सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

राजस्थान मे कोविड-19 महामारी कम्यूनिटी संक्रमत की स्थिति मे नहीं।


जयपुर।
               राजस्थान में अभी तक कोविड-19 महामारी कम्यूनिटी संक्रमण की स्थिति में नहीं पहुंची है। जयपुर के रामगंज में बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हैं, लेकिन स्थिति अभी भी नियंत्रण में है। राज्य सरकार वहां ज्यादा से ज्यादा लोगों के सैंपल टेस्ट और पॉजिटिव रोगियों के संपर्क में आये अन्य लोगों को क्वारंटाइन करने पर जोर दे रही है। लॉकडाउन के अगले चरण की रूपरेखा को विशेषज्ञों की समिति अंतिम रूप दे रही है। 
          मुख्यमंत्री जयपुर निवास से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न मीडिया माध्यमों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की। एक प्रश्न के जवाब में बताया कि रामगंज में स्वास्थ्य विभाग तथा प्रशासन युद्ध स्तर पर स्क्रीनिंग तथा टेस्टिंग की कार्यवाही को अंजाम दे रहा है, जिससे जल्द संक्रमित लोगों की सही संख्या पता चल जाएगी। घनी आबादी के कारण इस क्षेत्र में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एक बड़ी चुनौती है, लेकिन सरकार के विभिन्न विभाग उसी गंभीरता के साथ संक्रमण को रोकने के प्रयास में जुटे हैं। ‘भीलवाड़ा मॉडल‘ का मतलब ही ‘सख्ती‘ है। रामगंज सहित पूरे प्रदेश में जहां भी कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं, वहां तयशुदा प्रोटोकॉल का कड़ाई के साथ प्रभावी रूप से पालन कर स्क्रीनिंग, संदिग्ध मरीजों का सर्वे और सैम्पल लेने का काम किया जा रहा है। 
         एक सवाल के जवाब में  मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वे और स्क्रीनिंग का मकसद घर-घर जाकर इस बात का पता लगाना है कि कहीं कोई बीमार तो नहीं है या किसी में इस वायरस से संबंधित लक्षण पाये जाये तो वहां मेडिकल टीम भेजी जा सके। भीलवाड़ा में करीब 6 लाख घरों की स्क्रीनिंग हुई थी जिनमें से 14000 लोगों में फ्लू के लक्षण पाये गये थे, जिनकी आगे जांच कर पॉजिटिव रोगियों का पता लगाया गया। प्रदेश में निरोगी राजस्थान अभियान पहले से ही चल रहा है, जिससे लोगों में जागरूकता है।
         एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए समुचित प्रबन्ध हैं। पीपीई किट सहित उपकरणों की वर्तमान में कोई कमी नहीं है। किसी भी संवर्ग के कार्मिक की कोरोना योद्धा के रूप में काम करते समय संक्रमित होकर मृत्यु की स्थिति में प्रदेश सरकार ने परिजनों को 50 लाख रूपये की मुआवजा राशि देने की घोषणा की है। संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ने पर आवश्यकता के अनुसार और अधिक क्वारंटाइन सेंटर्स तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। 
          एक मीडिया प्रतिनिधि के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के कारण काम-धंधे बंद होने के चलते एक भी व्यक्ति को भूखा नहीं सोने देने के संकल्प की पूरी पालना की जा रही हैं। कुछ अपवाद को छोड़कर राजस्थान में कहीं से भी प्रवासी मजदूरों और उनके परिजनों के भूखे रहने की शिकायत नहीं मिली हैं। जहां से भी सूचना मिलती है वहां तुरन्त राशन, सूखी भोजन सामग्री अथवा पका हुआ भोजन पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। जयपुर में रोजाना भोजन के एक लाख पैकेट बांटे जा रहे हैं। इसी प्रकार, अन्य शहरों और प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भोजन व्यवस्था की जा रही है। बेघर लोगों, दिहाड़ी मजदूरों, ठेले-थड़ी वालों का सभी जिलों में विशेष सर्वे करवाकर उन्हें सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
         राज्य सरकार के निर्देश हैं कि फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों का वेतन फैक्ट्री मालिकों की ओर से लॉकडाउन के कारण नहीं रोका जाये। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री मालिकों को चाहिए कि जिन मजदूरों के खून-पसीने से उनकी फैक्ट्री चलती है उन्हें परिवार का सदस्य मानकर विपदा की इस घड़ी में उनका साथ देने को मुख्यमंत्री ने कहा।
             एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि देश के सभी राज्यों की आर्थिक स्थिति पहले से ही ठीक नहीं थी। कोरोना के संक्रमण और इसके क्रम में लॉकडाउन के कारण हालात और खराब हो गये हैं। हमने सभी राज्यों की इस बेहद चिंताजनक स्थिति के मद्देनजर प्रधानमंत्री से एक लाख करोड़ रूपये की राशि अनुदान के रूप में देने का आग्रह किया है। राज्य के जीडीपी के 3 प्रतिशत तक की राजकोषीय घाटे की सीमा को 5 प्रतिशत करने, राज्यों को वेज एण्ड मीन्स की स्थिति में ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने तथा प्रोत्साहन पैकेज देने की मांग भी रखी गई है। अभी तक राजस्थान में वेज एण्ड मीन्स की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन 15 राज्य वर्तमान में इस संकट से जुझ रहे हैं। इन राज्यों को तुरन्त ब्याज मुक्त ऋण के रूप में केन्द्रीय सहायता की आवश्यकता है।
         प्रदेश के आर्थिक हालात सुधारने के लिए भविष्य की रणनीति के विषय में पूछे गये सवाल पर कहा कि इस संदर्भ में प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेस के दौरान भी सुझाव दिये गये हैं। राजस्थान की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिये सलाहकार श्री अरविंद मायाराम की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की टास्क फोर्स बनाई गयी है। विशेषज्ञों की इस रिपोर्ट के प्राप्त होने पर जो भी सुझाव आयेंगे उनके अनुसार काम किया जाएगा।
              मुख्यमंत्री का प्रयास रहेगा कि वे समय-समय पर मीडिया कर्मियों से वीसी के माध्यम से चर्चा करें ताकि कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिये राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों एवं लॉकडाउन की स्थिति के बारे में आमजन द्वारा दिया जा रहा फीडबैक मिल सके।
               वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिये उठाये जा रहे कदमों के बारे में प्रारंभिक जानकारी दी। सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी ने मीडिया प्रतिनिधियों से सवाल पूछकर वीडियो कॉन्फ्रेंस वार्ता का संचालन किया। इस दौरान मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री रोहित कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

