सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

रेमडेसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी में लिप्त बीकानेर की छह मेडिकल फर्मो पर एफआईआर दर्ज

 
           ।अशफाक कायमखानी।
  बीकानेर (राजस्थान)।

               मौत का तांडव मचा रहे कोरोना के कहर में रोगियों के लिये जीवन रक्षक रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी   करने वालों पर शिंकजा कसने के लिये बीकानेर पहुंची एसओजी की टीम ने यहां दवा कारोबार जगत की पांच फर्माे को जांच में दायरे मे लेकर एफआईआर दर्ज कर ली है।  जानकारी के अनुसार कहर बरपा रहे कोरोना के दौर में यहां बीकानेर में बीते एक माह के अंतराल में करीब ढाई तीन करोड़ रूपये के रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी हुई है । यहां बड़े पैमाने पर हुई इस कालाबाजारी में फिलहाल मित्तल फार्मा, मित्तल ड्रग ऐजेसी,जिन्दल मेडिकोज,तंवर मेडिकोज,गौरव ऐजेंसी और राजेन्द्र मेडिकल एण्ड जनरल स्टोर का नाम सामने आया है। जानकारी के अनुसार जांच पड़ताल के लिये बीते सप्ताह बीकानेर आई एसओजी टीम इन फर्मो के रेमडेसिविर इंजेक्शन की खरीद फरोख्त और सप्लाई से जुड़े दस्तावेज भी कब्जे में लिये है। इन इंजेक्शनों की कालाबाजारी के खेल में जीवन रक्षा होस्पीटल,डॉ.तनवीर मालावत होस्पीटल,एमएन होस्पीटल संचालकों के अलावा औषधी विभाग के सहायक औषधी नियंत्रक की मिलीभगत भी सामने आई है। वहीं दवा  कारोबार जगत से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि  सबसे ज्यादा कालाबाजारी मित्तल फार्मा और मित्तल ड्रग ऐजेसी की सामने आई है । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन दोनों फर्मो के संचालकों ने करीब 1011 रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक में बेचे है । मजे कि बात तो यह है कि मित्तल फार्मा और मित्तल ड्रग ऐजेंसी ने अपनी बिलिंग में शहर के डॉ.अशोक सुथार,डॉ.केके पुरोहित,डॉ.विजय शांति बांठिया,डॉ.अजय गुप्ता,डॉ.श्रेयासं जैन,डॉ.अच्यूत त्रिवेदी के अलावा कोलाकता,जयपुर और श्रीगंगानगर के कई प्राइवेट होस्पीटल में रेमडेसिविर इंजेक्शनों की सप्लाई देना बताया है,जबकि इनमें अधिकांश बिल ही फर्जी बताये जाते है। इस तरह तंवर मेडिकोज और गौरव ऐजेंसी के बिलों में भी रेमडेसिविर इजेंक्शनों की कालाबाजारी के तथ्य सामने आये है। यह भी पता चला है कि इन फर्मो ने फर्जी बिलों के जरिये बीकानेर की प्रावइेट होस्पीटलों में बड़े पैमाने पर रेमडेसिविर इंजेक्शन सप्लाई किये।
 तीस-तीस हजार में बेचा एक इंजेक्श
 बीकानेर में बड़े पैमाने पर हुई रेमडेसिविर इजेंक्शन की कालाबाजारी से जुड़े मामले की पड़ताल में सामने आया है कि दवा कारोबारियों ने मौके का फायदा उठाने के लिये पहले तो इंजेक्शन की सप्लाई ठप्प कर दी,फिर डिमांड बढने पर एक इंजेक्शन तीस हजार रूपये की किमत में बेचा। इसके पुख्ता तथ्य भी सामने आये है कि बीकानेर में करीब ढाई तीन हजार रेमडेसिविर इंजेक्शनों की कालाबाजारी हुई है। जानकारी के अनुसार इस समय अलग अलग कम्पनियां रेमडेसिविर इंजेक्शन का उत्पादन कर रही हैं. इसकी एक डोज की कीमत 899 रुपये से लेकर 5400 रुपये तक है,लेकिन डिमांड बढने और कोरोना की मारामारी का दौर शुरू होने के बाद दवा कारोबारियों ने इस इंजेक्शन की एक डोज तीस से चालीस हजार रूपये में बेची।
 नकली इंजेक्शन कर दिये सप्लाई
 हैरानी की बात तो यह है कि रेमडेसिविर इजेंक्शनों की कालाबाजारी में लिप्त मेडिकल फर्माे के संचालकों ने मारामारी के दौर में नकली और एक्सपायर डेट इंजेक्शन भी खूब सप्लाई किये। इसका खुलासा करने के लिये एसओजी ने इंजेक्शन निर्माता कंपनी से बैच नंबरों का ब्यौरा भी मांगा है,और इंजेक्शन सप्लायर मेडिकल फर्मा के दस्तावेजों से मिलान कर रही है। मामला मानव जीवन के स्वास्थ्य से जुड़ा होने के कारण एसओजी इसकी गहनता से जांच कर कड़ी से कड़ी जोड़कर   कालाबाजारी में लिप्त दवा कारोबारियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य सबूत जुटा रही है ।
 एंटी वायरल इंजेक्शन है रेमडेसिविर

 डॉक्टरों के मुताबिक रेमडेसिविर एंटी वायरल इंजेक्शन है,एंटी वायरल का मतलब है कि ये दवाई शरीर में संक्रमित कोशिशकाओं को ठीक करने साथ वायरल संक्रमण को रोकने में कारगर है,मतलब यह कि जब वायरस शरीर में फेफड़ों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है तो वायरस से लडऩे के लिए और नुकसान को रोकने के लिए ये दवाई दी जाती है. भारत सरकार ने पिछले साल ही कोरोना मरीजों पर इस दवा के इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। इस बार कोरोना के जानलेवा पलटवार में इस इंजेक्शन की डिमांड बढने से इसकी कालाबाजारी शुरू हो गई।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

राजस्थान मे गहलोत सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की बढती नाराजगी अब चरम पर पहुंचती नजर आने लगी।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरुआत से लेकर अबतक लगातार सरकारी स्तर पर लिये जा रहे फैसलो मे मुस्लिम समुदाय को हिस्सेदारी के नाम पर लगातार ढेंगा दिखाते आने के बावजूद कल जारी भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अलावा राजस्थान प्रशासनिक व पुलिस सेवा की जम्बोजेट तबादला सूची मे किसी भी स्तर के मुस्लिम अधिकारी को मेन स्टीम वाले पदो पर लगाने के बजाय तमाम बर्फ वाले माने जाने वाले पदो पर लगाने से समुदाय मे मुख्यमंत्री गहलोत व उनकी सरकार के खिलाफ शुरुआत से जारी नाराजगी बढते बढते अब चरम सीमा पर पहुंचती नजर आ रही है। फिर भी कांग्रेस नेताओं से बात करने पर उनका जवाब एक ही आ रहा है कि सामने आने वाले वाले उपचुनाव मे मतदान तो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष मे करने के अलावा अन्य विकल्प भी समुदाय के पास नही है। तो सो प्याज व सो जुतो वाली कहावत हमेशा की तरह आगे भी कहावत समुदाय के तालूक से सही साबित होकर रहेगी। तो गहलोत फिर समुदाय की परवाह क्यो करे।               मुख्यमंत्री गहलोत के पूर्ववर्ती सरकार मे भरतपुर जिले के गोपालगढ मे मस्जिद मे नमाजियों क