शेखावाटी जनपद के मुस्लिम समुदाय मे बहती अलग अलग धाराऐ युवाओं को किधर ले जायेगी!

 
                ।अशफाक कायमखानी।
जयपुर।

  


              

 राजस्थान के सीकर-झूंझुनू व चूरु जिले के अलावा नागौर जिले की डीडवाना तहसील क्षेत्र को मिलाकर बनने वाले महत्वपूर्ण स्थान शेखावाटी जनपद के मुस्लिम समुदाय के युवाओं मे पीछले दिनो से अलग अलग धाराऐ बह रही है।जिनमे से दो धाराऐ फौज मे युवाओं को भेजने के लिये सेवानिवृत्त फौजियों द्वारा दक्षता बढाने की तैयारी कराने व जगह जगह गावं गावं मे दिन-रात क्रिकेट प्रतियोगिताओ का युवा संगठनों द्वारा आयोजन करने का लगातार सीलसीला जारी रखना है।


              

 हालांकि मूलरूप से शेखावाटी जनपद की मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी का भारतीय फौज मे रहकर वतन की सेवा करने व देश के लिये शहादत देने का एक लम्बा इतिहास चला आ रहा है। वहीं कायमखानी बिरादरी को फौज मे भर्ती होने के लिये रिलेशनशिप सहित अनेक विशेष लाभ के अवसर मिलते रहना भी फौज मे युवाओं के भर्ती होने का सीलसीला बनाया हुवा है। लेकिन फौज मे भर्ती होने के लिये आवश्यक योग्यताओं को पूरा करने के लिये अनेक गावो मे रिटायर्ड फौजी निस्वार्थ भाव व निशुल्क युवाओं को तैयारी करवा रहे है। जिसके परिणाम काफी सुखद मिलने लगे है। गावों मे अपने स्तर पर दौड़ के लिये बनाये ट्रैक या अस्थायी तौर पर बने स्टेडियमों पर कुछ रिटायर्ड आर्मी मेन सुबह सुबह (भाग फटे) आकर बच्चों की शारीरीक क्षमता बढाने के लिये दौड़ व विभिन्न तरह की एक्सरसाइज करवाने का कार्य करके उनकी दक्षता मे भारी इजाफा कर रहे है। जिसके चलते क्षेत्र के सेंकड़ो युवा जबलपुर मे रिलेशनशिप की भर्ती के साथ साथ अन्य सामान्य आर्मी भर्तियों मे सलेक्ट होकर भारतीय फौज मे जाकर वतन व परिवार की सेवा कर रहे है।
                   आर्मी भर्ती के लिये युवाओं की क्षमताओं मे इजाफा करने के साथ साथ उन्हें जीवनभर अनुशासित करने का जो सीलसीला क्षेत्र के गावो मे रिटायर्ड फौजीयो द्वारा  करने का ही परिणाम है कि एक वक्फे के बाद आज मुस्लिम युवा फिर से आर्मी मे भर्ती होने की आवश्यक योग्यताएं पुरी करके सलेक्ट हो रहे है। जबकि 1980-90 के आस पास अरब मे मजदूरी करने जाने का चला सीलसीला युवाओं का फौज की भर्ती से मुहं मोड़ना माना जाता है। लेकिन अब फिर से फौज मे भर्ती होकर वतन की खिदमत करने का भाव युवाओं मे परवान चढने लगा है।
 


         

 शादी व विभिन्न समारोह मे फिजूल खर्च रोककर बचत का धन शिक्षा पर लगाकर नई पीढी को आला तालीम के जेवर से आरास्ता करने का सीलसीला भी कुछ युवा संगठनों द्वारा चलाये जाने के सुखद परिणाम आ रहे है। शिक्षित युवाओं को केरीयर गाईडेंस के लिये इंजीनियर आरीफ अली भारु, इब्राहिम पठान झूंझुनू, व बिसाऊ की युवा टीम खूब अच्छा निर्देशन कर रही है।
      .        राजस्थान के महत्वपूर्ण हिस्सा शेखावाटी जनपद के मुस्लिम समुदाय मे युवाओं का भविष्य उज्जवल बनाने के साथ साथ उनके जीवन मे अनुशासन कूट कूट कर भरने के लिये समुदाय स्तर पर उक्त विभिन्न तरह के कार्य समाज स्तर पर अंजाम दिये जा रहे है। अनुशासित जीवन व स्वस्थ शरीर के लिये खेल भी आवश्यक माना गया है। जनपद मे पीछले कुछ महीनो से गावं गावं मे दिन-रात की क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन करने का सीलसीला भी चल पड़ा है। जिन प्रतियोगिताओं पर काफी धन खर्च होने के अलावा कुछ जगह विवाद होने के भी समाचार मिलने के बावजूद युवाओं मे खेल की प्रति रुझान बढ रहा है। खेल को भी रोजगार व स्वास्थ्य से जोड़ने की योजना पर ध्यान केन्द्रित करने पर विचार अब समाजिक स्तर पर होने लगा। सरकार द्वारा टीचर भर्ती के अलावा विभिन्न तरह की सेवाओं के लिये भर्ती भी निकाल रखी है। जिनके लिये प्रतियोगिता परिक्षाऐ होनी है। अगर रीट सहित अन्य विभिन्न तरह की प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी व गाईडेंस का सीलसीला किसी भी रुप मे समुदाय स्तर पर बैठता तो परिणाम ओर सुखद आते।
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..कुल मिलाकर यह है कि शेखावाटी जनपद के मुस्लिम समुदाय के युवाओं मे विभिन्न तरह की धाराऐ बहती नजर आने लगी है। जिनमे से आर्मी मे भर्ती होकर वतन की खिदमत अंजाम देने का युवाओं मे बढता रुझान व केरीयर गाईडेंस के लिये काबिल युवाओं का आगे आने के साथ साथ खेल को रोजगार व स्वास्थ्य से जोडंनै का बढता चलन सुखदायक संकेत माना जा रहा है।

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