अचानक रक्त दान स्थल बदलने जाने के बावजूद सचिन पायलट के जन्मदिन पर फतेहपुर मे 250 से अधिक यूनिट रक्तदान।


फतेहपुर (सीकर)।
               राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के तेयालिसवे जन्मदिन पर राजस्थान भर के अतिरिक्त लगते प्रदेशो मे जगह जगह उनके राजनीतिक समर्थकों व उनके चाहने वालो ने कोराना काल मे रक्त की कमी को भांपकर जगह जगह रक्दान शिविर लगाकर रक्त दान करने के सिलसिले मे सीकर जिले के फतेहपुर कस्बे मे पहले से तय रक्त दान स्थल सरकारी धानुका अस्पताल प्रशासन द्वारा उक्त स्थल उपलब्ध करवाने को लेकर पहली रात अचानक नो बजे मना करने के बावजूद पायलट के नजदीक माने जाने मोहम्मद शरीफ ने अपने निवास स्थान पर आज पुख्ता इंतेजाम करके रक्तदान शिविर लगाकर उसमे 250 से अधिक यूनिट रक्तदान करवाने के बाद क्षेत्र मे अनेक तरह की राजनीतिक चर्चाओं चलने लगी है।
       


   उक्त रक्त दान शिविर संयोजक मोहम्मद शरीफ ने बताया कि खासतौर पर क्षेत्र के युवाओं मे सचिन पायलट के जन्मदिन पर रक्त दान करने को लेकर काफी उत्साह था लेकिन अचानक स्थल बदले जाने पर आई अड़चनो को पार करके भी शिविर में 250 से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया गया। काफी अन्य ओर लोग रक्त दान करना चाहते थे पर वो स्थल बदलाव के कारण बने हालात के कारण कर नही पाये।                 
               इस रक्त दान शिविर के अवसर पर हाजी हुसैन खाँ, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश भाकर, आसिफ जलालसर, लियाकत खाँ फोरेस्टर, आरीफ खाँ सरपंच, एडवोकेट नयूम हुसैन, मुबारिक खाँ गारिन्डा, रफीक खाँ सामदखानी, मुबारिक अली जाजोद, अय्यूब खाँ बलोदी, असलम खाँ, गोविन्द ढाका, नरेन्द्र झुरीया, पार्षद सुरेश चिरानिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। शिविर में गेटवेल ब्लड बैंक सीकर की टीम ने सेवाएं दी।



एन वक्त पर शिविर का स्थान बदला राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दिया।

         शिविर संयोजक मोहम्मद शरीफ के अनुसार स्थानीय राजनैतिक दबाव के चलते प्रशासन ने एन वक्त पर रात्री नो बजे पहले से मिली इजाजत अनुसार धानुका अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में तय रक्त दान शिविर का आयोजन करने से मना कर दिया। शरीर के मुताबिक रात्रि नौ बजे अस्पताल प्रभारी एसएन सबल ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर में शिविर का आयोजन नहीं हो सकता। कारण पूछने पर बताया कि हम मजबूर है हमारी नोकरी का सवाल है। युवाओं की काफी समझाइस के बाद भी बात नहीं बनी, सूचना पर शहर कोतवाल उदयसिंह यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा। एन वक्त पर शिविर को मोहम्मद शरीफ को अपने निवास पर शिफ्ट करना पड़ा। शिविर में सैनिटाइजर ओर मास्क वितरण भी किया गया तथा कोरोना गाइड लाइन का पूरा खयाल रखा गया।


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