक को हरियाणा-दिल्ली ले जाना आसान नहीं होगा। सब जानते हैं कि जैसलमेर पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ जिला है। जैसलमेर में विधायकों की सुरक्षा का इंतजाम गहलोत मंत्रिमंडल के सदस्य साले मोहम्मद के पास है। साले मोहम्मद के पिता गाजी फकीर मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरु हैं। गाजी फकीर के अनुयायी जैसलमेर और सीमा पार पाकिस्तान में भी हैं। जानकार सूत्रों के अनुसार गहलोत समर्थकों विधायकों में से 15 विधायकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इनमें निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं। अब ये सभी विधायक विधानसभा का सत्र शुरू होने पर 14 अगस्त को ही जयपुर आएंगे। पिछले 20 दिनों से यह विधायक जयपुर में रह रहे थे, और अब अगले 15 दिन जैसलमेर रहेंगे। सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों और मंत्रियों का यह पर्यटन तब हो रहा है, जब प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। कई जिलों में तो दोबारा से लॉकडाउन कर दिया गया है। प्रदेशभर के अस्पतालों के हालात बिगड़े हुए हैं। हालांकि सरकार का दावा है कि कोरोना काल में जरुरतमंद लोगों की मदद की जा रही है। लेकिन जमीनी हकीकत अलग है।


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