सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के 10 ‘हॉटस्पॉट’ होंगे पूरी तरह बंद

कोलकाता, ::  पश्चिम बंगाल सरकार कोविड-19 के 10 हॉटस्पॉट को 14 दिनों के लिए पूरी तरह से बंद करेगी, जहां से संक्रमण के ज्यादा मामले सामने आये हैं।


मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने शनिवार को कहा कि उन इलाकों के स्थानीय बाजारों और सभी सड़कों को बंद कर दिया जाएगा और किसी को भी इलाके में प्रवेश करने या अपने घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।


बहरहाल, मुख्य सचिव ने क्षेत्रों का नाम नहीं बताया।


सिन्हा ने कहा, ‘‘ऐसे क्षेत्र जहां बीमारी फैलने की आशंका अधिक है, हम उन्हें हॉटस्पॉट कह रहे हैं। हम उनका नाम नहीं ले रहे हैं... हम संपूर्ण लॉकडाउन लागू करेंगे... इस कदम से लोगों को अधिक असुविधा होगी लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है... हमें पूर्ण लॉकडाउन लागू करना होगा क्योंकि हम नहीं चाहते कि मामले जंगल की आग की तरह फैलें।’’ मुख्य सचिव ने कहा, ‘‘इन क्षेत्रों में सख्त नियम लागू होंगे। प्रशासन निवासियों के लिए भोजन, पानी और यहां तक कि चिकित्सा सहायता जैसी सभी अनिवार्य चीजों की व्यवस्था करेगा।’’


राज्य सचिवालय के एक अधिकारी ने कहा कि जिला और निकाय अधिकारियों को शनिवार रात से इन जगहों पर ‘‘पूर्ण बंदी’’ शुरू करने का निर्देश दिया गया है।


पश्चिम बंगाल में हॉटस्पॉट व ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्रों के बारे में पूछे जाने पर, राज्य के शीर्ष नौकरशाह ने अलीपुर, भवानीपुर, मुदियाली, बड़ाबाजार, नयाबाद, दमदम, साल्ट लेक, उल्टाडांगा और बेलघोरिया का उल्लेख किया।


उन्होंने कहा कि उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिले के कुछ हिस्सों, हावड़ा के मल्लिक फाटक क्षेत्र, फोरशोर रोड, राजबल्लभ साहा लेन, सल्किया और हावड़ा जिला अस्पताल के आसपास के क्षेत्रों को कोविड-19 हॉटस्पॉट और क्लस्टर के रूप में पहचाना गया है।


उन्होंने कहा, ‘‘कलिम्पोंग, तेहट्टा (नदिया जिला), एग्रा (पूर्व मेदिनीपुर), हल्दिया भी इन हॉटस्पॉटों के अंतर्गत आते हैं और उन्हें पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।’’


राज्य सरकार इन हॉटस्पॉट में तेजी से जांच करने की भी योजना बना रही है।


उन्होंने कहा कि प्रशासन सोडियम हाइपोक्लोराइट से इन स्थानों को संक्रमण-मुक्त करेगा।


पश्चिम बंगाल में कोविड-19 से अब तक पांच मौतें और 116 मामले दर्ज किए गए हैं। 89 सक्रिय मामले हैं, जबकि 22 लोग ठीक हो चुके हैं।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया

 आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया। विद्यालय में इस सत्र में आई.सी.एस.ई. (कक्षा 10) तथा आई.एस.सी. (कक्षा 12) में कुल सम्मिलित छात्र-छात्राओं की संख्या क्रमशः 153 और 103 रही। विद्यालय का परीक्षाफल शत -प्रतिशत रहा। इस वर्ष कोरोना काल में परीक्षा परिणाम विगत पिछले परीक्षाओं के आकलन के आधार पर निर्धारित किए गए है ।  आई.सी.एस.ई. 2021 परीक्षा में स्वयं गर्ग ने 98% अंक लाकर प्रथम,  ऋषिका अग्रवाल  ने 97.6% अंक लाकर द्वितीय तथा वृंदा अग्रवाल ने 97.4% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   आई .एस.सी. 2021 परीक्षा में आयुष शर्मा  ने 98.5% अंक लाकर प्रथम, कुशाग्र पांडे ने 98.25% अंक लाकर द्वितीय तथा आरुषि अग्रवाल ने 97.75% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   उल्लेखनीय है कि आई.एस.सी. 2021 परीक्षा में इस वर्ष विद्यालय में 21 छात्रों ने तथा आई.सी.एस.ई.की परीक्षा में 48 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक लाएं।   आई.सी.एस. 2021 परीक्षा में प्रथम आये आयुष शर्मा के पिता श्री श्याम जी शर्मा एक व्यापारी हैं । वह भविष्य में

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह