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चूरु के सहजूसर गावं मे कायमखानी परिवार मे सास-बहू की धारदार हथियार से हत्या की गई। देर रात घर में घुसकर दोनों पर निकटवर्ती रिस्तेदार ने धारदार हथियार से किया वार। - महिलाओ की चिल्लाने की आवाज सुन पड़ोसी आए तो भागा बदमाश।


    


       ।अशफाक कायमखानी।
चूरू (राजस्थान)।

          राजस्थान की कायमखानी बिरादरी मे निर्मम रुप से हत्या ओर वो भी महिलाओं की करने का शायद कृत्य चूरु जिले के निकटवर्ती गावं सहजूसर मे नजदीकी रिस्तेदार द्वारा कल देर रात सास व बहु की हत्या (डबल मर्डर) करने का पहला मामला होने के कारण सबको हिलाकर रख दिया है।
        मामला यह है कि जिला मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर दूर स्थित गांव सहजूसर में सोमवार रात डबल मर्डर का मामला मे आरोपी ने घर में घुसकर सास-बहू को मौत के घाट उतार दिया। पड़ोस में रहने वाला रिश्तेदार चिल्लाने की आवाज सुनकर बाहर आया, तब उसने आरोपी को भागते हुए देखा। पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस को मौके से आरोपी का लोअर और एक चूड़ी मिली है।
       दूधवाखारा थानाधिकारी राधेश्याम थालोड़ ने बताया कि हत्या के मामले में आज परिवार के शाहरुख खान को पूछताछ के लिए रतन नगर से राउंडअप किया गया है। पूछताछ के बाद स्थिति पूरी खुलकर सामने आएगी। संभावना जताई है कि लूट के इरादे से घटना को अंजाम दिया गया है। फिलहाल मामला दर्ज कर हर एंगल से जांच की जा रही है। दोनो मृतक महिलाओं के पति विदेश मे मजदूरी करते है।

पहले सास फिर बहू पर किया हमला
सहजूसर गांव के एक घर में सास रहीशा बानो (45) अपनी बहू यासमीन (25) और पोता-पोतियों के साथ रहती थी। सास बरामदे में और बहू अपने बच्चों को लेकर कमरे में सो रही थी। तभी देर रात एक बदमाश घर में घुसा। उसने पहले बरामदे में सो रही सास पर हमला किया। फिर अंदर कमरे में गया और बहू से हाथापाई की। दोनों महिलाओं पर उसने धारदार हथियार से सीने, पीठ, पेट और कान के पास वार किया, जिससे दोनों की मौत हो गई।
           कुल मिलाकर यह है कि कायमखानी बुजुर्गों पर विश्वास करते हुये उनकी हिफाजत मे सेठ-साहुकार अपने घर की महिलाओं को एक जगह से दुसरी जगह ऊंटो पर रिस्तेदारी मे भेजा करते। कायम है सो कायमखानी की कहावत ज भी क्षेत्र मे प्रचलित है। लेकिन पता नही पीछले कुछ साले से युवाओं मे भटकाव क्यो आ रहा है। जबकि बताते है कि रतनगढ़ के आसपास ऐसे कायमखानी की मजार आज भी है जिसने सेठ की बेटी को डाकुओं से बचाने के लिये अपनी जान दे दी थी।

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