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जुमातुल विदा की विशेष नमाज मस्जिदों मे सामुहिक रुप के बजाय घरो मे अदा गई।

 


            ।अशफाक कायमखानी।


जयपुर।


            लोकडाऊन के चलते राजस्थान की राजधानी जयपुर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के साथ साथ प्रदेश भर की सभी मस्जिदो मे पवित्र माह रमजान का आखिरी जुमा "जुमातुल विदा" की विशेष नमाज सामुहिक रुप से नही पढी जाने के साथ साथ मस्जिद मे चार-पांच नमाजियों ने सरकारी आदेश के मुताबिक उक्त विशेष नमाज अदा की। बाकी सभी लोगो द्वारा अपने अपने घरो मे रहकर इबादत की गई है।


                 अनेक उम्रदराज लोगो का कहना है कि जयपुर के जौहरी बजार स्थित जामा मस्जिद मे 160 साल मे पहली दफा जुमातुल विदा की नमाज सामुहिक तौर पर अदा नही हो पाई है। वही प्रदेश भर मे मस्जिदों की तामीर के बाद उसमे नमाज शुरू होने के बाद से अबके पहली दफा आज सामुहिक तौर पर जुमातुल विदा की नमाज अदा नहीं हो पाई है। पवित्र माह रमजान के आखिरी जुमा (शुक्रवार) को जुमातुल विदा की विशेष नमाज अदा की जाती है। एक तरह से यह रमजान माह की विदाई का दिन के रुप मे देखा जाता है। इस दिन रोजो की विदाई होने के संकेत से अनेक रोजेदार रोजो की विदाई से गमगीन होकर अल्लाह पाक से गिड़गिड़ा कर दुवाऐ व माफी मांगते है। जुमातुल विदा के दिन नमाजी अच्छी तरह स्नान कर पाकसाफ होकर साफ सुथरे कपड़े पहनकर खुशबू लगाकर नमाज अदा करते है।


                भारतीय इतिहास मे पहली दफा ऐसा देखा गया है कि जुमातुल विदा की नमाज मस्जिद मे सामुहिक तौर पर भारत भर मे अदा नही हो पाई है। वही कोराना के चलते रोजो के इनाम के तौर पर मनाये जाने वाले त्यौहार 'ईद" की किसी तरह की खरीदारी नही करने का मुस्लिम समुदाय ने निर्णय लेकर उससे होने वाली बचत से गरीब-मजलूम व बेसहारों की मदद करने का निर्णय लेकर सकारात्मक संदेश दिया है।


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