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जुन माह के आखिर तक कांग्रेस मे राष्ट्रीय व प्रदेश संगठनों मे बदलाव आयेगा। - राजस्थान के प्रभारी महासचिव व प्रदेश अध्यक्ष भी बदले जा सकते है।


      


   

       ।अशफाक कायमखानी।
जयपुर।

                 बंगाल चुनाव मे कांग्रेस की बूरी गत होने के साथ ममता की जीत से राष्ट्रपति स्तर पर बनते नये समीकरणों के साथ साथ राजस्थान व पंजाब मे कांग्रेस सरकार होने के उपरांत भी कांग्रेस विधायकों मे जारी भारी असंतोष के बाद राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर संगठन मे भारी बदलाव होने की सम्भावना जताई जाने लगी है। राजस्थान सहित अनेक प्रदेशों के अध्यक्ष व प्रभारी महामंत्रियों मे बदलाव आ रहा है। वही राजनीतिक नियुक्तियों का सीलसीला व मंत्रीमंडल मे बदलाव आयेगा।

       कोराना काल के बावजूद कांग्रेस के उपरी स्तर पर इस सम्बंध मे काफी मंथन हो चुका है। मंथन मे कांग्रेस के कुछ नेताओ के अलावा प्रियंका गांधी की भी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। हाल ही मे पंजाब के कुछ कांग्रेस विधायकों मे पनपे अंसतोष की खबरे बाहर आने के बाद राहुल गांधी सक्रिय हुये है। पंजाब के प्रभारी सचिव रहे राजस्थान केबिनेट के एक सदस्य ने पंजाब के असंतुष्ट विधायकों से टेलिफोनिक बात करके उन्हें आश्वस्त करने की कोशिश की है। चर्चा तो यह भी है कि इस मंत्री ने उन विधायकों को उनके पास राहुल गांधी का फोन आने की बात भी कही बताते। पंजाब के कुछ विधायकों से राहुल गांधी की टेलीफोन पर आज बात भी हुई बताते।
                 भाजपा द्वारा बंगाल चुनाव मे अपनी पूरी ताकत झोंकने के बाद भी ममता द्वारा फिर से सरकार बनाने व 2022 मे हरियाणा व यूपी के चुनाव मे किसान आंदोलन की भूमिका प्रभावी लगने की सम्भावना से राजस्थान मे पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के दिन जुलाई मे फिर सकते है। जुलाई से वसुंधरा राजे को पार्टी स्तर पर होने वाले फैसलों मे अहमियत मिलती नजर आयेगी।
                 कुल मिलाकर यह है कि राजनीतिक हलको मे जारी चर्चा अनुसार अनेक प्रदेशों के कांग्रेस अध्यक्ष व प्रभारी महामंत्रियों मे बदलाव आयेगा। वही सत्ता बचाये रखने के लिये मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी अब समझोते के मूड मे आ गयें बताते है। राजस्थान मे राजनीतिक नियुक्तियों का सीलसीला जल्द शुरू होगा। मंत्रीमंडल मे बदलाव भी जून माह मे हो सकता है।


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