श्रमिकों को गाव मे ही रोजगार देवे - जे.पी. बुनकर

 


सीकर  30 अप्रेल।
                 जिला परिषद सभागार में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जे.पी. बुनकर की अध्यक्षता में पंचायत समिति के सहायक अभियन्ता एवं कनिष्ठ अभियन्ताओं की समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जे.पी. बुनकर ने कहा कि नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के लॉकडाउन के मध्यनजर गांव में ही स्थानीय श्रमिकों को महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत रोजगार उपलब्ध करवाया जावें ताकि गांव के लोगों का शहरों की ओर पलायन रोका जा सके। 
                 समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी बुनकर ने कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा योजनान्तर्गत नियोजित श्रमिकों की मजदूरी भी बढाई जा चुकी है।  महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत एनआरएम एवं कृषि से सम्बन्धित गतिविधियों पर कुल व्यय का कम से कम 65 प्रतिशत व्यय किया जाना सुनिश्चित करावें ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट सके। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), एमपी लैड, एमएलए लैड, टीएफसी, एसएफसी, एफएफसी इत्यादि योजनाओं की समीक्षा कर इनमें चल रहे कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। अधिशाषी अभियन्ता विनोद दाधीच ने प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत चालू कार्यों के महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत प्राथमिकता से मस्टरोल जारी कर उन्हें तत्काल पूर्ण करवाने के लिए निर्देशित किया गया। उन्होंने उपस्थित अभियन्ताओं को प्रतिदिन श्रमिकों के नियोजन बढाने, अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने, कार्यस्थल पर श्रमिकों के लिए हाथ धोने व मेडिकल किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं कार्यों पर नियोजित श्रमिकों को जागरूक कर सामाजिक दूरी संधारित रखने के लिए भी निर्देशित कि


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