सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पूर्व सीकर जिलाप्रमुख दामोदर प्रसाद शर्मा की कांग्रेस विधायक वीरेंद्र सिंह ने दिव्यांग सहायतार्थ केम्प के रुप मे जयंती मनाई।



                ।अशफाक कायमखानी।
जयपुर/दांतारामगढ़।

                        आज के भोतिकतावादी व अवसरवादी समय मे अपने पिता के किसी राजनीतिक साथी की जयंती को विधायक बेटा किसी तामझाम वाले कार्यक्रम मे नेताओं की उपस्थिति मे आयोजन करने के बजाय खासतौर पर खिदमत ए खल्क की भावना से ओतप्रोत होकर दिव्यांगों को दिलासा देने की बजाय वास्तव मे उन्हें राहत पहुंचाने के लिये दांतारामगढ़ के दांता कस्बे के गोविंदम विवाह स्थल प्रांगण मे विधायक वीरेन्द्र सिंह ने दो दिवसीय दिव्यांग सहायतार्थ केम्प आयोजित करके सच्चे जनप्रतिनिधि होने का हक अदा किया है।
               शांत व सरल स्वभाव के धनी व मिठ्ठे बोल बोलने के साथ साथ राजनीतिक चतुराई के पैंतरेबाजी को ठीक से पहचानने वाले सीकर जिले के दांतारामगढ़ विधानसभा से पहली दफा कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक बने वीरेन्द्र सिंह को वेसे तो राजनीति पारिवारिक विरासत के तौर पर मिली है। लेकिन विधायक बनने के बाद हरदम अपने क्षेत्र की आम-अवाम के मध्य रहकर उनके सूख-दुख का भागीदार बनकर जिस तरह से अपने आपको को सच्चा जनसेवक सिद्ध किया है वो उनके स्वयं के सुलझे जेहन व साफ जहनियत होने का पुख्ता सबूत माना जाता है।
 


                

दांता के गोविंदम विवाह स्थल मे आयोजित उक्त दो दिवसीय (18-19 जुलाई) दिव्यांग सहायतार्थ कार्यक्रम मे क्षेत्र से पांचसो से अधिक आये दिव्यांगों की सहुलियत के लिये कार्यक्रम स्थल पर पुख्ता इंतजाम होना देखा गया। उनकी खिदमत मे सोशियल वर्कर (वोलेंटियर्स) पग पग पर मोजूद थे। पांचसौ से अधिक आये दिव्यांगों को उनकी आवश्यकता अनुसार अंंधो को मेडिकल छड़ी, ट्राई साईकिल, व बीना हाथ-पैर वालो को वही पर कृत्रिम हाथ-पैर लगाये गये। कार्यक्रम से राहत पाने वाले दिव्यागो की खुशी का अंदाजा उनके खिलते व मुस्कुराते चेहरे के साथ वापस घर लोटते समय साफ देखा जा सकता था।


             कुल मिलाकर यह है कि दांतारामगढ़ विधायक वीरेन्द्र सिंह ने पूर्व जिला प्रमुख मरहूम दामोदर प्रसाद शर्मा की जयंती के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय दिव्यांग सहायतार्थ कार्यक्रम को दिव्यागो की खिदमत करने के रुप मे बदलने का जो तरीका अख्तियार किया उसकी चारो तरफ प्रशंसा होती देखी जा रही है। जबकि विधायक का इस पर कहना मात्र यह था कि उनको क्षेत्र की जनता ने अपना जनप्रतिनिधि चुना है तो उनका भी उनके प्रति कर्तव्य बनता है कि वो उनकी खिदमत मे एक सच्चे जनसेवक के रुप मे हरदम तैयार रहे। कोराना काल मे क्षेत्र की जनता के मध्य रहकर जिस तरह से विपरीत परिस्थितियों के बावजूद विधायक वीरेंद्र सिंह ने काम किया था। उस काम की चर्चा विभिन्न हिन्दी व अंग्रेजी राष्ट्रीय समाचार पत्रो मे भी देखने को मिली थी।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया

 आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया। विद्यालय में इस सत्र में आई.सी.एस.ई. (कक्षा 10) तथा आई.एस.सी. (कक्षा 12) में कुल सम्मिलित छात्र-छात्राओं की संख्या क्रमशः 153 और 103 रही। विद्यालय का परीक्षाफल शत -प्रतिशत रहा। इस वर्ष कोरोना काल में परीक्षा परिणाम विगत पिछले परीक्षाओं के आकलन के आधार पर निर्धारित किए गए है ।  आई.सी.एस.ई. 2021 परीक्षा में स्वयं गर्ग ने 98% अंक लाकर प्रथम,  ऋषिका अग्रवाल  ने 97.6% अंक लाकर द्वितीय तथा वृंदा अग्रवाल ने 97.4% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   आई .एस.सी. 2021 परीक्षा में आयुष शर्मा  ने 98.5% अंक लाकर प्रथम, कुशाग्र पांडे ने 98.25% अंक लाकर द्वितीय तथा आरुषि अग्रवाल ने 97.75% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   उल्लेखनीय है कि आई.एस.सी. 2021 परीक्षा में इस वर्ष विद्यालय में 21 छात्रों ने तथा आई.सी.एस.ई.की परीक्षा में 48 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक लाएं।   आई.सी.एस. 2021 परीक्षा में प्रथम आये आयुष शर्मा के पिता श्री श्याम जी शर्मा एक व्यापारी हैं । वह भविष्य में

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह