सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

राजस्थान मे उधोगों की सुगमता स्थापना तथा निवेश को बढावा देने की घोषणाओं पर अमल शुरू।

 
       ।अशफाक कायमखानी।
जयपुर।

             प्रदेश में उद्योगों की सुगम स्थापना तथा निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बजट में की गई घोषणाओं को लागू करने के लिए राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स)- 2019 एवं रिप्स-2014 में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके बाद वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं।
इस मंजूरी से निवेशकों को उद्यम स्थापना के लिए विभिन्न पैकेज का लाभ मिल सकेगा। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2019 में “डॉ. बी. आर. अम्बेडकर एससी-एसटी उद्यमी प्रोत्साहन विशेष पैकेज” के तहत अब निवेश सीमा 50 प्रतिशत तक घटाई गई है। अधिकतम अनुदान को एलिजिबल फिक्सड केपिटल इंवेस्टमेंट के 150 प्रतिशत से बढ़ाकर 200 प्रतिशत किया गया है।
                इसके साथ ही 5 वर्ष तक प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान (अधिकतम 25 लाख रूपए) अथवा 15 प्रतिशत केपिटल सब्सिडी (अधिकतम 2 करोड़ रूपए) दी जाएगी। एससी-एसटी उद्यमियों के लिए विशेष इंक्यूबेशन सेंटर चलाए जाएंगे। इस पैकेज का लाभ लेने के लिए एससी-एसटी उद्यमियों का प्रोपराइटरशिप फर्म में शत-प्रतिशत तथा पार्टनरशिप फर्म एवं प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी में न्यूनतम 51 प्रतिशत पूंजी निवेश होना आवश्यक होगा। अति पिछड़ा, पिछड़ा एवं जनजाति क्षेत्रों में निवेश पर रिप्स-2019 के तहत डॉ. बी. आर. अम्बेडकर एससी-एसटी उद्यमी प्रोत्साहन विशेष पैकेज की भांति उद्यमियों को सभी लाभ दिए जाएंगे। जैम्स एण्ड ज्वैलरी के क्षेत्र में अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए इसे भी रिप्स-2019 के सेवा क्षेत्र में जोड़ा गया है। हैल्थ केयर सेक्टर तथा एपीआई (एक्टिव फार्मास्यूटिकल इनग्रेडिएंटस) को भी रिप्स-2019 के थ्रस्ट सेक्टर में जोड़कर प्रोत्साहन दिया गया है।  
              इसी प्रकार रिप्स-2019 में रिसोट्र्स एवं एम्यूज़मेंट पार्क के लिए न्यूनतम भूमि की शर्त क्रमशः 5 एकड़ एवं 10 एकड़ से घटाकर रिसोट्र्स के लिए 2 एकड़ एवं एम्यूज़मेंट पार्क के लिए 2.5 एकड़ की जाएगी। सोलर एवं विंड एनर्जी की उपकरण निर्माण इकाइयों को रोजगार अनुदान 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत किया गया है। ब्याज अनुदान दिये जाने हेतु रिप्स-2019 में प्लांट, मशीनरी और इक्विपमेंट्स के साथ डेवलपमेंट ऑफ इंफ्रास्टक्चर को भी जोड़ दिया गया है।
प्रदेश में ई-व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए ई-चार्जिंग एवं स्वेपिंग स्टेशंस को रिप्स-2019 के सर्विस सेक्टर एवं थ्रस्ट सेक्टर में जोड़ा गया है, जिससे इन्हें ब्याज अनुदान/केपिटल सब्सिडी के अतिरिक्त लाभ मिल सकेंगे। ई-व्हीकल्स के उत्पादन के लिए निवेश सीमा 50 करोड़ रूपए से घटाकर 25 करोड़ रूपए की जाएगी। खेल सामग्री, इलेक्ट्रोनिक एवं अन्य खिलौनों का विदेश से आयात करने के बजाय राज्य में ही बनाने के लिए इन क्षेत्रों को भी ब्याज अनुदान/ केपिटल सब्सिडी के अतिरिक्त लाभ देने हेतु थ्रस्ट सेक्टर में शामिल किया गया है। प्लग एण्ड प्ले ऑफिस कॉम्पलेक्स में निवेश बढ़ाने के लिए निवेश की सीमा 10 करोड़ से घटाकर 5 करोड़ की गई है। साथ ही एमएसएमई की सर्विस सेक्टर की इकाइयाें को अब जिला स्तर पर ही आवेदन करने की सुविधा का प्रावधान किया गया है।  
                उल्लेखनीय है कि राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2014 की कार्य अवधि 31 मार्च, 2021 तक ही थी, लेकिन कुछ इकाइयां योजना अवधि में उत्पादन प्रारम्भ नहीं कर सकी हैं, ऎसी इकाइयों को राहत देने के लिए इसकी अवधि दो वर्ष बढ़ाकर 31 मार्च, 2023 तक कर दी गई है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

लखनऊ - लुलु मॉल में नमाज पढ़ने वाले लोगों की हुई पहचान। चार लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार।

       लखनऊ - लुलु मॉल में नमाज पढ़ने वाले लोगों की हुई पहचान। चार लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार। 9 में से 4 लोग को पुलिस ने किया गिरफ्तार। सीसीटीवी और सर्विलांस के जरिए उन तक पहुंची पुलिस। नमाज अदा करने वालों में मोहम्मद रेहान पुत्र मोहम्मद रिजवान निवासी खुर्रम नगर थाना इंदिरा नगर , लखनऊ। दूसरा आतिफ खान पुत्र मोहम्मद मतीन खान थाना मोहम्मदी जिला लखीमपुर मौजूदा पता खुर्रम नगर थाना इंदिरा नगर लखनऊ। तीसरा मोहम्मद लुकमान पुत्र मनसूर अली मूल पता लहरपुर सीतापुर हाल पता अबरार नगर खुर्रम नगर थाना इंदिरा नगर लखनऊ। मोहम्मद नोमान निवासी लहरपुर सीतापुर हाल पता अबरार नगर खुर्रम नगर थाना इंदिरा नगर लखनऊ। पकड़े गए चार लड़कों में सीतापुर के रहने वाले दोनों सगे भाई निकले। लखनऊ में एक ही मोहल्ले में रहने वाले चारों लड़कों ने  पढ़ी थी लुलु मॉल में एक साथ जाकर नमाज।    अबरार नगर, खुर्रम नगर थाना इंदिरा नगर के रहने वाले हैं चारों लड़के। सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने लूलू मॉल में बिना अनुमति नमाज पढ़ने वालों को किया गिरफ्तार।।  

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह