सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बढ़े तेल के दामों को वापस ले सरकार : राजनाथ शर्मा - गाँधी भवन में सामूहिक उपवास रखकर जताया विरोध


बाराबंकी। देश में लगातार 21वें दिन डीजल व पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के चलते रविवार को नगर के देवा रोड स्थित गाँधी भवन में गाँधीवादी राजनाथ शर्मा के नेतृत्व में एक दिवसीय उपवास रखा गया।
 
श्री शर्मा ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि डीजल की कीमत पेट्रोल से भी महंगी हो गई है। अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी निम्न स्तर तक गिर जाने के बावजूद भी केंद्र व प्रदेश सरकार देश में पेट्रोल व डीजल के दामों में निरंतर वृद्धि कर रही हैं। इन बढ़ती कीमतों का असर खास तौर पर देश की आम जनता पर पड़ा हैं। 


श्री शर्मा ने कहा कि पेट्रोल व डीजल के बढ़ते दामों से ट्रांसपोर्ट का खर्च काफी बढ़ चुका है। जिस कारण व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा रहा है। वहीं किसानों को सिंचाई के लिए डीजल महंगा मिलने से उनकी खेती प्रभावित हो रही है। डॉ लोहिया ने कहा था कि वस्तुओं के दाम बाँधे जाए। जिससे कि खाद्य सामग्रियों के बढ़े मूल्यों को नियंत्रित किया जा सके। सरकार लॉक डाउन से पहले की स्थिति बहाल करे। 



सोशल एक्टिविस्ट रिजवान रजा ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि इस बढ़ती महंगाई से आम जनता का जीना दुश्वार हो गया है। केंद्र सरकार को जल्द से जल्द पेट्रोल डीजल के बढे दामों को वापस लेकर आम जनता को राहत देनी चाहिए। ऐसे समय महंगाई रोकने के लिए केंद्र सरकार को डॉ. राम मनोहर लोहिया की ‘दाम बांधो नीति’ अपनानी चाहिए। 


समाजसेवी विनय कुमार सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार जिस तरह पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार बढ़ोत्तरी कर रही है, उससे जनता में त्राहि-त्राहि मच गई है। डीजल के दाम में अभूतपूर्व वृद्धि कर सरकार ने जनता की कमर तोड़ने का काम किया है। 


समाजवादी नेता उमानाथ यादव ‘सोनू’ ने कहा कि देश में महंगाई चरम पर पहुंच रही है। सरकार न महामारी से लड़ पाई और ना ही विदेश नीति में सफल हो पाई। ऐसे में समाजवादी युवजन सभा द्वारा तेल मूल्य वृद्धि के विरुद्ध विधानसभा घेराव किए जाने पर पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज करके लोकतांत्रिक व्यवस्था का मखौल उड़ाया है।
 
इस मौके उपस्थित सत्याग्रहियों ने सरकार से तेल वृद्धि वापिस लेने की मांग की है। इस मौके पर प्रमुख रूप से मृत्युंजय शर्मा, सत्यवान वर्मा, पी के सिंह, अशोक जायसवाल, पाटेश्वरी प्रसाद, नीरज दुबे, ज्ञान शंकर तिवारी मौजूद रहे।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया

 आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया। विद्यालय में इस सत्र में आई.सी.एस.ई. (कक्षा 10) तथा आई.एस.सी. (कक्षा 12) में कुल सम्मिलित छात्र-छात्राओं की संख्या क्रमशः 153 और 103 रही। विद्यालय का परीक्षाफल शत -प्रतिशत रहा। इस वर्ष कोरोना काल में परीक्षा परिणाम विगत पिछले परीक्षाओं के आकलन के आधार पर निर्धारित किए गए है ।  आई.सी.एस.ई. 2021 परीक्षा में स्वयं गर्ग ने 98% अंक लाकर प्रथम,  ऋषिका अग्रवाल  ने 97.6% अंक लाकर द्वितीय तथा वृंदा अग्रवाल ने 97.4% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   आई .एस.सी. 2021 परीक्षा में आयुष शर्मा  ने 98.5% अंक लाकर प्रथम, कुशाग्र पांडे ने 98.25% अंक लाकर द्वितीय तथा आरुषि अग्रवाल ने 97.75% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   उल्लेखनीय है कि आई.एस.सी. 2021 परीक्षा में इस वर्ष विद्यालय में 21 छात्रों ने तथा आई.सी.एस.ई.की परीक्षा में 48 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक लाएं।   आई.सी.एस. 2021 परीक्षा में प्रथम आये आयुष शर्मा के पिता श्री श्याम जी शर्मा एक व्यापारी हैं । वह भविष्य में

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह