पंचायत समिति व जिला परिषद चुनावों की कमान विधायको के हाथ मे रहेगी। - उम्मीदवार चयन मे कांग्रेस संगठन मूकदर्शक बना रह सकता है।



जयपुर।
           राजस्थान मे सरपंच चुनाव सम्पन्न होने के बाद अब पंचायत समिति व जिला परिषद के चुनावों की घोषणा होने के बाद खासतौर पर ग्रामीण राजनीति मे नये रुप से राजनीतिक हलचल पैदा हो चुकी है। उम्मीदवारी के लिये अगामी चार नवम्बर से नो नवम्बर तक नामजदगी के पर्चे दाखिल किये जायेगे। उक्त चुनाव के लिये खासतौर पर कांग्रेस पार्टी मे उम्मीदवार चयन की जिम्मेदारी उस क्षेत्र के मुकामी विधायक या पीछले विधानसभा चुनाव मे रहे उम्मीदवार के हाथ मे रहेगी। कांग्रेस संगठन की भूमिका उम्मीदवार चयन मे केवल मात्र मूकदर्शक की रहने वाली है।
            राजस्थान मे हो रहे चुनाव के कुल इक्कीस जिलो की तरह ही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के गृह जिला सीकर के आठ विधानसभा क्षेत्रो मे से सात पर कांग्रेस के निशान पर जीते विधायक हाकम अली खा फतेहपुर, गोविंद सिंह डोटासरा लक्ष्मनगढ, परशराम मोरदिया धोद, राजेन्द्र पारीक सीकर, वीरेंद्र सिंह दांतारामगढ़, दीपेन्द्र सिंह श्रीमाधोपुर, व सुरेश मोदी नीमकाथाना है। इसी के साथ खण्डेला से कांग्रेस उम्मीदवार सुभाष मील को हराकर महादेव सिंह निर्दलीय विधायक बने जिन्होंने कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रखा है। खण्डेला मे उम्मीदवार चयन की भूमिका अगर सुभाष मील के हाथो रहती है तो विधायक महादेव सिंह अपने समर्थकों को निर्दलीय चुनाव लड़ने का संकेत दे सकते है। विधायक दीपेंद्र सिंह शेखावत व विधायक सुरेश मोदी को सचिन पायलट समर्थक माना जाता है बाकी विधायकों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेमे मे गिना जाता है।
          सीकर जिले की बाराह पंचायत समितियों मे प्रधान पद की स्थिति फतेहपुर मे सामन्य महिला, लक्ष्मनगढ मे सामान्य, नेछवा मे अनुसूचित जाति, धोद मे सामन्य महिला, पीपराली मे अन्य पिछड़ा वर्ग (महिला), दांतारामगढ़ मे सामन्य महिला, पलसाना मे अनुसूचित जाति (महिला), खण्डेला मे सामन्य, श्रीमाधोपुर मे सामन्य, अजीतगढ़ मे अन्य पिछड़ा वर्ग, नीमकाथाना मे सामन्य महिला, व पाटन मे अन्य पीछड़ा वर्ग के लिये आरक्षित है। एवं सीकर जिला प्रमुख पद महिला के लिये आरक्षित है। पंचायत समिति व जिला परिषद के निदेशक पद के इच्छुक उम्मीदवार टिकट पाने के लिये अपने अपने विधायक के यहां लोभींग शुरु कर दी है। विधायक भी अपने अपने स्तर पर होमवर्क करना शुरू कर दिया है।
           सीकर जिला परिषद की 39 सीटो के उम्मीदवार चयन मे कुछ सालो से दिग्गज नेता चोधरी नारायण सिंह की प्रमुख भूमिका रहती आई है। लेकिन ढलती उम्र के कारण अब चोधरी नारायण सिंह की भूमिका समय ही बता पायेगा। सीकर के पहले जिला प्रमुख रामदेव सिंह महरिया के रहने के अलावा स्वयं चोधरी नारायण सिंह भी जिला प्रमुख रह चुके है। सीकर के लिये यह भी संयोग रहेगा की लगातार चोथी दफा जिला प्रमुख के पद पर मल्ली देवी, रीटा सिंह, अर्पणा रोलन के बाद फिर महिला चुनी जायेगी।
            कुल मिलाकर यह है कि पंचायत समिति निदेशक व प्रधान पद के उम्मीदवार चयन का मामला कांग्रेस मे उनके स्थानीय विधायको के हाथे मे रहेगा। लेकिन जिला परिषद निदेशक व प्रमुख राजनीतिक पद जिला प्रमुख के लिये उम्मीदवार चयन मे सभी विधायकों के अलावा दिग्गज कांग्रेस नेताओं की आपसी रजामंदी के उम्मीदवार तय होने पर उसकी जीत पर निर्भर करेगा।


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