सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

भाजपा नेत्री और अभिनेत्री जयाप्रदा को बड़ी राहत , हाई कोर्ट ने गैर जमानती वारंट किए रद्द



रामपुर :-भाजपा नेत्री एवं पूर्व सांसद फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा नाहटा के खिलाफ लोकसभा चुनाव के दौरान थाना स्वार व कैमरी में चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में मुकदमे दर्ज हुए थे, जिस पर पुलिस ने बिना बयान दर्ज किए ही उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जिस पर पुनः विवेचना में उपरोक्त मुकदमों में आचार संहिता का उल्लंघन होना नहीं पाया गया। लेकिन मा. न्यायालय द्वारा मामला संज्ञान में लेने के कारण जयाप्रदा के खिलाफ दोनों मामलों में रामपुर स्पेशल जज (एमपी/एमएलए) न्यायालय-6 द्वारा उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए। जिनको अब माननीय उच्चन्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया है।


पूर्व सांसद जयाप्रदा ने उपरोक्त मामले के विरुद्ध हाईकोर्ट में अपने करीबी अधिवक्ता मुस्तफा हुसैन को मुकदमे में पैरोकार बनाते हुए याचिका संख्या 11542/2020 व 11592/2020 दाखिल करवाई। माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा जयाप्रदा की ओर से दायर याचिकाओं में निर्णय आदेश दिनांक 26.6.2020 को पारित कर उनके विरुद्ध न्यायालय विशेष न्यायधीश (एमपी/एमएलए) जनपद रामपुर में विचाराधीन वाद एन.सी. आर संख्या-37/2019 थाना केमरी व एन.सी. आर संख्या-59/2019 थाना स्वार में आरोप पत्र पर लिए गए संज्ञान तथा जारी समस्‍त वारंट को निरस्त एवं अपास्त कर दिया गया है।

आखिर क्या था पूरा मामला
रामपुर लोकसभा चुनाव के दौरान थाना कैमरी के ग्राम पिपलिया मिश्र में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी एवं पूर्व सांसद जयाप्रदा के के विरुद्ध दिनांक 20 अप्रैल 2019 को एनसीआर 37/ 2019 दर्ज की गई थी। थाना स्वार के ग्राम नूरपुर में लोकसभा चुनाव के दौरान दिनांक 22 अप्रैल 2019 को सड़क का उद्घाटन करने के मामले में भी चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन के मामले में एनसीआर 59/2019 दर्ज हुई थी। जिस पर दोनों मामलों में पुनः विवेचना में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन होना नहीं पाया गया है।

इस संबंध में उनके अधिवक्ता मुस्तफा हुसैन ने बताया रामपुर लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी रही एवं पूर्व सांसद जयप्रदा के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में थाना स्वार और थाना कैमरी में एनसीआर दर्ज की थी जिस पर माननीय रामपुर न्यायालय द्वारा उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए थे जिस पर अभिनेत्री जयाप्रदा की ओर से अधिवक्ता मुस्तफा हुसैन माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद गए और वहां पर अभिनेत्री जयाप्रदा की ओर से याचिका दायर की जिस पर माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा अपना निर्णय दिया गया है जिसमें उन्होंने जितने भी गैर जमानती वारंट और अन्य वारंट जयप्रदा के खिलाफ जारी हुए थे उनको निरस्त कर दिया गया है और मामले को स्टेट केस के रूप में ना चलाते हुए परिवाद के रूप में चलाया जाएगा।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

राजस्थान मे गहलोत सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की बढती नाराजगी अब चरम पर पहुंचती नजर आने लगी।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरुआत से लेकर अबतक लगातार सरकारी स्तर पर लिये जा रहे फैसलो मे मुस्लिम समुदाय को हिस्सेदारी के नाम पर लगातार ढेंगा दिखाते आने के बावजूद कल जारी भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अलावा राजस्थान प्रशासनिक व पुलिस सेवा की जम्बोजेट तबादला सूची मे किसी भी स्तर के मुस्लिम अधिकारी को मेन स्टीम वाले पदो पर लगाने के बजाय तमाम बर्फ वाले माने जाने वाले पदो पर लगाने से समुदाय मे मुख्यमंत्री गहलोत व उनकी सरकार के खिलाफ शुरुआत से जारी नाराजगी बढते बढते अब चरम सीमा पर पहुंचती नजर आ रही है। फिर भी कांग्रेस नेताओं से बात करने पर उनका जवाब एक ही आ रहा है कि सामने आने वाले वाले उपचुनाव मे मतदान तो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष मे करने के अलावा अन्य विकल्प भी समुदाय के पास नही है। तो सो प्याज व सो जुतो वाली कहावत हमेशा की तरह आगे भी कहावत समुदाय के तालूक से सही साबित होकर रहेगी। तो गहलोत फिर समुदाय की परवाह क्यो करे।               मुख्यमंत्री गहलोत के पूर्ववर्ती सरकार मे भरतपुर जिले के गोपालगढ मे मस्जिद मे नमाजियों क