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मुख्यमंत्री गहलोत अपने पूत्र वैभव को पर्दे के पीछे प्रोजेक्ट करते नजर आये।


जयपुर।
               राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा अपने पुत्र वैभव को राजनीति मे प्रोजेक्ट करने की भरपूर कोशिश करते रहने के बावजूद अनेक पूर्व मुख्यमंत्रियों के पूत्रो की तरह वैभव गहलोत भी जनता की अदालत मे आकर ना अभी तक चुनाव जीत पाये है ओर नाही पिता के मुख्यमंत्री रहते होने के बावजूद जनप्रिय नेता की छवि बनाने मे कामयाब हो पाये है। लेकिन वैभव के विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के साथ दो दिन पहले हुई मुलाकात का वीडियो वायरल होने के बाद वो काफी चर्चा मे आ जाने पर प्रदेश मे कयास लगाये जाने लगे है कि पिता की कुर्सी बचाने के लिये पूत्र भी जोड़-तोड़ की सियासत करने लगे है। वीडियो मे साफ सुना जा सकता है कि विधानसभा अध्यक्ष जौशी सरकार को लेकर वैभव को मोजुदा राजनीतिक संकट पर बात करते हुये कह रहे है तीस विधायक मिलकर सरकार गिरा सकते है।
             हालांकि मुख्यमंत्री पुत्र वैभव गहलोत के 2019 का लोकसभा चुनाव हारने को लेकर जनता मे कोई आश्चर्य होना नही देखा गया था क्योंकि पूत के पैर पालने मे नजर आने की कहावत राजस्थान मे काफी मशहूर बताई जाती है। खास बात यह है कि पिता व पूत्र के स्वयं की बूथ से वेभव के सामने वाले भाजपा उम्मीदवार से काफी पीछे रहने पर राजस्थान की जनता जरुर मुख्यमंत्री गहलोत के कम होते प्रभाव को लेकर आश्चर्यचकित जरूर हो गई थी। जब मुख्यमंत्री पूत्र वैभव लोकसभा चुनाव हार गये तो उसको किसी ना किसी रुप मे एस्टेब्लिश करने के लिये राजस्थान क्रिकेट ऐसोसिएशन का अध्यक्ष बनाने मे मुख्यमंत्री जरुर कामयाब रहे। उक्त RCA चुनाव मे पूर्व मुख्यमंत्री राजे समर्थक तीन मतो का वैभव के पक्ष मे पड़ने से उनकी जीत पुख्ता होने मे राजे का अहम रोल अदा करना बताते है।
              कुल मिलाकर यह है कि राजस्थान कांग्रेस विधायक दल के  सदस्यों का गहलोत-पायलट खेमे मे खण्डित होकर अलग अलग जगह विधायको के बाड़बंदी मे बंद होने से गहराये राजनीतिक संकट मे मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा केवल मात्र अपने मुख्यमंत्री पद को बचाये रखने के लिये विभिन्न तरह के प्रयास करने के साथ साथ सचिन पायलट द्वारा  उक्त मामले मे पूरी चुप्पी साधे रखने के वावजूद उन पर गहलोत द्वारा अनर्गल आरोप लगाने पर जनता मे गहलोत की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ना खास तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री पूत्र वैभव व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जौशी की वार्ता का वीडियो जारी होने के बाद वैभव के राजस्थान की राजनीति मे मुख्यमंत्री द्वारा प्रोजेक्ट करने की चाल के साथ साथ विधानसभा अध्यक्ष जौशी की निष्पक्षता पर भी सवाल उठने लगे है।


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