सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

राज्यपाल मिश्र का सीएम गहलोत को पत्र, टीकों की बर्बादी की उच्च स्तरीय जांच करवाने के निर्देश

 

जयपुर: कोरोना वायरस से बचाव के लिए लगाए जा रहे टीकों की कथित बर्बादी को लेकर जारी विवाद के बीच राज्यपाल कलराज मिश्र ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर प्रभावी कार्य योजना बनाने और एक-एक टीके का सदुपयोग करने पर जोर देने को कहा है. इसके साथ ही राज्यपाल ने टीके की बर्बादी के संबंध में उच्च स्तरीय जांच करवाने के निर्देश दिए हैं.

राजभवन की ओर से यहां जारी बयान के अनुसार राज्यपाल मिश्र ने मुख्यमंत्री गहलोत को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने कोरोना के जीवन रक्षक टीके की बर्बादी के संबंध में प्रकाशित समाचारों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए इस संबंध में प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करवाने के निर्देश दिए हैं. राज्यपाल ने राज्य सरकार को राज्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिये प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर टीके की प्रत्येक खुराक को एक-एक व्यक्ति का रक्षा कवच समझ उसका सदुपयोग करने की दिशा में कार्रवाई करने को भी कहा हैं.

 

मिश्र ने कोरोना वैश्विक महामारी के कारण उत्पन्न हुई राष्ट्रव्यापी विपदा के इस काल में नागरिकों के जीवन को बचाने के लिए वैक्सीन को ही एकमात्र सटीक उपाय बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण के सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जीवन रक्षक टीके के बर्बादी के संबंध में प्रकाशित कुछ समाचार हालांकि गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने इस संबंध में राज्य सरकार स्तर पर प्रभावी कार्यवाही किए जाने और प्रकरण के संबंध में की जाने वाली कार्रवाई से उन्हें यथाशीघ्र अवगत कराने की भी उम्मीद व्यक्त की है.

उल्लेखनीय है कि मीडिया में इस तरह की खबरें आने के बाद मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपना रखा है. वहीं सरकार राज्य ने उक्त खबर को भ्रामक, असत्य व तथ्यों से परे बताया है. राज्य के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डा. रघु शर्मा का कहना है कि राज्य में कोरोना वैक्सीन की बर्बादी (वेस्टेज) दो प्रतिशत से भी कम है जो केंद्र द्वारा अनुमत सीमा 10 प्रतिशत तथा टीकों की बर्बादी के राष्ट्रीय औसत 6 प्रतिशत से बेहद कम है.

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया

 आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया। विद्यालय में इस सत्र में आई.सी.एस.ई. (कक्षा 10) तथा आई.एस.सी. (कक्षा 12) में कुल सम्मिलित छात्र-छात्राओं की संख्या क्रमशः 153 और 103 रही। विद्यालय का परीक्षाफल शत -प्रतिशत रहा। इस वर्ष कोरोना काल में परीक्षा परिणाम विगत पिछले परीक्षाओं के आकलन के आधार पर निर्धारित किए गए है ।  आई.सी.एस.ई. 2021 परीक्षा में स्वयं गर्ग ने 98% अंक लाकर प्रथम,  ऋषिका अग्रवाल  ने 97.6% अंक लाकर द्वितीय तथा वृंदा अग्रवाल ने 97.4% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   आई .एस.सी. 2021 परीक्षा में आयुष शर्मा  ने 98.5% अंक लाकर प्रथम, कुशाग्र पांडे ने 98.25% अंक लाकर द्वितीय तथा आरुषि अग्रवाल ने 97.75% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   उल्लेखनीय है कि आई.एस.सी. 2021 परीक्षा में इस वर्ष विद्यालय में 21 छात्रों ने तथा आई.सी.एस.ई.की परीक्षा में 48 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक लाएं।   आई.सी.एस. 2021 परीक्षा में प्रथम आये आयुष शर्मा के पिता श्री श्याम जी शर्मा एक व्यापारी हैं । वह भविष्य में

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह