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प्रधानमंत्री ने राम मंदिर मुद्दे के हल, सीएए को दूसरे कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां बताया

नयी दिल्ली, :: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने, राम मंदिर मुद्दे के समाधान, एक बार में तीन तलाक को अपराध की श्रेणी में लाने तथा संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहले साल की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिनाया और कहा कि ऐसे निर्णयों ने भारत की विकास यात्रा को नई गति, नए लक्ष्य दिए और लोगों की अपेक्षाओं को पूरा किया है।


प्रधानमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ के अवसर पर देशवासियों के नाम खुले पत्र में मोदी ने कहा कि वर्ष 2019 में देश की जनता ने केवल सरकार को जारी रखने के लिये ही वोट नहीं दिया बल्कि जनादेश देश के बड़े सपनों और आशाओं-आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए था। और इस एक साल में लिए गए फैसले इन्हीं बड़े सपनों की उड़ान है। उन्होंने कहा कि गत एक वर्ष में देश ने सतत नए स्वप्न देखे, नए संकल्प लिए और इन संकल्पों को सिद्ध करने के लिए निरंतर निर्णय लेकर कदम भी बढ़ाए।


मोदी ने कहा, ‘‘ राष्ट्रीय एकता-अखंडता के लिए अनुच्छेद 370 (प्रावधानों को समाप्त करने) की बात हो, सदियों पुराने संघर्ष के सुखद परिणाम के रूप में राम मंदिर निर्माण की बात हो, आधुनिक समाज व्यवस्था में रुकावट बना एक बार में तीन तलाक (अपराध की श्रेणी में लाना) हो, या फिर भारत की करुणा का प्रतीक संशोधित नागरिकता कानून हो... ये सारी उपलब्धियां आप सभी को स्मरण हैं।’’ पिछले साल एक बार में तीन तलाक को अपराध की श्रेणी में लाने का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ आधुनिक समाज व्यवस्था में रूकावट बना तीन तलाक अब इतिहास बन चुका है। ’’ प्रधानमंत्री ने पत्र में कहा कि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के पद के गठन ने जहां सेनाओं में समन्वय को बढ़ाया है, वहीं मिशन गगनयान के लिए भी भारत ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।


उन्होंने कहा कि गरीबों को, किसानों को, महिलाओं-युवाओं को सशक्त करना हमारी प्राथमिकता रही है। अब पीएम किसान सम्मान निधि के दायरे में देश का प्रत्येक किसान आ चुका है और बीते एक वर्ष में इस योजना के तहत 9 करोड़ 50 लाख से ज्यादा किसानों के खातों में 72 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि जमा कराई गई है।


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