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एल.पी.एस. में महिला सशक्तिकरण पर वेबीनार



 एल.पी.एस. डायरेक्टर्स नेहा सिंह एवं हर्षित सिंह ने महिला सशक्तिकरण विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया जिसमें प्रमुख वक्ता के रूप में मानसी  मेहन ,कोफाउंडर एंड सीईओ सैटरडे आर्ट क्लास, डॉ नूपुर कोहली सुपरवाइजरी बोर्ड मेंबर यूनिसेफ नीदरलैंड्स, गुरसिमरन आहूजा ,मैनेजमेंट कंसलटेंट बैन एंड कंपनी ने प्रमुख वक्ताओं के रूप में उक्त विषय पर अपने विचार रखेl एल.पी.एस. डायरेक्टर नेहा सिंह ने अपने स्वागत भाषण के दौरान महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला l वेबीनार का सफल संचालन डायरेक्टर हर्षित सिंह ने स्वयं किया l वक्ताओं के विचारों से यह निष्कर्ष निकला की महिला सशक्तिकरण समय की आवश्यकता  है l समाज महिला एवं पुरुष के सामंजस्य से ही प्रगति की ओर अग्रसर होता है l महिला एवं पुरुष की पारस्परिक शक्तियों के संतुलन से ही प्रगति के नए आयाम रचे जाते हैं l इस वेबीनार में 295 लोगों ने भाग लिया l डायरेक्टर हर्षित सिंह का कहना है कि इस तरह के वेबीनार आगे भी आयोजित होते रहेंगे जिससे लोगों को जेंडर सेन्सीटाइजेशन की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके l


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                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

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