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राजस्थान मे सचिन पायलट समर्थक व गहलोत खेमे के असंतुष्ट विधायक अगले कुछ दिन मे गुजरात या मध्यप्रदेश केम्प कर सकते है।


              ।अशफाक कायमखानी।
जयपुर।

              पंजाब मुख्यमंत्री केप्टन अमरिंदर सिंह से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों से दिल्ली मे कांग्रेस हाईकमान द्वारा वार्ता करने के बाद राजस्थान मे सचिन पायलट समर्थक विधायको के तीन चार दिन से सक्रिय होने के साथ गुप्त सूचनाओं के बाद गहलोत समर्थकों ने पायलट समर्थक व अपने खेमे के असंतुष्ट विधायकों पर विशेष नजर रखने लगे है।
           पायलट समर्थक विधायकों की एक साल से सुनवाई नही होने से उनके अंदर आक्रोश पनपता नजर आ रहा है। इस प्रकरण मे पंजाब मामले ने आग मे घी डालने का काम किया है। गहलोत खेमे के कुछ विधायक भी अब पायलट के सम्प्रक मे बताते है। इन विधायकों ने प्रियंका गांधी से मिलने का समय मांगा है। इससे पहले पायलट समर्थक विधायक शुक्रवार को राजेश पायलट की बरसी के बहाने आपस मे मिल कर रणनीति बना रहे बताते है। ये सभी असंतुष्ट विधायक प्रदेश से बाहर जाकर डेरा जमा सकते है। ऐसी सूचना मिलने के बाद गहलोत के कान खड़े हो गये है। मुख्यमंत्री के विश्वसनीय शांति धारीवाल, रघु शर्मा, महेंद्र चोधरी, लालचन्द कटारिया सहित कुछ विधायक अपने खेमे के व पायलट समर्थक विधायकों की गतिविधियों पर नजर रख रहे है।वही पायलट समर्थक विधायक रमेश व मुरारी मीणा एव वेदप्रकाश सोलंकी अपना कुनबा बढाने मे लगे हुये है।
              कुल मिलाकर यह है कि प्रियंका गांधी की उपस्थिति मे एक समझोते के तहत पायलट समर्थक विधायकों के एक साल पहले कांग्रेस केम्प मे वापस आने के बावजूद किसी तरह से सकारात्मक कदम अभी तक नही उठने से वो आहत है। अगले कुछ दिनो मे वो सभी असंतुष्ट विधायक राजस्थान के बाहर जमा होकर केम्प कर सकते है। वही इनको रोकने की खातिर गहलोत प्रदेश की सीमाओं को बंद करने की घोषणा कर सकते है।

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