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युवाओं की तरफ एक दफा फिर से झांकती राजस्थान की कायमखानी बिरादरी।



              

   ।अशफाक कायमखानी।
जयपुर।

                राजस्थान के मुस्लिम समुदाय की अनेक बिरादरियों मे से देहाती परिवेश खासतौर पर फौज व पुलिस की सेवा मे परम्परागत रुप से जाने वाली कायमखानी बिरादरी की किसी समय मजबूत माने जाने वाली सामाजिक संस्था "राजस्थान कायमखानी महासभा" के तहत बूजुर्गो के दिशानिर्देश मे युवाओं की कड़ी मेहनत के बलपर बिरादरी ने तत्तकालीन समय मे अनेक क्षेत्र मे नये आयाम बनाये थे। लेकिन मध्य मे संस्था के नेतृत्व को लेकर हुये कुछ मामूली विवाद के बाद सामाजिक संस्था राजस्थान कायमखानी महासभा के कामकाज मे ठहराव आया तो उस ठहराव का फायदा उठाते हुये कुछ अवसरवादियों ने उससे मिलते जुलते नामो की अलग अलग संस्थाऐ बनाकर बिरादरी के नाम पर अपना उल्लू सीधा करने की कोशिशें की बताते। उक्त ठहराव के समय अवसरवादियों की अठन्नी मे चलती चवन्नी के मध्य युवाओं ने कदम बढाकर नये शीरे से नैक काम को आगे बढाकर उदासीनता की पड़ी चादर को उठाकर बिरादरी मे सकारात्मक दिशा मे नये जौश का संचार किया है। कायमखानी बिरादरी एक दफा फिर से युवाओं की तरफ टकटकी लगाये हुये है कि वो अब बीना समय गवाऐ बूजुर्गो से दिशानिर्देश पाकर आगे आकर सकारात्मक पहल करे।
                

बिरादरी के युवाओं ने बीना किसी लोभ लालच के केवल मात्र सकारात्मक रुप मे सोचते हुये तरक्की की दिशा मे आगे बढते हुये बीना किसी पदाधिकारियों के कायमखानी यूथ ब्रिगेड नामक संस्था का रुप देकर सगाई-शादी व अन्य गैरजरूरी सामाजिक रस्मो मे काफी हद तक फिजुलखर्ची को रोकने के लिये काफी हद तक सफल प्रयास किये। उसके बाद कोराना की पहली व दूसरी लहर के प्रकोप से इंसान को बचाने के लिये जो अथक प्रयास किये उसकी जितनी सहरायना की जाये वो कम हांकी जायेगी।
             

शुरुआत से लेकर अब तक कायमखानी युवाओं के प्रयास विवादों से दूर व केवल मात्र खिदमत के मकसद के साथ आगे बढते नजर आये। फिजूलखर्ची व कोराना से बचाव व संक्रमित लोगो के उपचार के लिये किये गये युवाओं की कोशिशों के बाद इसी 14-जून को दादा कायमखां के 602 वे शाहादत दिवस पर रिकॉर्ड रक्तदान करके इतिहास रचने वाले तमाम युवाओं की तरफ पूरी बिरादरी टकटकी लगाये हुये है कि वो अब आला दर्जै का बिरादरी मे शैक्षणिक माहोल बनाने के लिये सभी स्तर के प्रयास करते हुये खोई हुई प्रतिष्ठा को फिर से कायम करे।
            

हालांकि कायमखानी बिरादरी के जस्टिस मोहम्मद रफीक खान वर्तमान मे मध्यप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश पद पर आसीन है। जबकि जस्टिस भंवरु खां हाईकोर्ट राजस्थान मे न्यायाधीश रह चुके है। लियाकत अली खान व कुवर सरवर खान आईजी पुलिस पद से सेवानिवृत्त हुये है। अशफाक हुसैन भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे है। जबकि जाकीर हुसैन IAS वर्तमान मे श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर पद पर सेवारत है। अरशद खान IPS भारतीय पुलिस सेवा के सम्मानित अधिकारी है। इनके अतिरिक्त अनेक आर्मी मे ऊंचे पद पर सेवारत रहे व वर्तमान मे सेवारत है। सियासी तौर पर केप्टेन अयूब खान केंद्र सरकार मे मंत्री रहे है। रमजान खां व यूनुस खान राजस्थान सरकार मे दमदार मंत्री व आलम अली खां, भालू खा, भंवरु खा विधायक रहे है। वर्तमान मे हाकम अलीखा विधायक है। डा.निजाम खान, हिदायत खान, सलावत खा, लियाकत खां व खानू खान राज्य स्तर के बोर्ड व आयोग के अध्यक्ष रह चुके है।
           

कुल मिलाकर यह है कि युवाओं को बूजुर्गो के दिशानिर्देश पाकर अब आगे आकर राजस्थान कायमखानी महासभा के नाम से मिलती जूलती दूकानी संस्थाओं को कमजोर करते हुये कदीमी संस्था "राजस्थान कायमखानी महासभा" के वजूद को कायम व इकबाल को बूलंद करने पर गम्भीरता से विचार करना होगा। ताकि बिरादरी फिर से कदीमी संस्था के बैनर तले वर्तमान चुनोतियो का मुकाबला करते हुये आगे बढ सके।


 

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