पकिस्तान से रिहा होकर आज रीवा पंहुचेगा अनिल साकेत - राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल ने उठाया था संसद मे मामला


रीवा, । पकिस्तान के लाहौर जेल में चार साल से सजा काट रहे रीवा जिले के नईगढ़ी थाना अन्तर्गत ग्राम छदनहाई के अनिल साकेत की रिहाई हो गई है, अनिल के साथ भारत के साथ 320 बन्दियों को विदेश मंत्रालय की पहल पर पकिस्तान से वापस लाने का रास्ता साफ हुआ है।



समाचार पत्रों के माध्यम से अनिल साकेत के पाकिस्तान के लाहौर जेल में बन्द होने की खबर प्रकाश मे आने के बाद राज्यसभा सांसद म0प्र0 कांग्रेस कमेटी विछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेशाध्यक्ष राजमणि पटेल ने उक्त मामले का संज्ञान मे लेकर 15 जुलाई 2019 को स्पेशल मेन्शन के तहत राज्यसभा मे उठाया था, अनिल के गुमशुदा होने की रिपोर्ट उनके पिता बुद्धसेन साकेत ने 10 जनवरी 2015 को लिखाई थी, पुलिस तथा समाचार पत्रों के माध्यम से लम्ब समय बाद पता चला कि अनिल लाहौर जेल में कैदी है। श्री पटेल ने सदन मे प्रश्न उठाते हुये कहा कि अनिल के पकिस्तान जेल में बन्द होने की खबर से जिले एवं क्षेत्र में विशेष कर अनुसूचित जाति समाज में भय एवं निराशा का वातावरण है। उन्होने विदेश मंत्री से इस मुद्दे पर तत्काल पहल करने की मांग की थी। संसद मे प्रश्न उठने के बाद विदेश मंत्रालय ने पत्र व्यवहार कर पाकिस्तान मे कैद अनिल साकेत सहित 320 भारतीयों को रिहा करा लिया है। उक्त आशय की प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुये कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश प्रवक्ता एड0 महमूद खान ने बताया कि अनिल साकेत 13 सितम्बर 2020 को रिहा होकर 14 सितम्बर को बाघा बार्डर पंहुच गया है, जहां जाॅचों के उपरान्त 16 सितम्बर को विशेष बस से उसे अन्य कैदियों के साथ ग्वालियर रवाना किया गया है, तथा ग्वालियर से चल कर 18 सितम्बर को अनिल साकेत रीवा पंहुच कर अपने गृहग्राम छदनहाई के लिये रवाना होगा। राज्यसभा सांसद महोदय की पहल पर अनिल साकेत की रिहाई से रीवा जिले में हर्ष की लहर व्याप्त है।


Popular posts
सीकर मे पचपन किलोमीटर पैदल यात्रा करके मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। - निकाली गई मुख्यमंत्री गहलोत की शव यात्रा (जनाजा यात्रा) क्षेत्र मे चर्चा का विषय बनी।
चित्र
बेरीस्टर असदुद्दीन आवेसी को महेश जोशी द्वारा भाजपा ऐजेंट बताने की कायमखानी ने कड़ी निंदा की।
राजस्थान की राजनीति मे कांग्रेस-भाजपा के अतिरिक्त आगामी विधानसभा चुनावों मे तीसरे विकल्प की सम्भावना बनती दिखाई दे रही है। - कोटा नगर निगम चुनाव मे वेलफेयर पार्टी व एसडीपीआई के उम्मीदवार विजयी होने से हलचल।
जुलाई-19 मे मदरसा पैराटीचर्स के जयपुर मे चले बडे आंदोलन की तरह दांडी यात्रा का परिणाम आया।
चित्र
एआईएमआईएम के राजस्थान आने से पहले कांग्रेस नेताओं मे बोखलाहट। राजस्थान मीडिया मे आवेसी को लेकर बहस व लेख लिखने शुरु।
चित्र