राजस्थान मे गहलोत सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की बढती नाराजगी अब चरम पर पहुंचती नजर आने लगी।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरुआत से लेकर अबतक लगातार सरकारी स्तर पर लिये जा रहे फैसलो मे मुस्लिम समुदाय को हिस्सेदारी के नाम पर लगातार ढेंगा दिखाते आने के बावजूद कल जारी भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अलावा राजस्थान प्रशासनिक व पुलिस सेवा की जम्बोजेट तबादला सूची मे किसी भी स्तर के मुस्लिम अधिकारी को मेन स्टीम वाले पदो पर लगाने के बजाय तमाम बर्फ वाले माने जाने वाले पदो पर लगाने से समुदाय मे मुख्यमंत्री गहलोत व उनकी सरकार के खिलाफ शुरुआत से जारी नाराजगी बढते बढते अब चरम सीमा पर पहुंचती नजर आ रही है। फिर भी कांग्रेस नेताओं से बात करने पर उनका जवाब एक ही आ रहा है कि सामने आने वाले वाले उपचुनाव मे मतदान तो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष मे करने के अलावा अन्य विकल्प भी समुदाय के पास नही है। तो सो प्याज व सो जुतो वाली कहावत हमेशा की तरह आगे भी कहावत समुदाय के तालूक से सही साबित होकर रहेगी। तो गहलोत फिर समुदाय की परवाह क्यो करे।               मुख्यमंत्री गहलोत के पूर्ववर्ती सरकार मे भरतपुर जिले के गोपालगढ मे मस्जिद मे नमाजियों क