जयपुर।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (इन्टैलीजेन्स) उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी द्वारा छद्म नाम से संचालित सोशल मिडिया अकाउंट पर सम्पर्क में रहते हुए भारतीय सेना से सम्बंधित सामरिक महत्व की सूचना भेजने में लिप्त संदिग्ध आकाश महरिया पुत्र हरदयाल महरिया, उम्र 22 साल, निवासी गाँव यालसर तहसील लक्ष्मणगढ़ जिला सीकर, राजस्थान से समस्त आसूचना एजेंसियों द्वारा पूछताछ करने पर जासूसी गतिविधियों में लिप्त पाये जाने पर सी.आई.डी (विशेष शाखा) जयपुर के स्पेशल पुलिस स्टेशन पर शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।
आकाश महरिया पिछले काफी समय से जासूसी गतिविधियों में सकिय था. इस सम्बन्ध में सर्वप्रथम इन्टेलीजेन्स जयपुर को प्राप्त इनपुट को गोपनीय रूप से निगरानी रखते हुए डवलप किया गया जिसके बाद समस्त कार्यवाही को अंजाम देने के लिए सीआईडी की विशेष टीम तथा मिलट्री इन्टेलीजेन्स जयपुर के साथ मिलकर उच्चाधिकारियों के निर्देशन पर खुफिया तौर से निगरानी रखी जा रही थी।
आकाश महरिया के आर्मी से छुट्टी लेकर अपने गाँव आने पर उससे शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत पूछताछ हेतु जयपुर तलब कर समस्त एंजेसियों द्वारा पूछताछ की गयी थी। आरोपी सितम्बर 2018 भर्ती सेना में भर्ती हुआ था और जो 2019 में अपनी ट्रेनिग पूरी करने के बाद जुलाई से पाकिस्तानी महिला एजेन्टों द्वारा छद्म नाम से बनायी गई फेसबुक आईडी से रिक्वेस्ट आने पर उनसे जुड गया जिसने पूछताछ पर अपने मोबाईल फोन द्वारा सोशल मिडिया अकाउंन्ट पर पाक महिला एजेन्टों के सम्पर्क में रहना एवं भारतीय सेना से सम्बंधित सामरिक महत्व की गोपनीय सूचनाएं भेजना बताया है।
अभियुक्त के मोबाईल फोन का तकनीकी परीक्षण कराया जाकर सामरिक महत्व की सूचना तथा महिला एजेन्टों द्वारा कई प्रकार की अश्लील चैटिंग का रिकार्ड मिला है। जिस पर अभियुक्त के मोबाईल फोन को जप्त कर लिया गया है। अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमाण्ड प्राप्त कर इस सम्बन्ध में विस्तृत पूछताछ कर साक्ष्य संकलित करने की कार्यवाही की जायेगी।
वक़्फ़ संशोधन बिल के विरोधियों को लखनऊ पुलिस द्वारा भेजा गया नोटिस असंवैधानिक, सुप्रीम कोर्ट ले एक्शन- शाहनवाज़ आलम
नयी दिल्ली, 11 अप्रैल 2025 . कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ विचार रखने वाले नागरिकों के संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की आज़ादी और विरोध करने के मौलिक अधिकारों के हनन करने का आरोप लगाया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसलों की अवमानना पर स्वतः संज्ञान लेकर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ कार्यवाई की मांग की है. शाहनवाज़ आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि लखनऊ के कई नागरिकों को लखनऊ पुलिस द्वारा उनकी तरफ से वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ़ होने वाले संभावित प्रदर्शनों में शामिल होने का अंदेशा जताकर उन्हें नोटिस भेजा गया है. जबकि अभी नागरिकों की तरफ से कोई विरोध प्रदर्शन आयोजित हुआ भी नहीं है. सबसे गम्भीर मुद्दा यह है कि इन नोटिसों में नागरिकों को अगले एक साल तक के लिए उनसे शांति भंग का खतरा बताते हुए 50 हज़ार रुपये भी जमा कराने के साथ इतनी धनराशि की दो ज़मानतें भी मांगी जा रही हैं. शाहनवाज़ आलम ने कहा कि यूपी पुलिस यह कैसे भूल सकती है कि उसकी यह कार्यवाई संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन है जो नागर...
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