राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन मे सीकर के कांग्रेस नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया व विधायक वीरेंद्र सिंह अन्य कांग्रेस नेताओं के मुकाबले काफी सक्रिय नजर आ रहे है।


           


       

        ।अशफाक कायमखानी।
सीकर।

                केंद्र सरकार द्वारा अपने कुछेक चहते उधोगपतियों को लाभ देने की मंशा के अनुसार किसान विरोधी तीन काले कानून लाने को रद्द करने की मांग को लेकर भारत के विभिन्न किसान संगठनों द्वारा कड़ा विरोध करते हुये दिल्ली से हरियाणा, राजस्थान व पंजाब की लगती सीमाओं पर पीछले करीब पचेतर दिनो से आंदोलन करने का प्रभाव वेसे तो अब पूरे भारत भर मे देखने को मिल रहा है। लेकिन राजस्थान मे किसानों के समर्थन मे किसान संगठनों व वामपंथी लोगो के अतिरिक्त राजनीतिक दलो मे से कांग्रेसके अन्य नेताओं के मुकाबले सीकर के कांग्रेस नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया व दांतारामगढ विधायक वीरेंद्र सिंह काफी सक्रिय नजर आ रहे है।
                किसान परिवार मे जन्मे व किसानी से तालूक रखने वाले सुभाष महरिया व वीरेंद्र सिंह की परवरिश भी किसानी माहोल मे होने का कारण यह अन्य कांग्रेस नेताओं के मुकाबले किसानों का दूख दर्द नजदीकी से समझने की क्षमता रखते है।अलग हटकर देखे तो दोनो का राजनीतिक जनाधार की नीवं भी किसान मतदाताओं पर टीकी हुई है। गणतंत्र दिवस पर सीकर शहर मे सुभाष महरिया ने किसान आंदोलन के समर्थन मे विशाल ट्रेक्टर रैली निकाली। इसके अलावा सीकर जिले से हजारों किसानों को सेंकड़ो बसो व अन्य साधनों से साथ लेकर शाहजहां पुर सीमा पर जाकर आंदोलित किसानों को सम्बोधित करके समर्थन जताया। किसान संगठनों द्वारा छ फरवरी को तीन घंटे के चक्चा छाम करने के राष्ट्रीय कार्यक्रम को भी सुभाष महरिया व वीरेंद्र सिंह के कार्यकर्ताओं की टीम अच्छे से मेनेज किया है।
               

 


        सुभाष महरिया की तरह ही किसान नेता चोधरी नारायण सिंह के पूत्र व दांतारामगढ़ विधायक वीरेन्द्र सिंह ने भी पीछले दिनो अपने विधानसभा क्षेत्र के गावं गावं - ढाणी ढाणी मे ट्रेक्टर रैली निकाल कर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है। वीरेंद्र सिंह लगातार अपने क्षेत्र के गावं ढाणियों मे किसानों के मध्य घूम घूम कर उनको तीनो काले कानून की बारीकियों को समझा कर उनमे जागृति पैदा करके आंदोलन के प्रति भारी समर्थन जुटाने मे कामयाब रहे है। विधायक वीरेन्द्र सिंह दिल्ली सीमा पर आंदोलन कर रहे किसानों के मध्य जाकर भी अनेक दफा समर्थन देकर आये है।
                  हालांकि कल पांच फरवरी को कांग्रेस विधायक मुरारी मीणा ने दौसा मे किसान आंदोलन के समर्थन मे विशाल जनसभा करके इतिहास रचा है। इसी तरह सीकर मे भी बडे किसान सम्मेलन होने की सूगबूगाहट सूनने को मिल रही है। अगर सीकर मे उक्त तरह का किसान सम्मेलन आयोजित होता है तो संख्या बल के हिसाब से वो सम्मेलन भी इतिहास रचेगा।
              कुल मिलाकर यह है कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों के खिलाफ लाये गये तीन कानूनो को रद्द करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे किसान आंदोलन को सीकर जिले मे पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया व विधायक वीरेंद्र सिंह की तरह अन्य कांग्रेस नेता व विधायक भी समर्थन व सहयोग देने आगे आते तो किसान समुदाय के दिलो मे उनकी गहरी पैठ बैठती।

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