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वक्फ जायदाद के अतिक्रमणकारियों को सीकर की हिदायत मां से सबक लेना चाहिए। - दादी बिलकिस का टाईम मेगनीज मे नाम शाया हुवा ओर हिदायत मां का नाम क्षेत्र के लोगो के दिलो मे समाया।


सीकर।
              भारत भर की तरह राजस्थान के हर हिस्से मे भी अधिकांश सक्षम लोगो द्वारा वक्फ जायदादो पर अतिक्रमण करने के मामले अक्षर उजागर होते रहे एवं होते आ रहे है। पीछले दिने राजस्थान वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जब शेखावाटी के सीकर जिले के दौरे पर आकर वक्फ जायदादो पर हुये अतिक्रमण का जायजा लेकर अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी देते हुये वक्फ जायदाद बचाओ मे लगे सामाजिक कारकूनो को अतिक्रमण हटवाने का भरोसा दिलवाने के मध्य सीकर शहर के व्यस्तम क्षेत्र की रहने वाली एक हिदायत मां ( बदला हुवा नाम) नामक महिला ने अपने पति के इंतेकाल के कुछ महिनो बाद ही अपना आबाई मकान अल्लाह पाक की रजा के लिये वक्फ करके इतिहास रच दिया है। वही वक्फ जायदाद पर अतिक्रमण करने वाले एवं वक्फ जायदादो पर टेढी नजर रखने वालो के लियें हिदायत का कदम उठा दिया। बताया जाता है कि हिदायत मां द्वारा वक्फ की गई जमीन वाले क्षेत्र की एक एक इंच जमीन काफी कीमती मानी जाती है।
               अपना आबाई घर वक्फ करके मकानात को स्वयं खड़े होकर कल शहीद करवाकर सामाजिक कारकूनो के हवाले करके अपने रिस्तेदारों के यहां रहने जाने वाली हिदायत मां लोक दिखावा से दूर रहकर अपने बाकी बचे जीवन को अपने स्तर पर गुजारने का तय करके सभी को एक बडा संदेश दे दिया है। हिदायत मां के पति हाथ ठेला लगाकर केले बेचकर जीवन बसर किया करते थे। बेटा-बेटी ना होने के कारण कम आमद के बावजूद पति-पत्नी खुश थे। लेकिन पीछले दिनो पति के देहांत के बाद हिदायत मां ने अपना मकान वक्फ करने का निश्चय करके आखिर कार वक्फ करके अपने रिस्तेदारों के यहां रहने चली गई। अब मुहल्ले के लोग उस जगह पर इबादत गाह व तालीमगाह का निर्माण करेगे।
              कुल मिलाकर यह है कि राजस्थान भर मे वक्फ जायदाद पर अतिक्रमणकारियों का मुद्दा काफी गरमाया हुवा होने के मध्य सीकर शहर से एक सुखद खबर यह आई है कि हिदायत मां (बदला हुवा नाम) ने अपना बैश कीमती आबाई मकान वक्फ करके अतिक्रमणकारियों को संदेश दिया है कि वो अपने अपने अतिक्रमण हटा वक्फ जायदाद का इस्तेमाल वक्फ की फला व बहबूदी के लिये ठीक से उपयोग होने दे।


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