निर्दलीय विधायक बलजीत यादव ने पांच साल के विधायक काल की सैलरी खाद्य सामग्री के लिये देने का ऐहलान किया।

जयपुर।
              राजस्थान के वर्तमान दोसो विधायको मे से अधिकांश विधायको ने कोराना वायरस के कारण लोकडाऊन से उपजे हालात मे भूखे को भोजन उपलब्ध करवाने के लिये अपने विधायक कोष से खाद्य सामग्री वितरित करने के लिये मुख्यमंत्री की अपील के बाद रकम जारी करने को सरकार को पत्र लिखे है तो कुछ विधायको ने तो इस तरह का पत्र भी अभी तक नही लिखा है। चंद विधायक ऐसे हो सकते है कि कुछ हजार अपनी निजी जेब से मुख्यमंत्री राहत कोष मे जमा करवाये या जमा करवाने का कहा है। लेकिन इन सब हालात के मध्य अलवर जिले की बहरोड विधानसभा से चुने गये निर्दलीय विधायक बलजीत यादव ने अपने पांच साल के विधायक काल की पूरी सैलरी खाद्य सामग्री जरुरतमंदो तक उपलब्ध करने के लिये देने का ऐहलान करके एक नई रेखा खींच दी है।
              हालांकि सरकार को चाहिए की जीन जीन विधायको ने अपनी सैलेरी, निजी आमदनी मे से या विधायक निधि विकास कोष से लोकडाऊन के कारण उपजे दुखद हालात मे कितना कितना बजट किस मद से दिया है। उसको सावर्जनिक करे ताकि जनप्रतिनिधि की सवेदनशीलता का पैमाना नापा जा सके। विधायक व सांसद नही होने के बावजूद कुछ जन नेता ऐसे भी है जिन्होने अपनी निजी आय से लोकडाऊन से उपजे हालात को समय रहते भांपकर पहले दिन से ही खाद्य सामग्री के किट जरुरतमंद लोगो तक पहुंचा रहे है। सीकर के जननेता पूर्व केंन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया भी उनमे से एक नेता ऐसे है कि वो पहले दिन से आज तक लगातार एक परिवार की पंद्रह दिन की सभी तरह की आवश्यक खाद्य सामग्री का किट जरुरतमंदों तक पहुंचा रहे है। अब तक महरिया हजारों पैकेट जरुरतमंदों तक पहुंचा चुके है। जो सीलसीला लगातार जारी है।


Popular posts
सीकर मे पचपन किलोमीटर पैदल यात्रा करके मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। - निकाली गई मुख्यमंत्री गहलोत की शव यात्रा (जनाजा यात्रा) क्षेत्र मे चर्चा का विषय बनी।
चित्र
बेरीस्टर असदुद्दीन आवेसी को महेश जोशी द्वारा भाजपा ऐजेंट बताने की कायमखानी ने कड़ी निंदा की।
राजस्थान की राजनीति मे कांग्रेस-भाजपा के अतिरिक्त आगामी विधानसभा चुनावों मे तीसरे विकल्प की सम्भावना बनती दिखाई दे रही है। - कोटा नगर निगम चुनाव मे वेलफेयर पार्टी व एसडीपीआई के उम्मीदवार विजयी होने से हलचल।
मुस्लिम समुदाय की नाराजगी से राजस्थान के पंचायत चुनाव मे कांग्रेस को मुश्किलातों का सामना करना पड़ सकता है।
जुलाई-19 मे मदरसा पैराटीचर्स के जयपुर मे चले बडे आंदोलन की तरह दांडी यात्रा का परिणाम आया।
चित्र