।अशफाक कायमखानी।
जयपुर।
राजस्थान बढ़ते कोरोना मामलों पर अंकुश लगाने के लिए अशोक गहलोत सरकार द्वारा 10 मई से 24 मई तक लॉकडाउन लगाया गया है. इसके तहत आवश्यक सेवाओं को छोड़कर आम लोगों के घर से निकलने को लेकर पाबंदी लगाई गई है. वहीं प्रदेश में लॉकडाउन के बीच आज गृह विभाग ने संशोधित गाइडलाइंस जारी की है. इसके अन्तर्गत रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट के लिए टैक्सी सेवा, मरीज के अटेंडेंट, श्रमिकों के आवागमन को लेकर अनुमति दी गई है.
टैक्सी सेवा को अनुमतिः
जानकारी के अनुसार प्रदेश में लॉकडाउन के बीच आज गृह विभाग ने संशोधित गाइडलाइंस जारी की है. संशोधित गाइडलाइंस के अनुसार अब रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए टैक्सी सेवा को अनुमति दी गई हैं. वहीं अस्पतालों में भर्ती मरीजों के अटेंडेंट के आवागमन के लिए अस्पताल से जारी किया गया पास मान्य होगा और मरीज के लिए खाना, दवाइयां लाने के लिए उपयोग किया जा रहा उसका वाहन मान्य होगा.
श्रमिकों के लिए पासः
वहीं संशोधित गाइडलाइंस श्रमिकों के आवागमन को लेकर भी छूट दी गई हैं. गाइडलाइंस के अनुसार उद्योगों और निर्माण इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों के आवागमन के लिए ट्रांजिट पास जारी किए जाएंगे. ऐसे लोग ऑनलाइन पोर्टल से 18 मई तक ट्रांजिट पास सेल्फ जेनरेट कर सकेंगे. प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार ने ये आदेश जारी किए हैं.
वक़्फ़ संशोधन बिल के विरोधियों को लखनऊ पुलिस द्वारा भेजा गया नोटिस असंवैधानिक, सुप्रीम कोर्ट ले एक्शन- शाहनवाज़ आलम
नयी दिल्ली, 11 अप्रैल 2025 . कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ विचार रखने वाले नागरिकों के संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की आज़ादी और विरोध करने के मौलिक अधिकारों के हनन करने का आरोप लगाया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसलों की अवमानना पर स्वतः संज्ञान लेकर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ कार्यवाई की मांग की है. शाहनवाज़ आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि लखनऊ के कई नागरिकों को लखनऊ पुलिस द्वारा उनकी तरफ से वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ़ होने वाले संभावित प्रदर्शनों में शामिल होने का अंदेशा जताकर उन्हें नोटिस भेजा गया है. जबकि अभी नागरिकों की तरफ से कोई विरोध प्रदर्शन आयोजित हुआ भी नहीं है. सबसे गम्भीर मुद्दा यह है कि इन नोटिसों में नागरिकों को अगले एक साल तक के लिए उनसे शांति भंग का खतरा बताते हुए 50 हज़ार रुपये भी जमा कराने के साथ इतनी धनराशि की दो ज़मानतें भी मांगी जा रही हैं. शाहनवाज़ आलम ने कहा कि यूपी पुलिस यह कैसे भूल सकती है कि उसकी यह कार्यवाई संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन है जो नागर...
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