सीकर मे पचपन किलोमीटर पैदल यात्रा करके मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। - निकाली गई मुख्यमंत्री गहलोत की शव यात्रा (जनाजा यात्रा) क्षेत्र मे चर्चा का विषय बनी।
सीकर। ।अशफाक कायमखानी। मदरसा पैरा टीचर्स का नियमतिकरण करने व उर्दू विषय के साथ सरकार द्वारा अन्याय पूर्ण रवैया अख्तियार करने के खिलाफ एक नवम्बर से चूरु से करीब ग्यारसो किलोमीटर की दांडी पैदल यात्रा पर शिक्षक शमशेर भालूखां के रवाना होने के बाद लगतार जारी उनकी पद यात्रा से नावाकिफ होकर गहलोत सरकार द्वारा किसी भी स्तर पर इस सबंध मे वार्ता अभी तक नही करने से पिछले एक हफ्ते से राज्य भर के मुस्लिम समुदाय मे सरकार के खिलाफ भूचाल आया हुवा है। एक तरफ शमशेर भालू खां ने अपनी दांडी यात्रा को जारी रख रखा है, वहीं दुसरी तरफ उनकी यात्रा के समर्थन मे राज्य भर मे जगह जगह पैदल यात्राएं गावं-गावं से उपखण्ड व जिला मुख्यालय पर आकर अधिकारियों को ज्ञापन देकर, मुख्यमंत्री गहलोत व शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा का पूतला दहन के अलावा शव यात्रा निकालने का सीलसीला चल पड़ने से सरकार व कांग्रेस पार्टी के खिलाफ मुस्लिम समुदाय मे विरोध चरम सीमा पर पहुंचता नजर आ रहा है। शिक्षक शमशेर भालूखां की दांडी यात्रा के समर्थन मे राज्य भर मे आज भी पीछले दिनो की तरह सभी जगह धरना, प्रदर्शन व पैदल यात्राए मुस्लिम समुदाय द्वारा निकाल कर राजस्थान सरकार की अन्याय पूर्ण नीती का भारी विरोध करने का सीलसीला जारी रहा। शेखावाटी जनपद के सीकर जिले के फतेहपुर कस्बे से सुबह चार बजे मुस्लिम युवाओं की भारी भीड़ पैदल रवाना होकर शिक्षा मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र लक्ष्मनगढ होते हुये करीब पचपन किलोमीटर की दूरी रैली के रुप मे पैदल तय करके शामको सीकर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट के सामने पहुंच कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पूतला दहन किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री की शव यात्रा निकाल कर भी विरोध व्यक्त किया गया है।
कुल मिलाकर यह है कि राजस्थान के लोकतांत्रिक इतिहास मे पहली दफा वोटबैंक माने जाने वाले मुस्लिम समुदाय कांग्रेस व उसकी सरकार के विरोध मे सड़को पर गांधी वादी तरीके से बडी तादाद मे आ रहा है। विरोध के चलते पंचायत चुनावों मे अनेक जगह मुस्लिम मतदाता कांग्रेस का बहिष्कार करने व अनेक जगह कांग्रेस उम्मीदवारों को हराने का भी तय करते नजर आ रहे है।मुस्लिम युवाओ द्वारा फतेहपुर से सीकर की पैदल यात्रा मे आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की निकाली गई शव यात्रा (जनाजा-यात्रा) पूरे क्षेत्र मे बडी चर्चा का विषय बना हुवा है।
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