सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

खेल प्रेमी नंदकिशोर महरिया राजस्थान बेसबॉल ऐसोसिएशन के निर्विरोध अध्यक्ष बने।


सीकर।
             छात्र जीवन से लेकर अब तक लगातार खेलो को प्रोत्साहन देने व खिलाड़ियों को हर कदम पर प्रोत्साहित करने वाले स्वयं अच्छे खिलाड़ी रहे खेल प्रेमी  इंजीनियर नंदकिशोर महरिया को सीकर मे ऐसोसिएशन के राजस्थान भर से आये प्रतिनिधियों की उपस्थिति मे हुये चुनावो मे चुनाव अधिकारी सेवानिवृत्त कालेज प्रिंसिपल प्रोफेसर जवार सिहं द्वारा निर्विरोध राजस्थान बेसबाल ऐसोसिएशन का अध्यक्ष निर्वाचित घोषित करने के बाद खेल जगत मे व्यापक स्तर पर खुशी का आलम नजर आया।



              खेल जगत के जाने माने चेहरे पूर्व विधायक नंदकिशोर महरिया के साथ ही उनकी पुरी कार्यकारिणी को भी उक्त मीटिंग मे निर्विरोध चुना गया। इंजीनियरिंग की पढाई के अलावा वकालत की ड़ीग्री पा चुके फतेहपुर शेखावाटी के साबिक विधायक नंदकिशोर महरिया के खेलो को बढावा व खिलाड़ियों मे खेल के प्रति गहरी रुचि व उनमे उसके प्रति लगाव लगातार परवान चढाये रखने के साथ साथ पर्यावरण को शुद्ध बनाये रखने के पेड़-पोधे लगाकर उनकी ढंग से परवरिश करने के साथ साथ पूरे लोकडाऊन मे हजारो जरुरतमंदों को खाद्य सामग्री के किट उपलब्ध कराने से जाहिर होता है कि उनकी खेलो के अलावा खिदमत ऐ खल्क मे भी गहरी रुची दर्शाता है।



           एक शिक्षक के पूत्र नंदकिशोर महरिया का खेलो से जुड़ाव हमेशा से रहने के कारण वो हमेशा किसी ना किसी रुप मे खेलो को बढावा देने के अलावा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का अवसर कभी चूकते नही है। पर्यावरण को शुद्ध बनाये रखने के लिये महरिया हमेशा कुछ ना कुछ कार्य अपने स्तर पर करते रहे है। पीछले बरसात के मोसम मे अपने स्वर्गीय भाई के नाम से बनी सुधीर महरिया स्मृति संस्थान के बेनर तले सीकर शहर स्थित स्मृति वन व अन्य शैक्षणिक संस्थान एवं कब्रिस्तान-शमशान भूमि मे विभिन्न प्रकार के करीब दस हजार पोधे लगाकर उनमे रोजाना पानी डालने के साथ साथ उन्हें सर्दी-गरमी से बचाने के उपाय भी किये गये थे। इसके अलावा कोविड-19 के प्रकोप के कारण जारी लोकडाऊन मे जरुरतमंदों को लगातार पूरे लोकडाऊन मे करीब पच्चीस हजार खाद्य सामग्री के किट सुधीर महरिया स्मृति संस्थान के बेनर तले वितरित करवा कर जिले मे मिशाली खिदमात अंजाम दी है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

राजस्थान मे गहलोत सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की बढती नाराजगी अब चरम पर पहुंचती नजर आने लगी।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरुआत से लेकर अबतक लगातार सरकारी स्तर पर लिये जा रहे फैसलो मे मुस्लिम समुदाय को हिस्सेदारी के नाम पर लगातार ढेंगा दिखाते आने के बावजूद कल जारी भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अलावा राजस्थान प्रशासनिक व पुलिस सेवा की जम्बोजेट तबादला सूची मे किसी भी स्तर के मुस्लिम अधिकारी को मेन स्टीम वाले पदो पर लगाने के बजाय तमाम बर्फ वाले माने जाने वाले पदो पर लगाने से समुदाय मे मुख्यमंत्री गहलोत व उनकी सरकार के खिलाफ शुरुआत से जारी नाराजगी बढते बढते अब चरम सीमा पर पहुंचती नजर आ रही है। फिर भी कांग्रेस नेताओं से बात करने पर उनका जवाब एक ही आ रहा है कि सामने आने वाले वाले उपचुनाव मे मतदान तो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष मे करने के अलावा अन्य विकल्प भी समुदाय के पास नही है। तो सो प्याज व सो जुतो वाली कहावत हमेशा की तरह आगे भी कहावत समुदाय के तालूक से सही साबित होकर रहेगी। तो गहलोत फिर समुदाय की परवाह क्यो करे।               मुख्यमंत्री गहलोत के पूर्ववर्ती सरकार मे भरतपुर जिले के गोपालगढ मे मस्जिद मे नमाजियों क