सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

दिल्ली में दो महीने बाद सार्वजनिक परिवहन बहाल

नयी दिल्ली,::  दिल्ली में करीब दो महीने बाद, सार्वजनिक परिवहन सेवा मंगलवार को बहाल हो गई। सड़कों पर बसें, ऑटो और टैक्सियां चल रही हैं, लेकिन सीमित संख्या में इनमें सवारियां यात्रा कर रही हैं।


दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि सार्वजनिक परिवहन को बहाल करने के संबंध में विभाग सभी जरूरी सावधानी बरत रहा है और लोगों से मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है ।


उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘हमने कुछ टर्मिनल और बस स्टैंड पर बस में चढ़ने से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। हम सभी व्यस्त बस स्टैंड पर इसे लागू करने का प्रयास करेंगे। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार जनता के लिए सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करने को लेकर सभी आवश्यक कदम उठा रही है।’’


दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और क्लस्टर बस सेवा शुरू हो गयी है और कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी के नियम और सैनेटाइजर का इस्तेमाल तथा मास्क जैसे सुरक्षा उपायों को लागू किया गया है।


परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘जितना संभव हो रहा है, उतनी ज्यादा बसें चलाने की हम कोशिश कर रहे हैं। लेकिन कई बसें विशेष अनुबंध के काम में लगी हैं और कुछ चालक तथा परिचालक एनसीआर के शहरों में रहते हैं, इसलिए उन्हें ड्यूटी पर आने में परेशानी हो रही है। आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार होगा। ’’


उन्होंने बताया कि सुबह में बस सेवा बहाल होने के बाद से कोई बड़ी दिक्कत नहीं आई। हालांकि कुछ इलाकों में लोगों को थोड़ा लंबे वक्त तक इंतजार करना पड़ा।


सूत्रों ने बताया कि ग्रामीण इलाके में कुछ क्लस्टर बसों का परिचालन नहीं हो पाया क्योंकि लॉकडाउन की अवधि का वेतन भुगतान नहीं होने के कारण ड्राइवर काम पर नहीं आए ।


एक सूत्र ने बताया, ‘‘ढिचाऊं कलां, कंझावला, कैर और बवाना डिपो से कई क्लस्टर बसें नहीं चलीं क्योंकि लंबित वेतन भुगतान की मांग कर रहे ड्राइवरों ने काम पर आने से मना कर दिया। ’’


दिल्ली इंटिग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्ट्स) के तहत शहर में 2500 से ज्यादा क्लस्टर बसों का परिचालन होता है । डीटीसी करीब 3900 बसें चलाती है ।


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को पाबंदियों में ढील का ऐलान किया था, जिनमें सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सार्वजनिक परिवहन को बहाल करना शामिल था। हालांकि लॉकडाउन 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है।


उन्होंने कहा था, ‘‘एक बस में 20 सवारियों को यात्रा करने की इजाजत होगी। परिवहन विभाग की जिम्मेदारी होगी कि वह यात्रा के दौरान और बस स्टॉप पर सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराए। ’’


मुख्यमंत्री ने कहा था कि टैक्सी, ऑटो और कैब के चालकों को हर यात्रा के बाद यात्री की बैठने की जगह को संक्रमण मुक्त करना होगा।


दिल्ली में मार्च के आखिरी हफ्ते में बसें और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवा बंद कर दी गई थीं। 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

राजस्थान मे गहलोत सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की बढती नाराजगी अब चरम पर पहुंचती नजर आने लगी।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरुआत से लेकर अबतक लगातार सरकारी स्तर पर लिये जा रहे फैसलो मे मुस्लिम समुदाय को हिस्सेदारी के नाम पर लगातार ढेंगा दिखाते आने के बावजूद कल जारी भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अलावा राजस्थान प्रशासनिक व पुलिस सेवा की जम्बोजेट तबादला सूची मे किसी भी स्तर के मुस्लिम अधिकारी को मेन स्टीम वाले पदो पर लगाने के बजाय तमाम बर्फ वाले माने जाने वाले पदो पर लगाने से समुदाय मे मुख्यमंत्री गहलोत व उनकी सरकार के खिलाफ शुरुआत से जारी नाराजगी बढते बढते अब चरम सीमा पर पहुंचती नजर आ रही है। फिर भी कांग्रेस नेताओं से बात करने पर उनका जवाब एक ही आ रहा है कि सामने आने वाले वाले उपचुनाव मे मतदान तो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष मे करने के अलावा अन्य विकल्प भी समुदाय के पास नही है। तो सो प्याज व सो जुतो वाली कहावत हमेशा की तरह आगे भी कहावत समुदाय के तालूक से सही साबित होकर रहेगी। तो गहलोत फिर समुदाय की परवाह क्यो करे।               मुख्यमंत्री गहलोत के पूर्ववर्ती सरकार मे भरतपुर जिले के गोपालगढ मे मस्जिद मे नमाजियों क