डार्क जॉन व टीएसपी क्षेत्र सहित तृतीय श्रेणी शिक्षकों व प्रबोधकों के भी हों तबादले...! - शिक्षक संघ रेसटा ने की स्थानांतरण नीति के अनुसार तबादले करने की मांग...!

 सीकर:- शिक्षक संघ एलिमेंट्री सैकेंडरी टीचर एसोसिएशन रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहरसिंह सलावद एवं प्रदेश महिला मंत्री विमला महरिया ने मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री को ज्ञापन भेजकर तृतीय श्रेणी शिक्षकों व प्रबोधकों के भी स्थानांतरण करने की मांग की है।
      प्रदेश मीडिया चेयरपर्सन धर्मेन्द्र कुमार धर्मी एवं सीकर जिलाध्यक्ष देवी सिंह मीना ने बताया कि  राज्य सरकार ने बुधवार को तबादलों से रोक हटाकर शिक्षा विभाग में कार्यरत केवल प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, व्याख्याता व द्वितीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण के लिये ऑनलाइन आवेदन मांगे गए है। जबकि तृतीय श्रेणी शिक्षक वर्षों से तबादलों की बाट जो रहे है। सरकार द्वारा लंबे समय बाद तबादलों से बैन हटाकर शिक्षकों के चेहरे पर मुस्कान दी गई है लेकिन तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले नही करना इन शिक्षकों के साथ धोखा है।
          प्रदेश महिला मंत्री विमला महरिया ने बताया कि राज्य में शिक्षा विभाग में लगभग 4 लाख 55 हजार के करीब कर्मचारी है जिनमे सर्वाधिक संख्या तृतीय श्रेणी शिक्षकों की है जो लंबे समय से तबादलों की बाट जो रहे हैं अब इनको स्थानांतरण से वंचित रखना न्याययोचित नही है। प्रतिबंधित (डार्क जॉन) और टीएसपी क्षेत्र के शिक्षक भी अपने गृह जिले में जाना चाहते हैं। पिछले सत्र में भी सरकार द्वारा प्रधानाचार्य, व्याख्याता के तबादले किए गए थे इनमें भी झुंझुनूं एवं नागौर जिले के तबादले नहीं हुए साथ ही द्वितीय श्रेणी शिक्षकों के ऑनलाइन आवेदन ले लिए गए लेकिन स्थानांतरण नही किये गए। शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा बार बार कहा जा रहा है कि इस बार तबादला नीति के अनुसार ही तबादले होंगे। जबकि अब आचार सहिंता लगी हुई है फिर भी तबादलों से रोक हटाकर बिना तबादला नीति के स्थानांतरण करना कतई सही नही है। ज्ञापन में संगठन द्वारा मांग रखी गई है कि स्थानांतरण की शुरू की गई प्रक्रिया में डार्क जोन जिलों में पदस्थापित शिक्षकों सहित राज्य के सभी तृतीय श्रेणी शिक्षकों व प्रबोधकों के भी ऑनलाइन आवेदन लिए जाकर स्थानांतरण किए जाए।


Popular posts
सीकर मे पचपन किलोमीटर पैदल यात्रा करके मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। - निकाली गई मुख्यमंत्री गहलोत की शव यात्रा (जनाजा यात्रा) क्षेत्र मे चर्चा का विषय बनी।
चित्र
बेरीस्टर असदुद्दीन आवेसी को महेश जोशी द्वारा भाजपा ऐजेंट बताने की कायमखानी ने कड़ी निंदा की।
राजस्थान की राजनीति मे कांग्रेस-भाजपा के अतिरिक्त आगामी विधानसभा चुनावों मे तीसरे विकल्प की सम्भावना बनती दिखाई दे रही है। - कोटा नगर निगम चुनाव मे वेलफेयर पार्टी व एसडीपीआई के उम्मीदवार विजयी होने से हलचल।
जुलाई-19 मे मदरसा पैराटीचर्स के जयपुर मे चले बडे आंदोलन की तरह दांडी यात्रा का परिणाम आया।
चित्र
एआईएमआईएम के राजस्थान आने से पहले कांग्रेस नेताओं मे बोखलाहट। राजस्थान मीडिया मे आवेसी को लेकर बहस व लेख लिखने शुरु।
चित्र