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धुम्रपान व हर तरह के अन्य नशे की बढती प्रवृत्ति से समाज को बचाने के लिये हर किमत पर युवाओं को कदम आगे बढाना होगा।


 
                ।अशफाक कायमखानी।
सीकर।

                   तीन जिलो को मिलाकर कहलाने वाले शेखावाटी जनपद व लगते जिले नागौर के डीडवाना, लाडनूं व मकराना के मुस्लिम युवाओं ने कोराना की दुसरी लहर से ढहते कहर के पीक टाईम मे जब घर के लोग तक कोराना मरीज से दूर भाग रहे थे वेसे संकट काल मे जिस तरह से आक्सीजन व अन्य चिकित्सा सुविधाएं जरुरतमंदों तक उपलब्ध करवाने की सफलतम कोशिशे की है। उस कोशिश को हर स्तर पर सहराया जा रहा है। जीस सिद्धत के साथ युवाओ ने कोराना काल मे खिदमात अंजाम दी है उसी की तरह अब बीना लिंगभेद के प्रत्येक बच्चे को हर हालात व किमत पर स्कूल से जोड़कर उसे आला तालीम दिलवाकर मुकाबलाती परीक्षाओं को क्रेक करने का मादा उनमे लाने की कोशिश शुरू करदे तो मानो अगले 10-15 साल मे जिस तरह लोकडाऊन मे वायु वातावरण मे शुद्धता आई है उसी तरह समाज सोने की तरह चमकते हुये सुगंधमय वातावरण बना नजर आने लगेगा। साथ ही समाज मे गुटखा व शराब जैसे अन्य नशे के सेवन की बढते प्रवृत्ति से मुक्त कराने का बीड़ा भी  कोराना काल की तरह ही उठाकर आगे बढा जाये तो युवाओं द्वारा किये जाना वाला इस सदी का सबसे बडा काम होगा।
                 पीछले एक-ढेढ महिने के कोराना काल मे पहली दफा शहरो के साथ गावों मे भी संक्रमण तेजी से साथ पैर पसारे। संक्रमित लोगो को समय पर आक्सीजन व अन्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने मे युवाओं की भरसक कोशिशो के बावजूद अनेक लोगो को जान भी गंवानी पड़ी है। अगर युवाओं की सकारात्मक कोशिशें नही होती तो जान गंवाने वाली की तादाद मे भारी इजाफा होता नजर आता। फिर भी अल्लाह पाक का करम व युवाओं की हर मुमकिन कोशिशों का नतीजा रहा कि संक्रमित लोगो की गम्भीर हालत व तादाद के मुकाबले मौते उतनी नही हो पाई जीतना लोग अंदेशा जता रहे थे। सीकर जिले के खीरवा गावं स्थित मदरसा मे मोलाना महमूद हसन कासमी की अगुवाई मे व झूंझुनू स्थित थ्री डोट स्कूल मे मोहम्मद इब्राहिम पठान की अगुवाई मे चलने वाले कोराना केयर सेंटर ने भी संकट काल मे अहम किरदार अदा किया है।
           कुल मिलाकर यह है कि युवा अपनी ताकत के बल पर बडा से बडा अवरोध को हटाकर सामाजिक बदलाव लाने की क्षमताओं के प्रयाय होते है। जिस तरह युवाओं ने कोराना काल मे अपनी क्षमता से अधिक खिदमात अंजाम दी है। उसके बाद इन युवकों को समाज मे मयारी शेक्षणिक माहोल बनाने व धुम्रपान व नशे की बढती प्रवृत्ति से छुटकारा दिलवाने वाले फिल्ड मे भी भूमिका अदा करनी चाहिए।

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