सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आल इंडिया मजलिस इत्तहादुल मूसलिमिन (एआईएमआईएम) राज्य स्तरीय कोर कमेटी की पहली मीटिंग मे संगठन को मजबूत व जिले प्रभार का निर्णय लिया गया।

 



    एडवोकेट जावेद खान शेखावाटी व बीकाणा के प्रभारी बनाये गये।

           ।अशफाक कायमखानी।
   जयपुर।

             हाल ही मे एआईएमआईएम मुखिया सांसद असदुद्दीन ओवैसी के जयपुर आकर छ सदस्यीय प्रदेश स्तरीय कोर कमेटी के गठन की घोषणा के बाद आज कोर कमेटी की पहली मीटिंग संयोजक जमील खान की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई। जिसमे संगठन को मजबूती व जिलेवार प्रभारी नियुक्त किये गये।
                 मीटिंग में कोर कमेटी संयोजक जमील खान ने राज्य में आगामी 2023 विधानसभा चुनाव की रूपरेखा के साथ साथ पार्टी की मज़बूती, अनुशासन, पार्टी हित के कार्यों, संगठन की मज़बूती, सदस्या अभियान आदि बातों पर ज़ोर देकर निर्णय लिये गये।सभी कोर कमेटी सदस्यों की मोजूदगी मे एक एक्शन प्लान तेयार किया गया जिस में सभी बातों को मद्देनज़र रखते हुए समस्त सदस्यों को ज़िले वार जिम्मेदारिया देकर प्रभारी बनाया गया।जो जुलाई तक एक रिपोर्ट तैयार करेगे
            मीटिंग मे लिये गये निर्णय अनुसार एडवोकेट मुजाहिद अली नकवी को जयपुर ,अजमेर, जोधपुर , बाडमेर, जैसलमेर इमरान खान को अलवर, भरतपुर, करोली, सवाईमाधोपुर श्रीमती निदा हाशमी को राजस्थान महिला विंग का प्रभारी बनाया गया। काशिफ़ ज़ुबेरी को टोंक, कोटा, झालावाड़, बारां,भीलवाड़ा, एडवोकेट जावेद खान को सीकर, चूरू, झूंझुनू, नागौर, हनुमानगढ़ व बीकानेर का प्रभारी बनाया गया है। ज़मीनी स्तर पर पार्टी को मज़बूत करने ओर सदस्यता अभियान को मज़बूती देगे। सभी सदस्य अपने प्रभार  वाले जिलो का दौरा करेगे।
      दो दिन पहले एआईएमआईएम के संयोजक बनाये गये जमील खान के भाई राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अकील अहमद का जयपुर से छ सो किलोमीटर दूर आदिवासी क्षेत्र बांसवाड़ा तबादला करने की गूंज कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी तक भी पहुंची बताते है। जिन्होंने सरकार इस कदम पर नराजगी जाहिर की बताते।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह

पत्रकारिता क्षेत्र मे सीकर के युवा पत्रकारों का दैनिक भास्कर मे बढता दबदबा। - दैनिक भास्कर के राजस्थान प्रमुख सहित अनेक स्थानीय सम्पादक सीकर से तालूक रखते है।

                                         सीकर। ।अशफाक कायमखानी।  भारत मे स्वच्छ व निष्पक्ष पत्रकारिता जगत मे लक्ष्मनगढ निवासी द्वारा अच्छा नाम कमाने वाले हाल दिल्ली निवासी अनिल चमड़िया सहित कुछ ऐसे पत्रकार क्षेत्र से रहे व है। जिनकी पत्रकारिता को सलाम किया जा सकता है। लेकिन पिछले कुछ दिनो मे सीकर के तीन युवा पत्रकारों ने भास्कर समुह मे काम करते हुये जो अपने क्षेत्र मे ऊंचाई पाई है।उस ऊंचाई ने सीकर का नाम ऊंचा कर दिया है।         इंदौर से प्रकाशित  दैनिक भास्कर के प्रमुख संस्करण के सम्पादक रहने के अलावा जयपुर सीटी भास्कर व शिमला मे भास्कर के सम्पादक रहे सीकर शहर निवासी मुकेश माथुर आजकल दैनिक भास्कर के जयपुर मे राजस्थान प्रमुख है।                 दैनिक भास्कर के सीकर दफ्तर मे पत्रकारिता करते हुये उनकी स्वच्छ व निष्पक्ष पत्रकारिता का लोहा मानते हुये जिले के सुरेंद्र चोधरी को भास्कर प्रबंधक ने उन्हें भीलवाड़ा संस्करण का सम्पादक बनाया था। जिन्होंने भीलवाड़ा जाकर पत्रकारिता को काफी बुलंदी पर पहुंचाया है।                 फतेहपुर तहसील के गावं से निकल कर सीकर शहर मे रहकर सुरेंद्र चोधरी के पत्रका