प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व मे केन्द्रीय मंत्रिमंडल फिर मुस्लिम मुक्त गठित हुवा।

 



                ।अशफाक कायमखानी।
जयपुर।
             केंद्र मे नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व मे गठित होने वाली भाजपा के बहुमत वाली या फिर बहुमत न मिलने पर साथी दलो को मिलाकर गठित सरकारो के केन्द्रीय मंत्रिमंडल को एक तरह से अब मुस्लिम मुक्त मंत्रिमंडल कह सकते है। हाल ही मे बहतर सदस्यीय गठित मंत्रिमंडल मे कोई मुस्लिम चेहरा नही है।
          प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल को छोड़कर दुसरे व अब तीसरे कार्यकाल मे भाजपा सहित एनडीए के घटक दलो से भी किसी मुस्लिम को मंत्रिमंडल के लिये आगे नही किया गया। जिसमे से कुछ दलो को तो मुस्लिम वोट भी मिलते है। हाल ही मे गठित मोदी मंत्रिमंडल मे चोदाह बीना चुनाव जीते हुये व एक रवनीत सिंह बिट्टू को चुनाव हारने के बावजूद मंत्री बनाया गया है।
                    प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल तक चाहे नाम मात्र के ही सही पर मुस्लिम चेहरे को मंत्रीमंडल मे जगह मिलती रही थी। एनडीए के घटक दल भी किसी ना किसी रुप मे एक दो मुस्लिम को आगे बढाते रहे। पर अब ऐसा नही किया जा रहा जबकि एनडीए के कुछ घटक दलो के उम्मीदवारों को मुस्लिम मत मिलते है। कहने को यह भी कहा जा रहा है कि एनडीए का मुस्लिम चेहरा चुनाव जीत कर नही आया। इसके उलट चोदाह बीना जीते व एक चुनाव हारे को मंत्रिपरिषद मे जगह मिली है।
                   देश भर मे लोकसभा चुनाव मे भाजपा को मुस्लिम मत ना के बराबर मिले हो लेकिन एनडीए के कुछ घटक दलो के उम्मीदवारों को तो मुस्लिम मत मिले बताते है। ऐसी स्थिति पर मुस्लिम समुदाय के साथ साथ कम से कम एनडीए के उन घटना दलो को सोचना होगा जिन्हें मुस्लिम मत मिलते है। या फिर वो दल सेक्युलर राजनीति करते है।

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