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कछुआ दिखाकर लोगो से ठगी करने वाली गैंग का पर्दाफाश, दो अभियुक्त गिरफ्तार, 2 लाख रुपये एवं एक मृत कछुआ बरामद - साधारण कछुए को दुर्लभ प्रजाति का बता 50 लाख की बताते है कीमत, 5 लाख तक कर लेते सौदा

 


जयपुर :  ग्रामीण जिले की थाना शाहपुरा पुलिस ने शुक्रवार को कछुआ दिखाकर लोगो से ठगी करने वाली गैंग का पर्दाफाश कर बावरिया जाति के दो जनों को गिरफ्तार कर 2 लाख रुपये नकद व एक मृत कछुआ बरामद किया है। आरोपितों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मुकदमा दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।
     एसपी शंकर दत्त शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार माली राम बावरियां पुत्र भैरा राम (25) नवरंगपुरा थाना विराटनगर तथा मुकेश बावरियां पुत्र नारायण (30) सिंहपुरी थाना आंधी के रहने वाले है। इनसे अन्य कई वारदातों का खुलासा होने की पूर्ण संभावना है। ये लोग पूर्व में भी कई लोगों के साथ इस प्रकार कछुआ दिखाकर ठगी कर चुके हैं।
     एसपी शर्मा ने बताया कि थानाधिकारी शाहपुरा राकेश ख्यालिया व उनकी टीम ने शुक्रवार को मुखबिर से मिली सूचना पर अलवर तिराहे पर मालीराम व मुकेश बावरियां को एक मृत कछुए व 2 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने कछुआ सरिस्का के जंगल से पकड कर लाना बताया। कछुए का सौदा 05 लाख रुपये में तय कर खरीददार 02 लाख रुपये दे गये थे, बाकी के 03 लाख रुपये और लाने के लिये गये हुये थे।  
तरीका वारदात :-
दोनों ने पूछताछ में बताया कि इनकी 5-7 लोगों की गैंग है। ठगी के लिए दो अलग अलग टीमें बना लेते हैं। एक टीम ग्राहक तैयार करती है, मोबाइल पर कछुए की फोटो मंगा उसे दुर्लभ प्रजाति का 50 लाख का कछुआ बता 5 लाख रुपये में दिलाने व महंगे दामों में बेचने का लालच देकर एडवांस में 1-2 लाख ले लेते है। फिर दूसरी टीम के पास जाकर कछुआ मृत होने पर आपस मे लड़ने का व जीवित होने पर भेजी गई दुर्लभ प्रजाति का कछुआ नहीं होने जैसा नाटक कर कछुआ लेने से मना कर देते है । ग्राहक से एडवांस में लिए रुपयों को हडप कर आपस में बंटवारा कर लेते हैं।


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