सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अब कांग्रेस मे मजबूत नेता के तौर पर उभरेगे। - राजस्थान मे मुख्यमंत्री की हैसीयत से जैसा चाहा वैसा किया ओर अगले तीन साल भी करेगे।

 



                ।अशफाक कायमखानी।
जयपुर।

                घर परिवार मे जो आर्थिक प्रबंधन समय पर ढंग से व नेतृत्व का विश्वास एवं वफादारी का रोल कायम करता रहता है उस शख्स की पारिवारिक फैसलो मे महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उसी तरह किसी भी राजनीतिक दल को चलाने के लिये उसके लिये समय पर ढंग से आर्थिक प्रबंधन व नेतृत्व के प्रति वफादारी जो नेता करता रहता है उसकी उस दल मे चवन्नी एक रुपये मे चलती है। उक्त सब विषयों मे अशोक गहलोत को कांग्रेस का संकटमोचन व पारंगत बताया जाता है। भारत के महत्वपूर्ण व पूरी तरह शिक्षित प्रदेश केरल के कुछ महीने बाद होने वाले आम विधानसभा चुनाव के लिये कांग्रेस पार्टी ने अशोक गहलोत की इसी खुबीयो के चलते उनपर विश्वास जताते हुये उन्हें चुनावी इंचार्ज बनाया है। गहलोत कल पार्टी संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल के साथ केरल पहुंच कर अपना काम शुरू कर दिया है।
                       हालांकि राजस्थान कांग्रेस की राजनीति मे अशोक गहलोत ने पहले कम उम्र मे प्रदेश अध्यक्ष व केंद्र मे मंत्री बनकर अपना लोहा मनवाने के साथ साथ 1998 अपनी राह के सभी तरह के रोड़े दूर करके पहली दफा मुख्यमंत्री बनने के बाद लगातार एक एक मुख्यमंत्री बनने की दौड़ मे लगे दिग्गज नेताओं को साईड लाईन करते हुये तीसरी दफा मुख्यमंत्री बनने मे सफल हो गये। तीसरी दफा मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने मुकाबिल नेता सचिन पायलट को जबदस्त झटका देकर प्रदेश अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री पद से हटाने के साथ साथ उनके कट्टर समर्थक दो अन्य मंत्री राजा विश्वेन्द्र सिंह व रमेश मीणा को भी मंत्रीमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया। आठ महीने होने को आये ना उन मंत्रियों को वापस केबिनेट मे शामिल किया ओर ना ही सचिन पायलट को पहले वाले मुकाम पर आने दिया है। वही राजनीतिक नियुक्तियों व मंत्रीमंडल विस्तार व बदलाव को आजकल आजकल करते करते लम्बा समय निकाल दिया ओर अब लगता है कि केरल चुनाव की व्यस्तता के बहाने फिर समय निकलता जायेगा। बीच बीच मे रुक रुक कर एक एक करके गहलोत अपने समर्थकों को राजनीतिक नियुक्तिया देकर नवाजते रहेगे ओर विरोधी झटके पर झटके खाते रहेगे।
  

           

 मुख्यमंत्री गहलोत ने मुख्यमंत्री बनते ही महाधिवक्ता व अतिरिक्त महाअधिवक्ताओ का मनोनयन अपने अनुसार किया। उसके बाद बाल संरक्षण अधिकार आयोग की अध्यक्ष संगीता को बनाया। उसके बाद लोकसेवा आयोग व मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष व सदस्यों का चयन अपने अनुसार किया। मुख्य सूचना आयुक्त व सुचना आयुक्तों का मनोनयन भी गहलोत ने अपने अनुसार किया। उक्त सभी तरह के मनोनयन मे सचिन पायलट की किसी भी तरह की शह नही होना बताया जा रहा है।
            कुल मिलाकर यह है कि किसी भी राजनीतिक दल को चलाने के लिये अनेक तरह के प्रबंधन करने के अतिरिक्त नेतृत्व का विश्वास पात्र एवं वफादार होना नेताओं का आवश्यक होता है। जब वो राजनीतिक दल बूरे दौर व सत्ता से कुछ समय से दूर रहे तो उस दल के लिये कुछ नेता काफी महत्वपूर्ण हो जाते है। जो नेता दल की आवश्यक जरुरतो को पूरी करने की क्षमता का निर्वाह ठीक से करते हुये शीर्ष नेतृत्व के प्रति वफादार भी हो। ऐसी ही कुछ खुबीयो की ताकत के बल पर लगता है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वर्तमान हालात मे कांग्रेस के लिये  महत्वपूर्ण शख्सियत बन चुके है। तभी राजस्थान मे अगर कांग्रेस बहुमत मे रही तो वो बाकी तीन साल ओर वोही मुख्यमंत्री पद पर बने रहेगे। सत्ता व संगठन के लिये पायलट के ऊपर गहलोत को तरजीह मिलती ही रहेगी।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया

 आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया। विद्यालय में इस सत्र में आई.सी.एस.ई. (कक्षा 10) तथा आई.एस.सी. (कक्षा 12) में कुल सम्मिलित छात्र-छात्राओं की संख्या क्रमशः 153 और 103 रही। विद्यालय का परीक्षाफल शत -प्रतिशत रहा। इस वर्ष कोरोना काल में परीक्षा परिणाम विगत पिछले परीक्षाओं के आकलन के आधार पर निर्धारित किए गए है ।  आई.सी.एस.ई. 2021 परीक्षा में स्वयं गर्ग ने 98% अंक लाकर प्रथम,  ऋषिका अग्रवाल  ने 97.6% अंक लाकर द्वितीय तथा वृंदा अग्रवाल ने 97.4% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   आई .एस.सी. 2021 परीक्षा में आयुष शर्मा  ने 98.5% अंक लाकर प्रथम, कुशाग्र पांडे ने 98.25% अंक लाकर द्वितीय तथा आरुषि अग्रवाल ने 97.75% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   उल्लेखनीय है कि आई.एस.सी. 2021 परीक्षा में इस वर्ष विद्यालय में 21 छात्रों ने तथा आई.सी.एस.ई.की परीक्षा में 48 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक लाएं।   आई.सी.एस. 2021 परीक्षा में प्रथम आये आयुष शर्मा के पिता श्री श्याम जी शर्मा एक व्यापारी हैं । वह भविष्य में