सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सरकार ने अधिकारियों से सुनिश्चित करने को कहा : फार्मा इकाइयां निर्बाध रूप से काम करें

नयी दिल्ली, :: कोरोना वायरस संकट से मुकाबला करने के लिए सरकार ने रविवार को सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि दवाइयां और उपकरण तैयार करने वाली फार्मा इकाइयां निर्बाध रूप से काम कर सकें। इससे एक दिन पहले ही भारत ने अधिकतर डायग्नोस्टिक किट के निर्यात पर रोक लगा दी थी।


उधर अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि कोरोना का संक्रमण हवा से फैलता है।


रविवार को ही आव्रजन अधिकारियों ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आठ मलेशियाई नागरिकों को पकड़ा जिन्होंने यहां निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में भाग लिया था। वे लोग फंसे हुए यात्रियों के लिए एक विशेष उड़ान से देश से भागने की फिराक में थे।


इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कोरोना वायरस के कारण 11 और लोगों की मौत हो गयी जिससे मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 79 हो गयी। पिछले 24 घंटों में 472 नए मामलों के साथ 3,374 लोगों के इस वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि की गई।


हालांकि, राज्यों द्वारा दी गयी जानकारी के आधार पर पीटीआई भाषा के आंकड़ों के अनुसार कम से कम 106 मौतें हुयी हैं जबकि कुल मामलों की संख्या बढ़कर 3,624 तक पहुंच गई। इनमें से 284 लोग ठीक हो गए हैं।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने जोर दिया कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कोरोना वायरस का संक्रमण हवा से फैलता है।


मंत्रालय ने कहा कि भारत में कोरोना के मामलों में दोगुना इजाफा होने की दर 4.1 दिन हो गयी है, लेकिन अगर दिल्ली में तबलीगी जमात के धार्मिक आयोजन के बाद हाल ही में  संक्रमण फैलने की घटना न होती तो यह दर 7.4 दिन होती। 


इस बीच विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बाद की स्थिति के मद्देनजर रणनीति पर विचार शुरू कर दिया है।


इस बीमारी के कारण दुनिया भर में 65,600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।


ऐसा प्रतीत होता है कि अभी केंद्र और राज्य सरकारों का ध्यान दो प्रमुख पहलुओं पर केंद्रित है। पहला, तेजी से फैलने वाले वायरस को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयासों को जारी रखना और दूसरा लॉकडाउन के बाद की रणनीति तैयार करना है।


रेलवे सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि यात्री सेवाएं बहाल करने के बारे में आने वाले हफ्तों में निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन के समाप्त होने के बाद की स्थिति में कई प्रस्तावों पर गौर किया जा रहा है।


सभी शिक्षण संस्थानों के बंद रहने के बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने पीटीआई भाषा से विशेष बातचीत में कहा कि सरकार 14 अप्रैल को स्थिति की समीक्षा करने के बाद इस संबंध में फैसला करेगी।


उन्होंने कहा कि छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका मंत्रालय यह सुनिश्चित करने की तैयारी कर रहा है कि अगर 14 अप्रैल से आगे भी स्कूल और कॉलेज बंद रहते हैं तो छात्रों को कोई शैक्षणिक नुकसान नहीं हो।


कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने जिला स्तरीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि दवाइयां और उपकरण बनाने वाली इकाइयां निर्बाध रूप से चलती रहें।


स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि गौबा ने रविवार को जिला मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, राज्य और जिला निगरानी अधिकारियों, राज्य के स्वास्थ्य सचिवों और जिला स्वास्थ्य सचिवों और मुख्य सचिवों के साथ बैठक की।


अग्रवाल ने कहा कि शनिवार से कोरोना के 472 नए मामले सामने आए हैं और 11 मौतें हुईं हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना से संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 3,374 हो गए हैं।


स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 3,030 लोग अब भी इससे संक्रमित हैं।


इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सहित विभिन्न दलों के कई नेताओं से कोरोना वायरस महामारी की स्थिति पर चर्चा की।


सूत्रों ने बताया कि मोदी ने घातक कोविड-19 से जुड़े मुद्दों पर पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा से भी चर्चा की।


उन्होंने कहा कि शीर्ष नेताओं से उनकी बातचीत इस मुद्दे पर विभिन्न पक्षों के साथ विचार-विमर्श करने का हिस्सा थी।


मोदी ने समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस नेता के. चंद्रशेखर राव, द्रमुक के एम. के. स्टालिन और शिरोमणि अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल सहित कई नेताओं से भी बातचीत की।


प्रधानमंत्री आठ अप्रैल को विभिन्न राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं से भी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बातचीत करेंगे।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया

 आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया। विद्यालय में इस सत्र में आई.सी.एस.ई. (कक्षा 10) तथा आई.एस.सी. (कक्षा 12) में कुल सम्मिलित छात्र-छात्राओं की संख्या क्रमशः 153 और 103 रही। विद्यालय का परीक्षाफल शत -प्रतिशत रहा। इस वर्ष कोरोना काल में परीक्षा परिणाम विगत पिछले परीक्षाओं के आकलन के आधार पर निर्धारित किए गए है ।  आई.सी.एस.ई. 2021 परीक्षा में स्वयं गर्ग ने 98% अंक लाकर प्रथम,  ऋषिका अग्रवाल  ने 97.6% अंक लाकर द्वितीय तथा वृंदा अग्रवाल ने 97.4% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   आई .एस.सी. 2021 परीक्षा में आयुष शर्मा  ने 98.5% अंक लाकर प्रथम, कुशाग्र पांडे ने 98.25% अंक लाकर द्वितीय तथा आरुषि अग्रवाल ने 97.75% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   उल्लेखनीय है कि आई.एस.सी. 2021 परीक्षा में इस वर्ष विद्यालय में 21 छात्रों ने तथा आई.सी.एस.ई.की परीक्षा में 48 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक लाएं।   आई.सी.एस. 2021 परीक्षा में प्रथम आये आयुष शर्मा के पिता श्री श्याम जी शर्मा एक व्यापारी हैं । वह भविष्य में

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह