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कांग्रेस विधायक ने डीआईजी को गिरफ्तारी करने की मांग पुलिस महकमे में खलबली*

धौलपुर।राजस्थान।


              हालांकि राजस्थान सरकार ने भरतपुर परिक्षेत्र के डीआईजी लक्ष्मण गोड को आदेश जारी कर एपीओ कर दिया है, मगर कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा के इस बयान के बाद के डीआईजी लक्ष्मण गोड को गिरफ्तार किया जाए, पुलिस महकमे में सनसनी फैली है।


               बाड़ी विधायक का कहना है कि डीआईजी लक्ष्मण गोड जिले के थानों में पुलिस कर्मियों को लगाकर अवैध बजरी की निकासी कराते थे। जब उनके दलाल प्रमोद शर्मा को ऐसीबी ने गिरफ्तार कर लिया गया है, तो डीआईजी गोड को क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया है उन्होंने पूरे संभाग के पुलिस सिस्टम को खराब कर दिया। उन्होंने हर थाने में अपने गुर्गे पाल रखे थे। एसीबी ने तो केवल दलाल की गिरफ्तारी की है जबकि दलाल से पहले डीआईजी की गिरफ्तारी होनी चाहिए। विधायक मलिंगा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी डीआईजी की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करने के साथ पूरे मामले की सघन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बजरी के चक्कर में ही पुलिस की गोली से जिले के बसई डांग क्षेत्र में किशोर की मौत हो गई। इस मामले में भी डीआईजी की संलिप्तता थी। इसलिए जिले में अवैध बजरी का बड़ा कारोबार चल रहा है। यह कारोबार करीब एक अरब रुपए प्रति वर्ष का है, जिसमें जिले के थानेदारों का पैसा इकट्ठा होकर डीआईजी तक पहुंचता था। 


     उन्होंने कहा कि डीआईजी गोड की गिरफ्तारी के साथ जिले में थानों में तैनात पुलिस अधिकारियों की भी पूरी जांच होनी चाहिए, कौन सा अधिकारी कितना रुपया प्रतिमाह डीआईजी को देता था। इससे जिले की पुलिस में खलबली मची हुई है।


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