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कोराना वायरस को लेकर राजस्थान सरकार का बडा ऐहलान।


जयपुर।
             राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों के कोरोना अभियान से संबंधित ड्यूटी पर रहते हुए कोरोना संक्रमण की वजह से असामयिक मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये की सहायता आश्रित/परिवार को देने की घोषणा की है।
          भारत सरकार द्वारा कोरोना-महाप्रकोप में ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाने पर सिर्फ स्वास्थ्य कर्मियों का 50 लाख रुपये का बीमा करने की घोषणा की है, इसका दायरा बढ़ाते हुए राज्य सरकार द्वारा उक्त स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा अन्य सभी राज्य कर्मचारियों (पटवारी, ग्राम सेवक, कानिस्टेबल इत्यादि), संविदा कर्मचारी (सफाई कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मचारी इत्यादि) एवं मानदेय कर्मचारी (होम गार्ड, सिविल डिफेंस, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका, मिनी आशा इत्यादि) को कोरोना अभियान की ड्यूटी पर रहते हुए कोरोना संक्रमण की वजह से असामयिक मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये की सहायता दी जायेगी।


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वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह

पत्रकारिता क्षेत्र मे सीकर के युवा पत्रकारों का दैनिक भास्कर मे बढता दबदबा। - दैनिक भास्कर के राजस्थान प्रमुख सहित अनेक स्थानीय सम्पादक सीकर से तालूक रखते है।

                                         सीकर। ।अशफाक कायमखानी।  भारत मे स्वच्छ व निष्पक्ष पत्रकारिता जगत मे लक्ष्मनगढ निवासी द्वारा अच्छा नाम कमाने वाले हाल दिल्ली निवासी अनिल चमड़िया सहित कुछ ऐसे पत्रकार क्षेत्र से रहे व है। जिनकी पत्रकारिता को सलाम किया जा सकता है। लेकिन पिछले कुछ दिनो मे सीकर के तीन युवा पत्रकारों ने भास्कर समुह मे काम करते हुये जो अपने क्षेत्र मे ऊंचाई पाई है।उस ऊंचाई ने सीकर का नाम ऊंचा कर दिया है।         इंदौर से प्रकाशित  दैनिक भास्कर के प्रमुख संस्करण के सम्पादक रहने के अलावा जयपुर सीटी भास्कर व शिमला मे भास्कर के सम्पादक रहे सीकर शहर निवासी मुकेश माथुर आजकल दैनिक भास्कर के जयपुर मे राजस्थान प्रमुख है।                 दैनिक भास्कर के सीकर दफ्तर मे पत्रकारिता करते हुये उनकी स्वच्छ व निष्पक्ष पत्रकारिता का लोहा मानते हुये जिले के सुरेंद्र चोधरी को भास्कर प्रबंधक ने उन्हें भीलवाड़ा संस्करण का सम्पादक बनाया था। जिन्होंने भीलवाड़ा जाकर पत्रकारिता को काफी बुलंदी पर पहुंचाया है।                 फतेहपुर तहसील के गावं से निकल कर सीकर शहर मे रहकर सुरेंद्र चोधरी के पत्रका