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  एसीबी अपनी कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी बनाये व आय से अधिक सम्पत्ति के मामलों में हो गहन पड़ताल  - मुख्यमंत्री अशोक गहलोत


जयपुर।
            मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि भ्रष्ट लोगों में जब तक भय नहीं होगा भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा। भ्रष्टाचार के मामले में राज्य सरकार जीरो टोलरेेंस की नीति पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार खत्म करने में एन्टी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऎसे में एसीबी को अपनी कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने की जरूरत है। एसीबी अधिकारियों को चाहिए कि प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण सही ढंग से कर मामले की तह में जाने का प्रयास करेंं।
            मुख्यमंत्री गहलोत अपने सरकारी निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से गृह रक्षा निदेशालय के नवीन भवन के शिलान्यास एवं भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के नये भवन के लोकार्पण के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एसीबी एवं क्राइम ब्रांच में आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को अच्छी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए, ताकि किसी भी मामले की जांच विशेषज्ञता के आधार पर हो सके। कई बार भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी ट्रैप नहीं हो पाते हैं, ऎसे में आय से अधिक सम्पत्ति के मामलों मे एसीबी अधिकारियों को गहन जांच-पड़ताल कर पता लगाना चाहिए कि सम्पत्ति आय से कई गुना अधिक कैसे बढ़ी। 
         गहलोत ने कहा कि प्राप्त शिकायत की तह में जाकर एसीबी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायत वास्तविक है तो शिकायतकर्ता को विश्वास में लेकर सही जांच हो और तार्किक अंत तक पहुंचे। शिकायत अगर झूठी है तो शिकायतकर्ता को उचित दंड मिले। 


कोरोना संक्रमण से लड़ाई में होमगार्ड की भूमिका को अहम बताते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के खिलाफ जंग में होमगार्ड के जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान पुलिस के साथ मिलकर आमजन तक राशन पहुंचाने से लेकर कानून व्यवस्था बनाये रखने में होमगार्ड के जवानों ने अच्छा सहयोग किया है, इसके लिये वे साधुवाद के पात्र हैं। कोरोना से लड़ाई में आगे भी लंबा सफर तय करना है और इसमें होमगार्ड की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। 
           गहलोत ने कहा कि होमगार्ड के जवानों को जरूरत पड़ने पर ही बुलाया जाता है, ऎसे में काम कम मिलता है और परिवार चलाने में दिक्कत होती है। उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह को निर्देश दिये कि ऎसी व्यवस्था की जाए कि होमगार्ड जवान और अधिक सक्षम हो कर काम कर सकें। उन्होंने कहा कि गृह रक्षा विभाग की ओर से होमगार्ड से संबंधित मांगें रखी गई हैं, उनका परीक्षण करवा कर इस संबंध में यथासम्भव कार्यवाही की जाएगी।
              मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास से वीसी के माध्यम से भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के नव निर्मित भवन का लोकार्पण एवं एसीबी की हैल्प लाइन 1064 का भी शुभारंभ किया। हैल्प लाइन के शुभारंभ के बाद पहला कॉल करते हुए मुख्यमंत्री ने ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी से कहा कि एसीबी अधिकारी आमजन की ओर से इस हैल्प लाइन पर की गई शिकायत का तत्परता से हल करने का प्रयास करें। श्री गहलोत ने गृह रक्षा निदेशालय के भवन का शिलान्यास किया और प्रस्तावित भवन के मॉडल का भी अवलोकन किया।
         कार्यक्रम में नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि होमगार्ड जवानों ने कई मौकों पर सक्रियता एवं उपयोगिता दर्शाई है। ढाई हजार नए होमगार्ड की भर्ती प्रक्रियाधीन है, इस नई भर्ती से गृह रक्षा विभाग को मजबूती मिलेगी। 
              गृह रक्षा राज्य मंत्री भजन लाल जाटव ने बताया कि होमगार्ड जवानों के प्रशिक्षण के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 17 करोड़ रूपये का बजट विभाग को आवंटित किया है। होमगार्ड लांगरी का वेतन 2500 से बढ़ाकर 6300 रूपये प्रतिमाह एवं होमगार्ड जवानों को मिलने वाला प्रशिक्षण भत्ता भी 100 रूपये से बढ़ाकर 200 रूपये प्रतिदिन कर दिया गया है। वर्ष 2016-17 से लंबित मुख्य आरक्षी, प्लाटून कमांडर एवं कम्पनी कमांडर की पदोन्नति की प्रक्रिया भी 2019-20 में पूरी कर अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। इन सभी कदमों से उनका मनोबल बढ़ा है। 
        कार्यक्रम की शुरूआत में अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह राजीव स्वरूप ने एसीबी के नए भवन एवं होमगार्ड निदेशालय भवन के लिए बजट उपलबध कराने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हैल्प लाइन शुरू होने से एसीबी का आंतरिक सूचना तंत्र और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेगा। महानिदेशक, गृह रक्षा राजीव दासोत ने कहा कि 1962 में होमगार्ड की स्थापना के समय से ही इसका अपना भवन नहीं था, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भवन के लिए विद्याद्यर नगर जयपुर में 1250 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की और भवन निर्माण के लिए 11.30 करोड़ का बजट आवंटित किया। नये भवन में अधिकारियों के बैठने के लिये कमरों के अलावा वीसी रूम, ऑडिटोरियम, कम्प्यूटर लैब, योगा कक्ष, लाइब्रेरी आदि सुविधाएं भी हाेंगी। 
         महानिदेशक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो आलोक त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एसीबी ने भ्रष्टाचार के 550 मामले दर्ज किये, 380 ट्रैप किये एवं 30 के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति के मामले दर्ज किये। इस अवधि में अभी तक 160 भ्रष्ट लोगों को कोर्ट से सजा मिली है। उन्होंने कहा कि नये भवन में आधुनिक संसाधनों एवं तकनीकी सपोर्ट मिलने से एसीबी की कार्यप्रणाली और बेहतर हो सकेगी।
         इस अवसर पर मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह, डीजी   (लॉ एण्ड ऑर्डर) एम.एल. लाठर, डीजी (क्राइम) बी.एल. सोनी, डीजी (पुलिस पुनर्गठन) के. नरसिम्हा राव एवं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान वीसी के माध्यम से स्थानीय विधायक एवं जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, होमगार्ड के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं आमजन भी जुड़े रहे।


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