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एआईएमआईएम के राजस्थान आने से पहले कांग्रेस नेताओं मे बोखलाहट। राजस्थान मीडिया मे आवेसी को लेकर बहस व लेख लिखने शुरु।

 
 


जयपुर।
              ।अशफाक कायमखानी।


               प्रदेश मे एक अर्शे से दो दलीय व्यवस्था कायम होने से मुस्लिम मतदाताओं को कांग्रेस द्वारा केवल मात्र वोटबैंक की तरह उपयोग कर उनके हको पर गम्भीर चोट करते हुये सत्ता की भागीदारी से उन्हें दूर रखने के चले आ रहे सीलसीले के मध्य बेरीस्टर असदुद्दीन आवेसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम के आगामी विधानसभा चुनाव मे राजस्थान मे तकरीबन 40-45 सीटो पर उम्मीदवार खड़े करने की आहट मात्र से कांग्रेस नेताओं की बोखलाहट व घबराहट साफ नजर आने लगी है। कांग्रेस के दिग्गज नेता आवेसी के खिलाफ बयानबाजी करने लगे है वही कांग्रेस मे मोजूद मुस्लिम नेताओं को आवेसी पर विभिन्न तरह से शब्द बाण छोड़ने के निर्देश भी दे दिये बताते है।
          बेरीस्टर असदुद्दीन आवेसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम के बिहार मे पांच विधायक जीतने के बाद उनके समर्थकों के होंसले को बडी ताकत मिली है। राजस्थान मे कांग्रेस द्वारा मुस्लिम मतदाताओं का राजनीतिक शोषण करने के खिलाफ अब समुदाय के खासतोर पर युवाओं ने कमर कस कर एआईएमआईएम के संगठन को राजस्थान मे अभी से खड़ा करके आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनाव लड़ने की मंशा के आगे बढने से कांग्रेस मे वर्तमान मे एक अजीब सी हलचल मच चुकी है। टीवी न्यूज चैनल व अखबारात मे आवेसी के राजस्थान मे आकर राजनीति करने पर बहस होने के अलावा लेख व विश्लेषण छपने लगे है। कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी जिन्होंने पहले भी अपने दल के विधायकों व नेताओं के खिलाफ ऐसीबी व एसओजी मे शिकायत दर्ज करवाई उसके बाद उक्त मामले मे मुंह की खाते हुये पिछे हटना पड़ा था। उसी महेश जोशी ने आवेसी को भाजपा ऐजेंट बताकर अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन से बोखलाहट होना सिद्ध कर दिया है।


           


 कांग्रेस व कांग्रेस नेताओं की हमेशा कोशिश रहती आई है कि उन्होंने मुस्लिम समुदाय को अपना वोटबैंक बनाये रखने के हर प्रकार के प्रयत्न करके राजनीतिक रोटियां सेकने के लिये अलग से उभरतीं मुस्लिम लीडरशिप का विरोध किया है। एवं अभी भी इस तरह का विरोध करने से बाज नही आ रहे है। बिहार मे मोलाना बदरुद्दीन अजमल ने जब अलग से AIUDF पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा तो कांग्रेस पार्टी व नेताओं के पेट मे काफी दर्द हुवा था। अजमल पर विभिन्न तरह के गम्भीर आरोप लगाते रहे। लेकिन अजमल ने हिम्मत व राजनीतिक सूझबूझ से अपनी राजनीति को आगे बढाते रहे है। आज जाकर हालात यह बन गये है कि आसाम मे अब जाट कांग्रेस स्वयं अजमल से समझोता करके विधानसभा चुनाव लड़ने के लिये उनके पिछे पड़ी है। इसी तरह तेलंगाना के हेदराबाद मे कांग्रेस लोकसभा-विधानसभा व नगरनिगम मे इसलिए चुनाव लड़ती है कि वो एआईएमआईएम के वोट काटकर उसे कुछ जगह हरा सके।
            कुल मिलाकर यह है कि बेरीस्टर असदुद्दीन आवेसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम के राजस्थान के आम विधानसभा चुनाव मे भाग लेकर उम्मीदवार खड़े की खबर मात्र से कांग्रेस नेताओं को बैचेन कर दिया है। तिलमिलाये कांग्रेस नेता आवेसी पर बोखलाहट मे गम्भीर आरोप लगाने लगे है। धीरे धीरे कांग्रेस अपने मुस्लिम नेताओं के मुहं से आवेसी पर आरोप लगाने का सीलसीला भी जारी कर सकती है। इसी के मध्य खबर आई है कि बंगाल विधानसभा व हेदराबाद नगरनिगम चुनावों के बाद आवेसी राजस्थान मे सभाओ का सीलसीला शुरु करेगे। इससे पहले उनके विश्वसनीय नेताओं द्वारा राजस्थान आकर संगठन खड़ा करके जमीन तैयार करेगे।

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