सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

राजस्थान लोकसेवा आयोग के चैयरमैन का एक दिसम्बर को कार्यकाल पुरा होगा - नये चैयरमैन को लेकर एम एल लाठर व भगवान लाल सोनी के नाम की चर्चा।


             ।अशफाक कायमखानी।
जयपुर।

               चैयरमैन सहित आठ सदस्यों वाले राजस्थान लोकसेवा आयोग के वर्तमान चैयरमैन भूपेन्द्र यादव एक महिने बाद अपना कार्यकाल पुरा करके एक दिसम्बर को पद से अलग हो जायेगे। जबकि पीछले साल सरकार द्वारा मनोनीत चार सदस्यों को छोड़कर भाजपा सरकार मे मनोनीत तीन सदस्य अगले साल अलग अलग दिन अपना कार्यकाल पुरा करेंगे।
                वर्तमान आयोग मे चैयरमैन भूपेन्द्र यादव एक महिने बाद एक दिसम्बर को अपना कार्यकाल पुरा कर रहे है। जबकि सदस्य शिवसिंह राठौड़ अगले साल यानि तीन महीने बाद उनतीस जनवरी को, रामूराम रायका अगले साल चार जुलाई को, व राजकुमारी गुज्जर अगले साल छ दिसम्बर को कार्यकाल पुरा करेगे। गहलोत सरकार मे मनोनीत सदस्य संगीता, जसवंत, मंजू व बाबूलाल कटारा का कार्यकाल गहलोत की वर्तमान सरकार से काफी अधिक समय बचा है।
             चैयरमैन भूपेन्द्र यादव के कार्यकाल पूरा करने के बाद नये चैयरमैन के मनोनीत करने मे समय लगता है तो किसी वर्तमान सदस्य को कार्यकारी चैयरमैन बनाना होगा। अगर सरकार नये चैयरमैन को समय रहते नामित करती है तो चर्चा मे सबसे ऊपर नाम वर्तमान डीजीपी एम एल लाठर का बताते है। लाठर चैयरमैन बनते है तो उन्हें डीजीपी का पद छोड़ना होगा। उस हालात मे भगवान लाल सोनी डीजीपी बनाये जा सकते है। अगर किसी वजह से लाठर चैयरमैन नही बन पाते है तो फिर चैयरमैन पद पर सोनी को नामित किया जा सकता है। अगर सरकार करीब तीन महीने बाद उनतीस जनवरी को शिवसिंह राठौड़ के कार्यकाल पुरा होने का इंतजार करके चैयरमैन व एक अन्य सदस्य को नामित करती है तो फिर कुछ समय के लिये किसी सदस्य को चैयरमैन का चार्ज दिया जा सकता है।
           पीछले साल आयोग मे चार सदस्य बनाये जाने के बाद मुस्लिम समुदाय ने उन्हें इसमे प्रतिनिधित्व नही देने पर सख्त ऐतराजइस जताया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर हाईकमान तक अपनी बात रखकर कहा था कि उन्हे चेताया था कि समुदाय के केवल वोटबैंक ही ना समझे, उन्हें सत्ता मे हिस्सेदारी भी दे। लगता है कि चैयरमैन तो नही पर जनवरी मे राठौड़ के कार्यकाल पुरा करने पर एक मुस्लिम को सदस्य जरूर नामित किया जा सकता है। जिसके लिये दो नाम प्रमुख लिये जा रहे जिनमें एक पुलिस अधिकारी व दुसरे जनवरी मे सेवानिवृत्त होने वाले प्रशासनिक अधिकारी है।





 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह

पत्रकारिता क्षेत्र मे सीकर के युवा पत्रकारों का दैनिक भास्कर मे बढता दबदबा। - दैनिक भास्कर के राजस्थान प्रमुख सहित अनेक स्थानीय सम्पादक सीकर से तालूक रखते है।

                                         सीकर। ।अशफाक कायमखानी।  भारत मे स्वच्छ व निष्पक्ष पत्रकारिता जगत मे लक्ष्मनगढ निवासी द्वारा अच्छा नाम कमाने वाले हाल दिल्ली निवासी अनिल चमड़िया सहित कुछ ऐसे पत्रकार क्षेत्र से रहे व है। जिनकी पत्रकारिता को सलाम किया जा सकता है। लेकिन पिछले कुछ दिनो मे सीकर के तीन युवा पत्रकारों ने भास्कर समुह मे काम करते हुये जो अपने क्षेत्र मे ऊंचाई पाई है।उस ऊंचाई ने सीकर का नाम ऊंचा कर दिया है।         इंदौर से प्रकाशित  दैनिक भास्कर के प्रमुख संस्करण के सम्पादक रहने के अलावा जयपुर सीटी भास्कर व शिमला मे भास्कर के सम्पादक रहे सीकर शहर निवासी मुकेश माथुर आजकल दैनिक भास्कर के जयपुर मे राजस्थान प्रमुख है।                 दैनिक भास्कर के सीकर दफ्तर मे पत्रकारिता करते हुये उनकी स्वच्छ व निष्पक्ष पत्रकारिता का लोहा मानते हुये जिले के सुरेंद्र चोधरी को भास्कर प्रबंधक ने उन्हें भीलवाड़ा संस्करण का सम्पादक बनाया था। जिन्होंने भीलवाड़ा जाकर पत्रकारिता को काफी बुलंदी पर पहुंचाया है।                 फतेहपुर तहसील के गावं से निकल कर सीकर शहर मे रहकर सुरेंद्र चोधरी के पत्रका